TMC का चुनाव चिह्न ममता बनर्जी के नाम: कुणाल घोष का विद्रोही गुट पर सीधा हमला
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक कुणाल घोष ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को कोलकाता में स्पष्ट किया कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और उसका 'घास पर दो फूल' वाला चुनाव चिह्न पूरी तरह ममता बनर्जी के नाम है और आगे भी उन्हीं के पास रहेगा। उन्होंने पार्टी के भीतर बताए जा रहे विद्रोही गुट — जिसे उन्होंने 'तकिया गुट' कहा — पर तीखा कटाक्ष करते हुए यह भी पूछा कि क्या वह गुट आगामी विधानसभा उपचुनाव में 'तकिया' चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करके मैदान में उतरने की हिम्मत रखता है।
चुनाव आयोग की समय-सीमा और कानूनी दाँव
घोष के अनुसार, चुनाव आयोग ने TMC की टीम को सभी सबूत और दस्तावेज पेश करने के लिए गुरुवार शाम 4 बजे के बाद का समय दिया है। उन्होंने कहा कि स्क्रूटनी (जांच-पड़ताल) की समय-सीमा उससे पहले समाप्त हो जाएगी। घोष ने कहा, 'अगर स्क्रूटनी की समय-सीमा निकल जाती है, तो कानून और स्थापित नियमों के अनुसार यथास्थिति बनी रहेगी।'
उन्होंने जोड़ा कि चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का अधिकार ममता बनर्जी के पास है और सुनवाई केवल पत्र-व्यवहार के आधार पर नहीं, बल्कि समग्र साक्ष्यों के आधार पर होगी।
कल्याण बनर्जी संभाल रहे हैं कानूनी मोर्चा
घोष ने बताया कि सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी इस पूरे कानूनी विवाद का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। कल्याण-दा इस लड़ाई का नेतृत्व कर रहे हैं।' यह पूरे मामले में TMC की आधिकारिक कानूनी रणनीति का संकेत है।
गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव नजदीक हैं और पार्टी के भीतर किसी गुट द्वारा चुनाव चिह्न पर दावा किए जाने की खबरें चर्चा में हैं।
विद्रोही गुट पर सीधा कटाक्ष
घोष ने बिना नाम लिए 'चटन' जैसे लोगों का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर सब कुछ कानून के मुताबिक हुआ, तो 'दो फूल' वाला चुनाव चिह्न ममता बनर्जी के पास ही रहेगा। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि विद्रोही गुट के लोगों को चुनाव लड़ने के लिए 'तकिया' चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करना होगा।
घोष ने यह भी कहा कि यह कयास नहीं लगाया जा रहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) चुनाव आयोग पर दबाव डालकर क्या कर सकती है, लेकिन 'कानूनी तौर पर, लाइन वहीं से शुरू होती है जहां ममता बनर्जी खड़ी होती हैं।'
आगे क्या होगा
अभी तक चुनाव आयोग की ओर से कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है। घोष के अनुसार टीम की बैठक और चर्चा के बाद ही आगे का कदम उठाया जाएगा। स्क्रूटनी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद कानूनी स्थिति TMC के पक्ष में यथावत रहने की संभावना जताई जा रही है। कल्याण बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी की कानूनी टीम चुनाव आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए तैयार है।