आंध्र प्रदेश: शर्मिला का जगन पर हमला, वाईएसआर के आदर्शों से भटके होने का आरोप
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विजयवाड़ा, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष वाई. एस. शर्मिला रेड्डी ने आज अपने भाई और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपने दिवंगत पिता और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. वाई. एस. राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) के आदर्शों से भटक गए हैं।
शर्मिला ने अपने भाई को प्रतीकात्मक पदयात्रा के बजाय ‘आत्म-विमर्श यात्रा’ करने की सलाह दी।
शर्मिला का यह हमला वाईएसआर की ऐतिहासिक पदयात्रा के 23 साल पूरे होने के अवसर पर आया। यह बयान उस समय दिया गया जब जगन मोहन रेड्डी ने सोशल मीडिया पर वाईएसआर की पदयात्रा के प्रभाव पर अपने विचार साझा किए।
वाईएसआर की विरासत को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा सिर्फ एक राजनीतिक गतिविधि नहीं थी, बल्कि यह गरीबों, वंचितों और पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए एक परिवर्तनकारी आंदोलन था। उन्होंने बताया कि वाईएसआर ने एक समर्पित कांग्रेस नेता के रूप में यह यात्रा की, जिसके परिणामस्वरूप पार्टी ने सत्ता हासिल की और उन्होंने जनता के दिलों में स्थायी स्थान बनाया।
वर्तमान स्थिति की तुलना करते हुए शर्मिला ने अपने भाई की राजनीतिक दिशा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वाईएसआर के नाम पर पार्टी चलाने के बावजूद जगन की नीतियां और फैसले उनके पिता के आदर्शों के विपरीत हैं।
शर्मिला ने यह भी आरोप लगाया कि उनके भाई ने धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से दूरी बना ली है और राजनीतिक अस्तित्व बनाए रखने के लिए “फासीवादी और पूंजीवादी ताकतों” के आगे झुक गए हैं।
उन्होंने अल्पसंख्यकों, दलितों और नागरिक स्वतंत्रताओं से संबंधित राष्ट्रीय मुद्दों पर चुप्पी साधने पर भी सवाल उठाया और केंद्र में सत्तारूढ़ ताकतों का समर्थन करने का आरोप लगाया।
पिछले पांच वर्षों के शासन का जिक्र करते हुए शर्मिला ने दलितों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार की घटनाओं पर चिंता जताई और पूछा कि क्या यह सब वाईएसआर की विरासत के अनुरूप है।
इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर वाईएसआर की ऐतिहासिक पदयात्रा के प्रभाव को याद किया। उन्होंने कहा कि किसी नेता की पदयात्रा राज्य का इतिहास बदलने की शक्ति रखती है।
उन्होंने बताया कि 9 अप्रैल 2003 को वाईएसआर ने कड़ी धूप में लोगों की समस्याएं समझने के लिए पदयात्रा शुरू की थी, जिससे जनता में विश्वास जगा और उन्हें भारी समर्थन मिला, जिसके परिणामस्वरूप वे मुख्यमंत्री बने।
जगन ने कहा कि अपने कार्यकाल के पहले दिन ही किसानों के लिए मुफ्त बिजली की फाइल पर हस्ताक्षर करने से लेकर कई महत्वपूर्ण सुधार और कल्याणकारी योजनाएं लागू की गईं, जिन्होंने राज्य की दिशा बदल दी। इन पहलों से किसानों को मजबूती मिली, महिलाओं को आत्मनिर्भरता मिली और वंचित वर्गों को सुरक्षा मिली।
उन्होंने यह भी कहा कि वाईएसआर की योजनाओं के चलते गरीब परिवारों के कई बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और सिविल सेवक बने, जबकि पोलावरम परियोजना समेत सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं को गति मिली।
जगन ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग क्षेत्रों में वाईएसआर की छाप आज भी अमिट है और उनकी अपनी राजनीतिक यात्रा भी उन्हीं आदर्शों और विरासत से प्रेरित है।