RBI डिप्टी गवर्नर रोहित जैन ने जम्मू-कश्मीर में बैंकिंग समीक्षा की, ULI अपनाने और क्रेडिट विस्तार पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर रोहित जैन ने 18 सितंबर 2026 को श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के प्रमुख बैंकों के जोनल प्रमुखों के साथ बैंकिंग कामकाज की व्यापक समीक्षा बैठक की। उन्होंने क्षेत्र में क्रेडिट प्रवाह बढ़ाने, वित्तीय समावेश को मज़बूत करने और यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (ULI) को बड़े पैमाने पर अपनाने की आवश्यकता पर विशेष ज़ोर दिया।
बैठक में क्या हुआ
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, डिप्टी गवर्नर रोहित जैन ने अपने शुरुआती संबोधन में जम्मू-कश्मीर में आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में बैंकों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बैंकों से आग्रह किया कि वे ज़रूरी अवसंरचना बनाए रखें, क्रेडिट वितरण में सुधार करें और उन वर्गों तक बैंकिंग सेवाएँ पहुँचाएँ जो अब तक इससे वंचित रहे हैं।
जैन ने ग्राहकों की सेवा-संबंधी ज़रूरतों और शिकायत-निवारण पर ध्यान देने की बात भी कही। उन्होंने बदलती क्रेडिट माँगों को पूरा करने के लिए बैंकों के बीच समन्वित प्रयास की अपील की।
ULI को UPI जैसी क्रांति का माध्यम बताया
बैठक की सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह रही कि डिप्टी गवर्नर ने यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (ULI) को कर्ज़ वितरण की दिशा में क्रांतिकारी साधन बताया। उनके अनुसार, ULI में लोन प्रोसेसिंग को उसी तरह बदलने की क्षमता है जिस तरह UPI ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में बदलाव किया था। उन्होंने बैंकों से कहा कि वे ULI के ज़रिए लोन प्रोसेसिंग को प्राथमिकता दें और इसे ज़मीनी स्तर पर लागू करें।
गौरतलब है कि ULI एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो उधारकर्ता की वित्तीय और गैर-वित्तीय जानकारी को एकीकृत कर कर्ज़ देने की प्रक्रिया को तेज़ और सुगम बनाता है — विशेषकर किसानों और छोटे व्यवसायों के लिए।
डिजिटलीकरण और साइबर फ्रॉड की चेतावनी
डिप्टी गवर्नर ने बैंकिंग सेवाओं के डिजिटलीकरण को और तेज़ करने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने बढ़ते डिजिटल फ्रॉड के प्रति भी सतर्क किया और बैंकों से कहा कि वे ग्राहकों में डिजिटल जागरूकता बढ़ाएँ तथा सुरक्षा तंत्र को मज़बूत करें।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में साइबर धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता की कमी के कारण जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य विशेष रूप से असुरक्षित हैं।
जम्मू-कश्मीर की आर्थिक संभावनाएँ और क्षेत्रीय प्राथमिकताएँ
RBI, जम्मू के क्षेत्रीय निदेशक ने बैठक में जम्मू-कश्मीर के समग्र वित्तीय परिदृश्य की जानकारी दी। उन्होंने कृषि, MSME, पर्यटन, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र में मौजूद आर्थिक संभावनाओं को रेखांकित किया।
बैंकों के जोनल प्रमुखों ने अपने-अपने संस्थानों की कार्य-प्रगति साझा की, जिसमें बैंकिंग नेटवर्क विस्तार, क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात, क्रेडिट प्रवाह और प्राथमिकता क्षेत्रों को दिए जाने वाले कर्ज़ की स्थिति शामिल रही।
समीक्षा में उठाए गए अन्य मुद्दे
बैठक में री-केवाईसी कवरेज, बिना दावे वाली जमा राशि के निपटान और जम्मू-कश्मीर के लिए बैंकों द्वारा शुरू की गई विशेष पहलों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। ULI के साथ बैंकों को जोड़ने की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
यह बैठक ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के समग्र आर्थिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और वित्तीय समावेश को क्षेत्रीय प्रगति की आधारशिला मान रही है। आगे देखना होगा कि बैंक ULI को कितनी तेज़ी से लागू करते हैं और इसका लाभ जम्मू-कश्मीर के अंतिम छोर तक पहुँचने वाले लोगों तक वास्तव में कब पहुँचता है।