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आंध्र पुलिस के FBI बनने पर जगन मोहन रेड्डी का चंद्रबाबू नायडू पर तीखा हमला

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आंध्र पुलिस के FBI बनने पर जगन मोहन रेड्डी का चंद्रबाबू नायडू पर तीखा हमला

सारांश

आंध्र प्रदेश पुलिस ने एक्स से पोस्ट हटवाने के लिए खुद को FBI बताया — और एक्स ने इसकी पुष्टि कर दी। जगन मोहन रेड्डी ने इसे 'राज्य प्रायोजित धोखा' कहा और चंद्रबाबू नायडू से सवाल पूछे। यह विवाद आंध्र प्रदेश में डिजिटल सेंसरशिप और पुलिस की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 16 सितंबर को मुख्यमंत्री एन.
चंद्रबाबू नायडू पर एक्स के ज़रिए तीखा हमला बोला।
आंध्र प्रदेश पुलिस ने एक्स से पोस्ट हटाने के अनुरोध में खुद को FBI बताया, जबकि अनुरोध पुलिस के आधिकारिक ईमेल से भेजा गया था।
एक्स ने पुष्टि की कि अनुरोध आंध्र प्रदेश पुलिस के ईमेल पते से आया था, FBI की ओर से नहीं।
जगन ने इसे 'राजनीतिक सेंसरशिप' और 'राज्य प्रायोजित धोखा' करार देते हुए राज्य व देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने वाला बताया।
रेड्डी ने नायडू सरकार को 'सुपर सिक्स' और 'सुपर सेवन' वादे पूरे करने तथा सूखे में किसानों की मदद पर ध्यान देने की नसीहत दी।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 16 सितंबर को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर तीखा प्रहार किया, जब यह सामने आया कि राज्य पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स से पोस्ट हटवाने के अनुरोध में खुद को अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) बताया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा और राज्य की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने वाला कदम करार दिया।

मुख्य घटनाक्रम

जगन मोहन रेड्डी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश पुलिस ने एक्स से पोस्ट हटाने की माँग करते समय अपनी पहचान FBI के रूप में दर्शाई। उन्होंने लिखा, 'चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में 'रेड बुक गवर्नेंस' अब ग्लोबल हो गई है। अब इसमें आंध्र प्रदेश पुलिस FBI बनकर सामने आ रही है। नकली पहचान, लोकतंत्र के लिए असली खतरा।'

रेड्डी ने आगे कहा, 'मिस्टर चंद्रबाबू नायडू गारू, क्या यह पुलिसिंग है, या राजनीतिक मकसद से परेशान करने के लिए राज्य द्वारा प्रायोजित धोखा? एक्स से पोस्ट हटाने की माँग करते समय आपकी पुलिस फोर्स का खुद को यूएस फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन बताना सबसे शर्मनाक हरकत है, जो हमारे राज्य और देश की प्रतिष्ठा को खराब करती है।'

एक्स ने की पुष्टि, उठे गंभीर सवाल

जगन मोहन रेड्डी के अनुसार, एक्स ने स्वयं पुष्टि की है कि पोस्ट हटाने का अनुरोध आंध्र प्रदेश पुलिस के आधिकारिक ईमेल पते से भेजा गया था, न कि FBI की ओर से। बावजूद इसके, अनुरोध में भेजने वाली संस्था के रूप में 'FBI' का नाम दर्ज किया गया था। उन्होंने तीन सीधे सवाल उठाए — इस पोस्ट हटाने के आदेश का स्रोत कौन था, FBI की पहचान का दुरुपयोग क्यों किया गया, और क्या यह एक्स को जानबूझकर गुमराह करने तथा सरकार की आलोचना को दबाने की सुनियोजित कोशिश थी।

सरकार पर राजनीतिक सेंसरशिप का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'पुलिस की वर्दी कानून की रक्षा के लिए होती है, न कि आपकी राजनीतिक सेंसरशिप लागू करने के लिए।' उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए पोस्ट हटाने के अभियान में एक विदेशी जाँच एजेंसी का नाम घसीटने से आंध्र प्रदेश की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुँचा है और राज्य पुलिस की विश्वसनीयता पर गहरा प्रश्नचिह्न लगा है।

आम जनता पर असर और विकास के मुद्दे

रेड्डी ने नायडू सरकार को आलोचकों की आवाज दबाने की बजाय 'सुपर सिक्स' और 'सुपर सेवन' चुनावी वादों को पूरा करने, सूखे की मुश्किल घड़ी में किसानों की सहायता करने और वास्तविक रोज़गार सृजन पर ध्यान केंद्रित करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा, 'सोशल मीडिया की वजह से सोच-समझकर बनाई गई स्टोरी के पीछे छिपना नामुमकिन हो गया है।'

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और विपक्षी YSRCP के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। अब तक चंद्रबाबू नायडू सरकार या राज्य पुलिस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह विवाद विधानसभा और न्यायिक मंचों पर भी उठाए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह न केवल पुलिस की जवाबदेही का सवाल है, बल्कि एक विदेशी सरकारी एजेंसी की पहचान के दुरुपयोग से जुड़ा कानूनी मसला भी है। मुख्यधारा की कवरेज इसे राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित कर देती है, लेकिन असली मुद्दा यह है कि किसके आदेश पर और किस कानूनी आधार पर यह अनुरोध भेजा गया — जिसका जवाब अब तक नायडू सरकार ने नहीं दिया है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र पुलिस ने एक्स पर खुद को FBI क्यों बताया?
जगन मोहन रेड्डी के आरोपों और एक्स की पुष्टि के अनुसार, आंध्र प्रदेश पुलिस ने एक्स से पोस्ट हटाने का अनुरोध करते समय भेजने वाली संस्था के रूप में FBI का नाम दर्ज किया, जबकि अनुरोध पुलिस के आधिकारिक ईमेल से आया था। इसके पीछे की मंशा और आदेश-शृंखला अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
एक्स ने इस मामले में क्या पुष्टि की?
जगन मोहन रेड्डी के अनुसार, एक्स ने स्वयं इस बात की पुष्टि की कि पोस्ट हटाने का अनुरोध आंध्र प्रदेश पुलिस के आधिकारिक ईमेल पते से भेजा गया था, न कि FBI की ओर से। इसके बावजूद अनुरोध में भेजने वाली संस्था FBI दर्शाई गई थी।
जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू से क्या सवाल पूछे?
रेड्डी ने तीन प्रमुख सवाल उठाए — पोस्ट हटाने के ऑपरेशन का आदेश किसने दिया, FBI की पहचान का गलत इस्तेमाल क्यों किया गया, और क्या यह एक्स को गुमराह करने और सरकार की आलोचना को दबाने की सुनियोजित कोशिश थी।
इस विवाद का आंध्र प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
यह घटना सत्तारूढ़ TDP और विपक्षी YSRCP के बीच पहले से तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकती है। चंद्रबाबू नायडू सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, और यह मामला विधानसभा व न्यायिक मंचों पर उठाए जाने की संभावना है।
जगन मोहन रेड्डी ने नायडू सरकार को क्या नसीहत दी?
रेड्डी ने नायडू सरकार से आलोचकों की आवाज दबाने की बजाय 'सुपर सिक्स' और 'सुपर सेवन' चुनावी वादे पूरे करने, सूखे में किसानों की मदद करने, वास्तविक रोज़गार सृजन करने और राज्य के विकास पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।
राष्ट्र प्रेस
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