वाईएसआर की 17वीं पुण्यतिथि: जगन और शर्मिला ने कडपा में दी पिता को श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी तथा आंध्र प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष वाईएस शर्मिला ने 2 सितंबर 2026 को कडपा स्थित समाधि स्थल पर अपने पिता और अविभाजित आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) की 17वीं पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की। 2 सितंबर 2009 को एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में असमय निधन के बाद से यह स्थल आंध्र की राजनीति में भावनात्मक केंद्रबिंदु बना हुआ है।
समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि का क्रम
जगन मोहन रेड्डी अपनी माँ विजयम्मा, पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ दिवंगत नेता की समाधि पर पहुँचे और पुष्पांजलि अर्पित की। परिवार ने विभिन्न नेताओं द्वारा आयोजित विशेष प्रार्थना सभाओं में भी भाग लिया। वरिष्ठ नेताओं, पूर्व एवं वर्तमान जन-प्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी संख्या ने भी समाधि पर पहुँचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
गौरतलब है कि 2019 में जगन के मुख्यमंत्री बनने के बाद दोनों भाई-बहनों के बीच राजनीतिक मतभेद उभरे, जिसके बाद से वे जयंती और पुण्यतिथि के कार्यक्रमों में अलग-अलग शिरकत करते आए हैं।
जगन का एक्स पर भावुक संदेश
जगन मोहन रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हमेशा आपकी याद आती है, डैड! आप हमेशा मेरी प्रेरणा रहेंगे।' यह संदेश उनके समर्थकों के बीच व्यापक रूप से साझा किया गया।
शर्मिला ने गिनाई वाईएसआर की विरासत
श्रद्धांजलि देते हुए शर्मिला ने कहा कि वाईएसआर एक ऐसे महान नेता थे जिन्होंने लाखों लोगों के दिलों में अमिट स्थान बनाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वाईएसआर की कल्याणकारी योजनाएँ देश के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा गया एक अध्याय हैं।
शर्मिला ने 'आरोग्यश्री' योजना का विशेष उल्लेख किया, जिसने गरीबों को कॉर्पोरेट-स्तर की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा दी। उन्होंने 'फीस प्रतिपूर्ति' योजना को भी याद किया, जिसने लाखों वंचित छात्रों के लिए मुफ्त शिक्षा सुनिश्चित की। इसके अलावा किसानों को मुफ्त बिजली, 'जल-यज्ञम' सिंचाई परियोजना, 108 और 104 एम्बुलेंस सेवाओं तथा कृषि ऋण माफी को भी उन्होंने वाईएसआर की अविस्मरणीय पहलों में गिनाया।
शर्मिला ने यह भी याद किया कि वाईएसआर के निधन की खबर सुनकर गहरे दुख के कारण 700 लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने कहा कि इस पुण्यतिथि पर वाईएसआर की बेटी के रूप में वे उन सभी को भी श्रद्धांजलि देती हैं और उन सभी का हृदय से आभार व्यक्त करती हैं जिन्होंने दिवंगत नेता को याद किया।
वाईएसआर का राजनीतिक सफर और दुखद अंत
वाई.एस. राजशेखर रेड्डी 2004 से 2009 तक अविभाजित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) को लगातार दूसरी बार विधानसभा चुनाव में जीत दिलाई। इसके कुछ ही महीनों बाद 2 सितंबर 2009 को एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनका निधन हो गया।
उस समय कांग्रेस सांसद रहे जगन ने बाद में पार्टी से अलग होकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) की स्थापना की और 2019 में मुख्यमंत्री बने। हालाँकि 2024 के विधानसभा और लोकसभा चुनावों में YSRCP को करारी हार का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर शर्मिला ने अपनी वाईएसआर तेलंगाना पार्टी का कांग्रेस में विलय कर 2024 की शुरुआत में आंध्र प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्षता सँभाली।
आगे की राजनीतिक राह
यह पुण्यतिथि ऐसे समय में आई है जब जगन विपक्ष में हैं और शर्मिला सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ कांग्रेस का नेतृत्व कर रही हैं। वाईएसआर की विरासत पर दोनों का दावा आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक महत्त्वपूर्ण भावनात्मक धुरी बनी हुई है, जो आने वाले चुनावों में भी प्रासंगिक रहेगी।