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जगन मोहन रेड्डी का चंद्रबाबू नायडू सरकार पर हमला: YSRCP के सोशल मीडिया हैंडल बंद करना 'अलोकतांत्रिक'

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जगन मोहन रेड्डी का चंद्रबाबू नायडू सरकार पर हमला: YSRCP के सोशल मीडिया हैंडल बंद करना 'अलोकतांत्रिक'

सारांश

जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू सरकार पर YSRCP के फेसबुक और इंस्टाग्राम हैंडल बंद कराने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार यह अमरावती खर्च, डीएससी और टीटीडी घी टेंडर जैसे मुद्दों पर सवाल उठाने वालों को चुप कराने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है।

मुख्य बातें

वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 14 जून 2026 को एन.
चंद्रबाबू नायडू सरकार पर विपक्ष की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया।
YSRCP का आधिकारिक फेसबुक पेज भारत में अवरुद्ध है; इससे पहले इंस्टाग्राम हैंडल भी हटाया जा चुका है।
रेड्डी ने अमरावती विकास खर्च , डीएससी प्रक्रिया और टीटीडी घी टेंडर पर सरकार से सवाल पूछने वालों पर मुकदमे दर्ज होने का आरोप लगाया।
YSRCP प्रमुख ने हर कानूनी और संवैधानिक रास्ते से इन कदमों को चुनौती देने की प्रतिबद्धता जताई।
रेड्डी ने सोशल मीडिया पेजों की तुरंत बहाली की माँग की और इसे 'पूरी तरह अलोकतांत्रिक' बताया।

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 14 जून 2026 को मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर विपक्ष और आम जनता की आवाज़ को व्यवस्थित रूप से दबाने का गंभीर आरोप लगाया। रेड्डी ने कहा कि पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल को निशाना बनाकर सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार कर रही है।

सोशल मीडिया हैंडल पर रोक का मामला

रेड्डी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जानकारी दी कि YSRCP का आधिकारिक फेसबुक पेज भारत में अब सुलभ नहीं है। उन्होंने बताया कि इससे पहले इस वर्ष की शुरुआत में पार्टी का आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल भी हटाया जा चुका है। रेड्डी के अनुसार, यह कदम केवल एक विपक्षी दल पर नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है।

सरकार पर लगाए गए आरोप

रेड्डी ने कहा कि अमरावती राजधानी विकास में कथित फिजूलखर्ची, डीएससी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, टीटीडी घी टेंडर विवाद और अन्य जनहित के मामलों पर सरकार से सवाल पूछने वालों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन आलोचनात्मक सामग्री पर रोक लगाने तक एक 'चिंताजनक पैटर्न' उभर रहा है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक मिसाल है।

विपक्ष की प्रतिबद्धता

रेड्डी ने स्पष्ट किया कि YSRCP इन कदमों को हर कानूनी और संवैधानिक रास्ते से चुनौती देगी। उन्होंने कहा कि कोई भी धमकी, सेंसरशिप या संस्थाओं का दुरुपयोग जनता की आवाज़ को नहीं दबा सकता। पार्टी सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेह ठहराने और बोलने व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

बहाली की माँग

YSRCP प्रमुख ने लोकतंत्र की रक्षा और संवैधानिक भावना को बनाए रखने के हित में पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों को तुरंत बहाल करने की माँग की है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ गठबंधन और YSRCP के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके राजनीतिक निहितार्थ गहरे हैं। आंध्र प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से विपक्षी दल और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है, और यह घटना उसी का नवीनतम अध्याय है। असली सवाल यह है कि क्या ये हैंडल सरकारी दबाव से बंद हुए या प्लेटफॉर्म की अपनी नीतियों के तहत — इसका जवाब अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है। बिना इस स्पष्टता के, दोनों पक्षों के दावे अधूरे हैं, और मीडिया को इस अंतर को रेखांकित करना चाहिए।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
रेड्डी ने आरोप लगाया है कि नायडू सरकार YSRCP के आधिकारिक फेसबुक और इंस्टाग्राम हैंडल बंद कराकर विपक्ष की आवाज़ को दबा रही है। उनके अनुसार यह लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
YSRCP के कौन-से सोशल मीडिया हैंडल प्रभावित हुए हैं?
रेड्डी के अनुसार, 2026 की शुरुआत में YSRCP का आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल हटाया गया था और अब भारत में आधिकारिक फेसबुक पेज भी सुलभ नहीं है।
रेड्डी ने सरकार पर और किन मुद्दों पर सवाल उठाए हैं?
रेड्डी ने अमरावती राजधानी विकास में कथित फिजूलखर्ची, डीएससी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और टीटीडी घी टेंडर विवाद का उल्लेख किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों पर सवाल उठाने वालों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
YSRCP इस मामले में क्या कदम उठाएगी?
रेड्डी ने स्पष्ट किया है कि पार्टी इन कदमों को हर कानूनी और संवैधानिक रास्ते से चुनौती देगी। उन्होंने पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों की तुरंत बहाली की माँग भी की है।
यह विवाद आंध्र प्रदेश की राजनीति के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
2024 के चुनाव में सत्ता गँवाने के बाद YSRCP मुख्य विपक्षी दल है और यह विवाद राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन व विपक्ष के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सोशल मीडिया पर रोक के सवाल राष्ट्रीय स्तर पर भी संवैधानिक बहस को जन्म दे सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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