13 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जगन मोहन रेड्डी का TDP गठबंधन पर हमला: 'झूठे मामले, बदले की राजनीति — पछताना पड़ेगा'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जगन मोहन रेड्डी का TDP गठबंधन पर हमला: 'झूठे मामले, बदले की राजनीति — पछताना पड़ेगा'

सारांश

जगन मोहन रेड्डी ने पंचालिंगला जेल में विधायक विरुपाक्षी से मुलाकात के बाद TDP गठबंधन पर सीधा हमला बोला — आरोप है कि पिछड़े और आदिवासी नेताओं पर झूठे मामले थोपे जा रहे हैं और विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है।

मुख्य बातें

वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 13 अगस्त को पंचालिंगला में TDP गठबंधन सरकार पर प्रतिशोधात्मक राजनीति का आरोप लगाया।
विधायक विरुपाक्षी से जेल में मुलाकात के बाद जगन ने कहा — पुलिस ने रात में घर में घुसकर सीसीटीवी कैमरे तोड़े और गिरफ्तारी की।
जगन के अनुसार अप्पलाराजू , मुस्तफा और चिंताड़ा रवि कुमार — तीन और नेताओं पर कथित तौर पर झूठे मामले दर्ज किए गए।
आरोप है कि SC/ST अधिनियम का दुरुपयोग कर पिछड़े और आदिवासी समुदाय के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
TDP सरकार और राज्य पुलिस ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 13 अगस्त को पंचालिंगला में कहा कि आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ TDP गठबंधन सरकार खुलेआम प्रतिशोधात्मक राजनीति कर रही है — विपक्षी नेताओं पर झूठे मामले थोपकर और पिछड़े व आदिवासी समुदायों को निशाना बनाकर। उन्होंने चेतावनी दी कि इस रास्ते पर चलने वालों को आने वाले दिनों में पछताना पड़ेगा।

मुलाकात का संदर्भ

जगन मोहन रेड्डी गुरुवार को पंचालिंगला की स्थानीय जेल में बंद वाईएसआरसीपी विधायक विरुपाक्षी से मिलने पहुँचे थे। मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने विधायक के घर में जबरन घुसकर सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और रात के अँधेरे में उन्हें गिरफ्तार किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि TDP के एक कार्यकर्ता ने अपनी पत्नी के कपड़े खुद फाड़े और इसका इल्जाम विधायक पर मढ़ दिया, ताकि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तारी संभव हो सके। जगन के अनुसार, जब वाईएसआरसीपी कार्यकर्ता के घर पर हमले के सबूत पुलिस के सामने रखे गए, तब भी मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया गया।

विधायक की गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

जगन ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता हरि पर हमला होने पर उसने आपातकालीन सहायता (SOS) भेजी, लेकिन पुलिस निष्क्रिय रही। इसके बाद विधायक विरुपाक्षी खुद हरि को सुरक्षित स्थान पर ले जाने निकले। उनका आरोप है कि इसी दौरान TDP समर्थकों ने गाड़ी पर हमला किया, जिसमें विधायक का भाई गंभीर रूप से घायल हो गया।

अन्य गिरफ्तारियों पर सवाल

जगन ने तीन और मामलों का उल्लेख किया जिन्हें उन्होंने राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उनके अनुसार, अप्पलाराजू को एक साधारण सड़क दुर्घटना के मामले को गंभीर आरोपों में तब्दील कर जेल भेजा गया। मुस्तफा को तंबाकू सौदे के मामूली आधार पर गिरफ्तार कर उस पर अपहरण का मामला थोपा गया। चिंताड़ा रवि कुमार को एक महिला सहायक पुलिसकर्मी पर हमले के आरोप में हिरासत में लिया गया।

जगन का कहना है कि इन सभी मामलों में पैटर्न एक ही है — पिछड़े और आदिवासी समुदायों के नेताओं को निशाना बनाकर वाईएसआरसीपी के समर्थन आधार को कमज़ोर करने की कोशिश।

सरकार की प्रतिक्रिया

इन आरोपों पर TDP गठबंधन सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राज्य पुलिस ने भी इन दावों पर अभी तक कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है।

आगे क्या होगा

जगन मोहन रेड्डी ने स्पष्ट किया कि वाईएसआरसीपी इन मामलों को कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर लड़ेगी। उन्होंने कहा कि जो लोग 'लाल किताब वाले संविधान' का पालन कर रहे हैं, उन्हें जनता की अदालत में जवाब देना होगा। यह टकराव आने वाले महीनों में आंध्र प्रदेश की राजनीति को और तीखा बनाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसका मकसद जनता में यह संदेश देना है कि विपक्ष को व्यवस्थित रूप से दबाया जा रहा है। असली सवाल यह है कि इन मामलों में न्यायपालिका क्या रुख लेती है — क्योंकि राजनीतिक बयानबाजी से परे, आरोपों की सत्यता अदालत में ही तय होगी। आंध्र प्रदेश में सत्ता-विपक्ष के बीच यह टकराव राज्य की लोकतांत्रिक संस्थाओं, खासकर पुलिस की निष्पक्षता, पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने TDP सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया है कि TDP गठबंधन सरकार विपक्षी नेताओं — खासकर पिछड़े और आदिवासी समुदायों से जुड़े नेताओं — पर झूठे मामले दर्ज करवा रही है। उनके अनुसार यह प्रतिशोधात्मक राजनीति है जिसका मकसद वाईएसआरसीपी की आवाज दबाना है।
विधायक विरुपाक्षी को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
जगन के अनुसार, विधायक विरुपाक्षी को SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया। जगन का दावा है कि TDP कार्यकर्ता ने खुद यह स्थिति बनाई और इल्जाम विधायक पर लगाया गया। पुलिस ने विधायक के घर में घुसकर सीसीटीवी कैमरे भी तोड़े, ऐसा जगन ने कहा।
जगन ने किन अन्य नेताओं की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए?
जगन ने अप्पलाराजू (सड़क दुर्घटना को गंभीर आरोप में बदला), मुस्तफा (तंबाकू सौदे को अपहरण का मामला बनाया) और चिंताड़ा रवि कुमार (महिला सहायक पुलिसकर्मी पर हमले का आरोप) — तीन मामलों का विशेष उल्लेख किया।
TDP सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
13 अगस्त तक TDP गठबंधन सरकार या राज्य पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वाईएसआरसीपी आगे क्या कदम उठाएगी?
जगन मोहन रेड्डी ने संकेत दिया है कि पार्टी इन मामलों को कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर लड़ेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि सत्ताधारी पक्ष को आने वाले दिनों में जनता की अदालत में जवाब देना होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले