एशियन गेम्स 2026: ऋषभ पंत ने भारतीय एथलीटों के लिए माँगा देशवासियों का समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने एशियन गेम्स 2026 में भाग ले रहे भारतीय दल के प्रति एकजुटता दिखाते हुए देशभर के खेलप्रेमियों से अपील की है कि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने एथलीटों का हौसला बढ़ाएँ। पंत ने अपने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में यह भावनापूर्ण संदेश दिया।
पंत का संदेश
वीडियो में ऋषभ पंत ने कहा, 'एशियन गेम्स देखने के लिए मैं बहुत उत्साहित हूँ। आइए हम अपने भारतीय एथलीटों का साथ दें, उनका समर्थन करें और उम्मीद करें कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। चाहे कुछ भी हो, हमें उनके साथ खड़ा होना चाहिए, उनका जोरदार उत्साह बढ़ाना चाहिए और उन्हें भरपूर समर्थन देना चाहिए।' यह अपील ऐसे समय में आई है जब भारतीय दल ऐतिहासिक प्रदर्शन के इरादे से आइची-नागोया पहुँचा है।
एशियन गेम्स 2026: मुख्य तथ्य
एशियन गेम्स 2026 महाद्वीप का सबसे बड़ा खेल आयोजन है, जो हर चार साल में एक बार आयोजित होता है। इसका संचालन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) करती है। इस बार 45 देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी 43 खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह खेलों का 20वाँ संस्करण है और टोक्यो 1958 तथा हिरोशिमा 1994 के बाद जापान की तीसरी बार मेजबानी है।
भारत की दावेदारी
भारत इस बार हांगझू 2023 के रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन — 28 स्वर्ण पदक सहित कुल 107 पदक — से भी बेहतर करने के संकल्प के साथ उतरा है। पुरुष और महिला क्रिकेट, पुरुष और महिला कबड्डी तथा पुरुष हॉकी टीम मौजूदा चैंपियन के रूप में मैदान में हैं।
बैडमिंटन में पीवी सिंधु भारतीय अभियान की अगुवाई करेंगी, जबकि वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू दल का नेतृत्व संभालेंगी। शूटिंग में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर, कुश्ती में अमन सहरावत और बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन पदक की प्रमुख दावेदार हैं।
एथलेटिक्स में भारत की ताकत
एथलेटिक्स में 75 से अधिक भारतीय खिलाड़ी ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में भाग लेंगे। गुलवीर सिंह, तेजस्विन शंकर, मुरली श्रीशंकर, ज्योति याराजी और पारुल चौधरी पदक के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। शॉट पुट में दो बार के मौजूदा चैंपियन तेजिंदरपाल सिंह तूर एक बार फिर अपना खिताब बचाने उतरेंगे।
ध्वजवाहक और आगे की राह
उद्घाटन समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए मनु भाकर और तेजिंदरपाल सिंह तूर को संयुक्त रूप से ध्वजवाहक चुना गया है — क्रमशः खेल कौशल और अनुभव का प्रतीक। गौरतलब है कि यह आयोजन भारतीय खेल जगत के लिए पेरिस ओलंपिक के बाद सबसे बड़ी परीक्षा है, और ऋषभ पंत जैसे क्रिकेटरों के समर्थन से एथलीटों का मनोबल और ऊँचा होना स्वाभाविक है।