नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार मिलान प्रधान की गिरफ्तारी पर ममता बनर्जी ने भाजपा पर लगाया बदले की राजनीति का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने 18 सितंबर 2026 को नंदीग्राम उपचुनाव से ऐन पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलान प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। बनर्जी ने इस गिरफ्तारी को 'बदले की भावना' और 'ज्यादती की राजनीति' करार देते हुए इसकी टाइमिंग पर गंभीर सवाल उठाए।
गिरफ्तारी की टाइमिंग पर उठे सवाल
TMC द्वारा नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलान प्रधान को औपचारिक समर्थन देने की घोषणा के कुछ ही देर बाद उनकी एक पुराने मामले में गिरफ्तारी की खबर सामने आई। इसी समय-अंतराल को ममता बनर्जी ने संदिग्ध बताते हुए BJP पर सुनियोजित दबाव की राजनीति का आरोप लगाया।
बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को हमारा समर्थन देने के कुछ ही देर बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलान प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना के समय पर गंभीर सवाल उठते हैं और यह भाजपा का पुराना फॉर्मूला है कि किसी पुराने मामले को खोदकर निकालना। लेकिन अभी ही क्यों? ठीक, हमारी कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा के बाद।'
ममता का भाजपा पर सीधा आरोप
बनर्जी ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, 'भाजपा की बदले की भावना और ज्यादती की राजनीति एक साफ पैटर्न दिखाती है। हेर-फेर, वोट की लूट और डराने-धमकाने के जरिए चुनाव एजेंसी और भाजपा की साझेदारी हर दिन लोकतंत्र की हत्या कर रही है।'
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी एकजुटता की परीक्षा नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पर हो रही है। TMC का कांग्रेस को समर्थन इस उपचुनाव में विपक्षी गठबंधन का प्रत्यक्ष संकेत माना जा रहा था।
नंदीग्राम का सियासी महत्व
नंदीग्राम का चुनावी इतिहास पश्चिम बंगाल की राजनीति में हमेशा से निर्णायक रहा है। गौरतलब है कि यही वह सीट है जहाँ 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और BJP नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच कड़ा और बहुचर्चित मुकाबला हुआ था। इस उपचुनाव में TMC-कांग्रेस की साझा रणनीति को राज्य की विपक्षी राजनीति की दिशा तय करने वाला कदम माना जा रहा है।
आलोचकों का कहना है कि भाजपा चुनाव के संवेदनशील दौर में पुराने मामलों को सक्रिय करके विपक्षी उम्मीदवारों पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाती है। हालाँकि BJP की तरफ से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विपक्षी एकता की परीक्षा
TMC द्वारा कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देना राज्य स्तर पर एक असामान्य लेकिन राजनीतिक रूप से सुचिंतित कदम माना जा रहा है। यह दो ऐसे दलों का साझा मोर्चा है जो प्रायः एक-दूसरे के प्रतिस्पर्धी रहे हैं। प्रधान की गिरफ्तारी से यह गठजोड़ और मजबूत हो सकता है, क्योंकि इसे सहानुभूति का कारक बनाया जा सकता है।
अब सभी की निगाहें इस पर हैं कि क्या प्रधान जमानत पाकर चुनाव प्रचार में लौट पाएंगे और नंदीग्राम की यह सियासी जंग किस मोड़ पर जाकर रुकती है।