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वाईएसआरसीपी ने विजयसाई रेड्डी की जगन विरोधी टिप्पणियों को किया खारिज, बताया राजनीतिक षड्यंत्र

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वाईएसआरसीपी ने विजयसाई रेड्डी की जगन विरोधी टिप्पणियों को किया खारिज, बताया राजनीतिक षड्यंत्र

सारांश

वाईएसआरसीपी ने पूर्व सांसद विजयसाई रेड्डी के जगन-विरोधी बयानों को 'राजनीतिक षड्यंत्र' करार दिया। स्टेट कॉर्डिनेटर सज्जाला ने धर्मांतरण और गुटबाजी के आरोप नकारते हुए कहा — जगन ही एकमात्र नेता हैं, बाकी सब कार्यकर्ता।

मुख्य बातें

वाईएसआरसीपी ने 30 अगस्त को पूर्व सांसद वी.
विजयसाई रेड्डी की जगन मोहन रेड्डी विरोधी टिप्पणियों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताकर खारिज किया।
स्टेट कॉर्डिनेटर सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने ताडेपल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी का आधिकारिक रुख स्पष्ट किया।
विजयसाई रेड्डी ने लगभग दो वर्ष पूर्व निजी कारणों से पार्टी छोड़ी थी; उन्हें राज्यसभा के दो कार्यकाल और कई शीर्ष पद मिले थे।
पार्टी ने धर्मांतरण तथा गुटबाजी दोनों आरोपों को निराधार बताया।
वाईएसआरसीपी ने 2024 की हार के बाद भी संगठनात्मक मजबूती का दावा किया और आगामी चुनावों की तैयारी का संकेत दिया।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने 30 अगस्त को पूर्व सांसद वी. विजयसाई रेड्डी द्वारा पार्टी अध्यक्ष एवं आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ की गई हालिया टिप्पणियों को सिरे से नकार दिया। पार्टी ने इन बयानों को राजनीतिक रूप से प्रेरित करार देते हुए कहा कि इनका मकसद जगन की साख को नुकसान पहुँचाना और चंद्रबाबू नायडू सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान हटाना है।

पार्टी का आधिकारिक रुख

ताडेपल्ली स्थित वाईएसआरसीपी के केंद्रीय कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए पार्टी के स्टेट कॉर्डिनेटर सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने स्पष्ट किया कि विजयसाई रेड्डी ने लगभग दो वर्ष पूर्व निजी कारणों का हवाला देकर पार्टी से इस्तीफा दिया था। उन्होंने रेखांकित किया कि जगन ने कभी भी पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के बारे में कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की।

सज्जाला ने यह भी बताया कि पार्टी ने शुरुआत में विजयसाई रेड्डी के बयानों पर जानबूझकर प्रतिक्रिया नहीं दी, ताकि उन्हें अनावश्यक प्रचार न मिले। हालाँकि, उन्होंने माना कि लंबे समय तक मौन रहने से यह आभास हो सकता था कि उनके आरोपों में कोई सच्चाई है।

धर्मांतरण के आरोपों पर पलटवार

विजयसाई रेड्डी के धर्मांतरण संबंधी दावों को खारिज करते हुए सज्जाला ने कहा कि जगन मोहन रेड्डी और वाईएसआर परिवार ने हमेशा सभी धर्मों का समान रूप से सम्मान किया है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि यदि जगन का कोई ऐसा इरादा होता, तो विजयसाई रेड्डी खुद उनके पहले 'लाभार्थी' होते।

गुटबाजी के आरोपों का खंडन

पार्टी के भीतर किसी गुट विशेष के प्रभुत्व के आरोपों को भी सज्जाला ने दृढ़ता से नकारा। उन्होंने कहा कि जगन मोहन रेड्डी ही पार्टी के एकमात्र और सर्वोच्च नेता हैं, जबकि बाकी सभी — विजयसाई रेड्डी सहित — कार्यकर्ता हैं जिन्हें जिम्मेदारियाँ सौंपी गई थीं।

उन्होंने विजयसाई रेड्डी को मिले महत्व का भी उल्लेख किया — राज्यसभा के दो कार्यकाल, संसदीय दल के नेता और राष्ट्रीय महासचिव जैसे प्रमुख पद। सज्जाला ने सवाल उठाया कि इतना सम्मान और जिम्मेदारी पाने वाला व्यक्ति खुद को हाशिए पर कैसे बता सकता है।

संगठनात्मक मजबूती का दावा

सज्जाला ने जोर देकर कहा कि 2024 के विधानसभा चुनावों में मिली हार के बावजूद वाईएसआरसीपी संगठनात्मक रूप से सुदृढ़ है और आगामी स्थानीय निकाय एवं आम चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने पार्टी नेताओं से आग्रह किया कि वे इस मसले पर आगे कोई प्रतिक्रिया न दें और जनता के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित रखें।

आगे क्या

वाईएसआरसीपी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस तरह के 'राजनीतिक भटकावों' में उलझने के बजाय विपक्षी भूमिका में जन-मुद्दों को मुखरता से उठाएगी। पार्टी का रुख संकेत देता है कि वह चंद्रबाबू नायडू सरकार पर दबाव बनाए रखने की रणनीति पर चलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्वयं पार्टी ने स्वीकार किया; इससे यह सवाल उठता है कि क्या 2024 की करारी हार के बाद पार्टी की आंतरिक संचार रणनीति उतनी सुदृढ़ है जितना दावा किया जा रहा है। सज्जाला का यह तर्क कि 'जगन ही एकमात्र नेता हैं' — केंद्रीकृत नेतृत्व की पुष्टि करता है, लेकिन यही केंद्रीकरण 2024 के चुनाव-पश्चात विश्लेषण में पार्टी की कमजोरी के रूप में भी चिह्नित किया गया है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाईएसआरसीपी ने विजयसाई रेड्डी की टिप्पणियों का खंडन क्यों किया?
वाईएसआरसीपी ने कहा कि विजयसाई रेड्डी की टिप्पणियाँ राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और उनका उद्देश्य जगन मोहन रेड्डी की छवि धूमिल करना तथा चंद्रबाबू नायडू सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान हटाना है। पार्टी ने शुरुआत में प्रतिक्रिया देने से परहेज किया था, लेकिन बाद में चुप्पी से गलत संदेश जाने की आशंका को देखते हुए खंडन जारी किया।
विजयसाई रेड्डी ने वाईएसआरसीपी क्यों छोड़ी थी?
पार्टी के अनुसार, विजयसाई रेड्डी ने लगभग दो वर्ष पूर्व निजी कारणों का हवाला देकर वाईएसआरसीपी से इस्तीफा दिया था। सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने स्पष्ट किया कि जगन ने उनके जाने पर कोई नकारात्मक टिप्पणी नहीं की थी।
जगन मोहन रेड्डी पर धर्मांतरण के आरोप क्या हैं और पार्टी ने क्या कहा?
विजयसाई रेड्डी ने जगन मोहन रेड्डी पर धर्मांतरण से जुड़े आरोप लगाए थे। वाईएसआरसीपी ने इन्हें पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि जगन और वाईएसआर परिवार ने हमेशा सभी धर्मों का सम्मान किया है।
2024 की हार के बाद वाईएसआरसीपी की स्थिति क्या है?
पार्टी का दावा है कि 2024 के विधानसभा चुनावों में मिली हार के बावजूद वाईएसआरसीपी संगठनात्मक रूप से मजबूत बनी हुई है और आगामी स्थानीय निकाय व आम चुनावों के लिए तैयार है। सज्जाला ने कहा कि पार्टी जनमुद्दों पर केंद्रित रहेगी।
वाईएसआरसीपी में विजयसाई रेड्डी की क्या भूमिका रही है?
विजयसाई रेड्डी वाईएसआरसीपी में राज्यसभा के दो कार्यकाल, संसदीय दल के नेता और राष्ट्रीय महासचिव जैसे प्रमुख पदों पर रहे। सज्जाला ने इसी को आधार बनाकर उनके 'हाशिए पर होने' के दावे को खारिज किया।
राष्ट्र प्रेस
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