जगन मोहन रेड्डी का चंद्रबाबू सरकार पर हमला: आंध्र में हमलावरों को संरक्षण, पीड़ितों पर FIR
सारांश
मुख्य बातें
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 2 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की सरकार पर कानून व्यवस्था के पूर्ण पतन का आरोप लगाया। उनका कहना है कि राज्य में 'बदले की राजनीति' का बोलबाला है — सत्ताधारी दल से जुड़े हमलावरों को पुलिस सुरक्षा मिल रही है, जबकि विपक्षी दल के पीड़ितों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
एक्स पर उठाए तीखे सवाल
जगन मोहन रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सीधे मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा, 'चंद्रबाबू नायडू, आज आंध्र प्रदेश में असल में क्या हो रहा है? अगर हमला करने वाले सत्ताधारी पार्टी के हों तो उन्हें सुरक्षा मिलती है। अगर पीड़ित वाईएसआर कांग्रेस के हों तो उन पर केस दर्ज होते हैं। सरकार से सवाल पूछने वालों को गिरफ्तार किया जाता है। क्या यही लोकतंत्र है? क्या यही न्याय है?'
विधायक विरुपाक्षी की गिरफ्तारी पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने आलूर के बीसी विधायक विरुपाक्षी की गिरफ्तारी का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने पूछा कि क्या लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित विधायक के घर पर रात 2:45 बजे भारी पुलिस बल भेजकर दरवाजा तोड़ना उचित था।
जगन के अनुसार, चिप्पागिरी मंडल के नेमाकल्लू गाँव में कथित तौर पर तेलुगु देशम पार्टी (TDP) कार्यकर्ताओं ने एक YSRCP नेता के घर पर हमला किया। मदद के लिए बुलाए जाने पर जब विधायक विरुपाक्षी पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचे, तो उन पर भी पथराव किया गया और उनके भाई घायल हो गए। इसके बावजूद, जगन के अनुसार, पुलिस ने हमलावरों की बजाय विधायक और YSRCP कार्यकर्ताओं पर हत्या के प्रयास जैसे संगीन आरोप लगाए।
जगन ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने विधायक के घर से सीसीटीवी हार्ड डिस्क जब्त की, और सवाल किया कि कहीं इसका उद्देश्य आधी रात के पुलिस ऑपरेशन की कथित ज्यादती को छुपाना तो नहीं था।
श्रीकाकुलम और गुंटूर के मामले
श्रीकाकुलम जिले में पूर्व मंत्री सीडिरी अप्पाला राजू की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए जगन ने आरोप लगाया कि एक सड़क दुर्घटना को राजनीतिक प्रतिशोध के तहत हत्या के मामले में बदल दिया गया। उनका दावा है कि जब राजू पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचे तो भारी भीड़ उमड़ी, और इसके बाद सरकार ने कथित तौर पर वीडियो से छेड़छाड़ कर चिंताडा रविकुमार समेत अन्य नेताओं पर मुकदमे दर्ज किए।
गुंटूर ईस्ट के पूर्व विधायक शेख मोहम्मद मुस्तफा के मामले में भी उन्होंने इसी पैटर्न की ओर ध्यान दिलाया। जगन के अनुसार, एक व्यावसायिक विवाद में शामिल व्यक्ति को पुलिस को सौंपे जाने के बावजूद मुस्तफा पर अपहरण का मामला दर्ज कर दिया गया — महज इसलिए कि वे YSRCP से जुड़े हैं।
शासन पर बड़े सवाल
जगन ने DSC-2025 में कथित अनियमितताओं की CBI जाँच, शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की माँग, 'विद्या दीवेना' और 'वसति दीवेना' योजनाओं के ₹9,500 करोड़ के बकाया तथा ₹3,000 बेरोजगारी भत्ते जैसे मुद्दे भी उठाए। उनका तर्क है कि इन सवालों का जवाब देने की बजाय सरकार झूठे मुकदमों, आधी रात की गिरफ्तारियों और पुलिस की ज्यादती से ध्यान भटका रही है।
चंद्रबाबू को चेतावनी
जगन मोहन रेड्डी ने अपनी पोस्ट में चंद्रबाबू नायडू को चेतावनी देते हुए कहा, 'राजनीतिक सत्ता और पुलिस की ताकत हमेशा नहीं रहती। आप कितने भी केस दर्ज करें, कितने भी दरवाजे तोड़ें, वाईएसआरसीपी पीछे नहीं हटेगी।' उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है, लेकिन उनके साहस और सवालों को नहीं दबाया जा सकता। यह टकराव आंध्र प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में और तीव्र होने के संकेत दे रहा है।