जगन मोहन रेड्डी का नायडू पर हमला: ‘माविगुन’ प्रस्ताव का राजनीतिक उत्तर नहीं दे पा रहे
सारांश
Key Takeaways
- जगन मोहन रेड्डी: नायडू पर गंभीर आरोप।
- ‘माविगुन’ प्रस्ताव: नई राजधानी का सुझाव।
- महिलाओं के खिलाफ भाषा: आलोचना की गई।
- प्रदर्शन: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने जताया विरोध।
- राजनीतिक तनाव: आंध्र प्रदेश की राजनीति में बढ़ता विवाद।
अमरावती, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर आरोप लगाया कि वे उनके “माविगुन” प्रस्ताव का राजनीतिक उत्तर देने में असमर्थ हैं और इसलिए प्रोपेगेंडा और दुष्प्रचार का सहारा ले रहे हैं।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक तेलुगु मीडिया हाउस के प्रबंध निदेशक पर तीखा हमला करते हुए कहा कि एक टीवी चैनल पर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।
जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि इस तरह की आपत्तिजनक भाषा और महिलाओं को राजनीतिक बहस में घसीटने की कोशिश न केवल आलोचना है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मर्यादा का उल्लंघन है। यह महिलाओं का अपमान है और पत्रकारिता के स्तर पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा, “हम इन टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हैं। यह महिलाओं का अपमान करने और जनचर्चा को भटकाने की सोची-समझी कोशिश है। असली मुद्दा यह है कि ‘माविगुन’ प्रस्ताव का राजनीतिक उत्तर न दे पाने के कारण नायडू और उनसे जुड़े मीडिया संस्थान दुष्प्रचार, भ्रामक जानकारी और अपशब्दों का सहारा ले रहे हैं।”
गौरतलब है कि जगन मोहन रेड्डी ने हाल ही में ‘माविगुन’ (मछलीपट्टनम, विजयवाड़ा और गुंटूर) कॉरिडोर को राज्य की राजधानी बनाने का प्रस्ताव रखा था, जो अमरावती के विकल्प के रूप में सामने आया है।
इसी प्रस्ताव के संदर्भ में एक न्यूज चैनल पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, जिसके विरोध में मंगलवार को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने हैदराबाद स्थित एबीएन आंध्र ज्योति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई व बिना शर्त माफी की मांग की।
जगन ने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण विरोध किया और हिंसा का सहारा नहीं लिया, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस विवादित बयान की निंदा करने के बजाय नारा लोकेश और पवन कल्याण जैसे नेताओं ने इसे समर्थन दिया, जो उनकी मानसिकता को दर्शाता है।
जगन मोहन रेड्डी ने संबंधित मीडिया प्रमुख के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस तरह के बयान न केवल अस्वीकार्य हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देते हैं।