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नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर विपक्ष का BJP पर तीखा हमला

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नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर विपक्ष का BJP पर तीखा हमला

सारांश

नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। ममता बनर्जी के समर्थन की घोषणा के तुरंत बाद हुई इस गिरफ्तारी को विपक्ष ने BJP की 'हताशा' और 'घबराहट' बताया — और चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की माँग की।

मुख्य बातें

नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया।
TMC उम्मीदवार संचिता डे प्रधान ने नामांकन वापस लिया, जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मिलन प्रधान को समर्थन दिया।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने गिरफ्तारी को BJP की 'हताशा' बताया और चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की माँग की।
TMC विधायक कुणाल घोष ने इसे BJP की 'घबराहट भरी प्रतिक्रिया' कहा और 'पुलिस राज' का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता उदित राज ने आरोप लगाया कि TMC उम्मीदवार को कथित तौर पर धमकाया या रिश्वत दिया गया।

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 18 सितंबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जमकर निशाना साधा, जब कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया। विपक्षी दलों ने इस उपचुनाव को 'मजाक' और 'तमाशा' करार दिया है।

घटनाक्रम: समर्थन और गिरफ्तारी

दिन की शुरुआत तब बदली जब TMC के बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता डे प्रधान ने नंदीग्राम उपचुनाव से अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को अपना समर्थन देने की घोषणा की। इसी घोषणा के तुरंत बाद मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया।

चौधरी का तीखा बयान

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने एक स्वनिर्मित वीडियो में कहा कि जैसे ही अन्य विपक्षी दलों ने मिलन प्रधान को समर्थन देना शुरू किया, BJP डर गई और हताशे में उसने प्रधान को गिरफ्तार कर लिया — ताकि उपचुनाव में विपक्ष की 'उज्ज्वल संभावनाओं' को विफल किया जा सके। चौधरी ने आगे कहा कि यह लोकतंत्र पर कलंक है कि चुनाव उसी सरकार द्वारा कराए जा रहे हैं जो सभी संस्थाओं को नियंत्रित करती है।

अन्य विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता उदित राज ने आरोप लगाया कि यदि मिलन प्रधान चुनाव न लड़ने पर राज़ी हो जाते तो उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि TMC उम्मीदवार संचिता डे प्रधान को नामांकन वापस लेने के लिए कथित तौर पर धमकाया या रिश्वत दिया गया होगा। उनके अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया 'अलोकतांत्रिक' है।

TMC विधायक कुणाल घोष ने गिरफ्तारी को BJP की 'घबराहट भरी प्रतिक्रिया' बताया। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि ममता बनर्जी के समर्थन की घोषणा के तुरंत बाद यह गिरफ्तारी की गई, और इसे उन्होंने 'फासीवादी सरकार' का संकेत करार दिया। घोष ने 'पुलिस राज' का आरोप भी लगाया।

चुनाव आयोग का संज्ञान लेने की माँग

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि वे इस मामले में चुनाव आयोग (ECI) का ध्यान आकर्षित करेंगे। गौरतलब है कि नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की वह सीट है जहाँ से ममता बनर्जी 2021 के विधानसभा चुनाव में खुद हार गई थीं और यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।

आगे क्या होगा

उम्मीदवार की गिरफ्तारी और नामांकन वापसी के बाद नंदीग्राम उपचुनाव की वैधता और निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्ष के चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की माँग करने के बाद यह देखना होगा कि क्या आयोग कोई कदम उठाता है और क्या मिलन प्रधान को जमानत मिलने के बाद वे चुनावी मैदान में वापस लौट पाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

भले ही पुलिस का कहना हो कि मामला पुराना है। नंदीग्राम का इतिहास — 2007 का भूमि आंदोलन, 2021 में ममता की हार — इसे महज़ एक उपचुनाव नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक रणभूमि बनाता है। असली सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग इस मामले में स्वतंत्र रूप से संज्ञान लेगा — या यह विवाद बिना जवाबदेही के राजनीतिक बयानबाज़ी तक सिमट जाएगा। TMC का कांग्रेस को समर्थन भी असाधारण है और यह INDIA गठबंधन की रणनीतिक पुनर्संरेखण की झलक देता है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को क्यों गिरफ्तार किया गया?
कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया। विपक्ष का आरोप है कि यह गिरफ्तारी ममता बनर्जी के समर्थन की घोषणा के तुरंत बाद की गई, जो BJP की 'घबराहट' का संकेत है।
TMC उम्मीदवार ने नंदीग्राम उपचुनाव से नाम क्यों वापस लिया?
TMC उम्मीदवार संचिता डे प्रधान ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। कांग्रेस नेता उदित राज ने आरोप लगाया कि उम्मीदवार को कथित तौर पर धमकाया या रिश्वत दिया गया।
अधीर रंजन चौधरी ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि BJP ने हताशे में मिलन प्रधान को गिरफ्तार किया ताकि विपक्ष की चुनावी संभावनाओं को विफल किया जा सके। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले में हस्तक्षेप की माँग भी की।
नंदीग्राम राजनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की वह सीट है जहाँ से ममता बनर्जी 2021 के विधानसभा चुनाव में खुद हार गई थीं। यह क्षेत्र 2007 के भूमि आंदोलन के कारण भी ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील है।
अब नंदीग्राम उपचुनाव में आगे क्या होगा?
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद उनकी चुनावी भागीदारी जमानत पर निर्भर करती है। विपक्ष ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की माँग की है और यह देखना होगा कि आयोग क्या कदम उठाता है।
राष्ट्र प्रेस
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