जगन मोहन रेड्डी: वाईएसआरसीपी ने राजनीति में नया मोड़ लाया, यह कार्यकर्ताओं की पार्टी
सारांश
Key Takeaways
- वाईएसआरसीपी की स्थापना 2011 में हुई थी।
- जगन मोहन रेड्डी ने पार्टी को कार्यकर्ताओं की पार्टी बताया।
- पार्टी ने मूल्य-आधारित राजनीति का प्रतीक बनने का प्रयास किया है।
- पार्टी के गठन का उद्देश्य कांग्रेस और टीडीपी की साजिशों का सामना करना था।
- कार्यकर्ताओं का समर्पण पार्टी की सफलता का मूल है।
अमरावती, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सदैव मूल्यों और विश्वसनीयता के प्रति समर्पित रहती है। यह बातें पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने बृहस्पतिवार को वाईएसआरसीपी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित पार्टी के स्थापना दिवस समारोह में एक सभा को संबोधित करते हुए कही।
रेड्डी ने स्पष्ट किया, "पार्टी की स्थापना 15 वर्ष पूर्व आज के दिन किए गए अपने वादे को निभाने के लिए की गई थी। पार्टी की शुरुआत एक व्यक्ति से हुई थी और अब यह व्यापक रूप से फैल चुकी है, जिसने राष्ट्रव्यापी स्तर पर अपनी एक विशेष पहचान बना ली है। कांग्रेस पार्टी की साजिशों और धोखेबाज राजनीति के साथ तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के गठजोड़ का सामना करते हुए वाईएसआरसीपी का गठन 12 मार्च 2011 को हुआ था और तब से यह अपने दम पर खड़ी है।"
जगन मोहन रेड्डी ने आगे कहा, “पार्टी का गठन न केवल हमारे परिवार को दृढ़ संकल्प प्रदान करता है, बल्कि यह राज्य की राजनीति में एक नई दिशा और लहर लाता है, क्योंकि यह मूल्य-आधारित राजनीति का प्रतीक है। वाईएसआरसीपी जगन की नहीं, बल्कि करोड़ों कार्यकर्ताओं और समर्थकों की पार्टी है।"
जगन मोहन ने यह भी कहा कि पार्टी का संचालन इस प्रकार किया जा रहा है कि कार्यकर्ताओं को गर्व हो। ईश्वर और जनता में विश्वास ने इसे यहाँ तक पहुँचाया है और आगे भी पहुँचाएगा। उन्होंने पहले पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की जय-जयकार के बीच पार्टी का झंडा फहराया।
जगन मोहन रेड्डी ने वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को पार्टी के 16वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, "वाईएसआरसीपी की स्थापना उनके पिता वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए की गई थी। जनता ही उनकी सच्ची ताकत है। कठिन समय में भी वे पीछे नहीं हटे और दृढ़ता से खड़े रहे। हमारी पार्टी की यात्रा केवल एक राजनीतिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह लाखों समर्पित कार्यकर्ताओं के संघर्ष, विश्वास और बलिदान का प्रमाण है, जो एक ही लक्ष्य से एकजुट हैं।"