जगन का नायडू पर हमला: 'बदले की राजनीति' के खिलाफ YSRCP नहीं झुकेगी, DSC-2025 पर लोकेश का इस्तीफा माँगा
सारांश
मुख्य बातें
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने रविवार, 2 अगस्त को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर 'बदले की राजनीति' और 'तानाशाही शासन' अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कथित तौर पर झूठे आपराधिक मामले दर्ज कराए जा रहे हैं और YSRCP इस लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी।
एक्स पर जगन का सीधा संदेश
जगन मोहन रेड्डी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में सीधे नायडू को संबोधित करते हुए कहा, 'चंद्रबाबू, यह याद रखिए: राजनीतिक सत्ता स्थायी नहीं होती। न ही पुलिस की ताकत स्थायी है। झूठे मामले भी स्थायी नहीं हैं। आप चाहे जितने मामले दर्ज कर लें, चाहे आधी रात में कितनी भी गिरफ्तारियाँ कर लें, कितने भी दरवाजे तोड़ दें, या कितने भी पुलिसकर्मी तैनात कर दें, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी पीछे नहीं हटेगी।' उन्होंने आगे कहा, 'हम पीड़ितों के साथ खड़े रहेंगे, अन्याय को चुनौती देंगे और तानाशाही शासन के खिलाफ लड़ेंगे।'
जगन ने यह भी कहा, 'आप लोगों को गिरफ्तार कर सकते हैं, लेकिन आप लोगों के दिलों में बसे साहस को नहीं तोड़ सकते, न ही उनके सवालों को दबा सकते हैं।'
DSC-2025 और लोकेश के इस्तीफे की माँग
YSRCP प्रमुख ने जिला चयन समिति (DSC)-2025 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की माँग दोहराई। उन्होंने सवाल उठाया कि इन कथित अनियमितताओं की सीबीआई जाँच क्यों नहीं कराई जा रही और लोकेश ने अब तक नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद क्यों नहीं छोड़ा।
आर्थिक वादों पर सरकार से जवाब-तलब
जगन ने सरकार से कई वित्तीय सवाल पूछे। उन्होंने जानना चाहा कि विद्या दीवेना और वसति दीवेना योजनाओं के तहत बकाया ₹9,500 करोड़ क्यों नहीं जारी किए जा रहे। साथ ही उन्होंने पूछा कि बेरोजगारी भत्ते के रूप में प्रति माह ₹3,000 देने का वादा क्यों छोड़ दिया गया और पिछले तीन वर्षों में प्रत्येक बेरोजगार युवा के बकाया ₹1.08 लाख कब मिलेंगे।
पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप
YSRCP अध्यक्ष ने राज्य पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी के हमलावरों को संरक्षण मिलता है, जबकि YSRCP के पीड़ितों के खिलाफ उल्टे मामले दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि जो जनप्रतिनिधि पीड़ितों के साथ खड़े होते हैं, उन पर भी केस दर्ज होता है और जवाबदेही माँगने वालों के घरों पर आधी रात को छापे मारे जाते हैं।
जगन ने तीखे शब्दों में पूछा, 'क्या यही लोकतंत्र है? क्या यही न्याय है? क्या यही कानून का राज है?' उन्होंने यह भी दावा किया कि 'जेन जी' पूरे राज्य में आवाज उठा रही है और सरकार से सवाल कर रही है।
आगे की राह
जगन के इस हमले के बाद आंध्र प्रदेश की राजनीति में तनाव और गहराने की संभावना है। YSRCP के ये आरोप और सवाल सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाली सरकार पर दबाव बढ़ाते हैं। DSC-2025 विवाद और कल्याण योजनाओं की बकाया राशि आगामी दिनों में विधानसभा और सड़क — दोनों मोर्चों पर राजनीतिक संघर्ष का केंद्र बन सकती है।