न्यूजीलैंड में UPI का स्वागत, ट्रेड मंत्री टॉड मैक्ले बोले — अर्थव्यवस्था आधुनिकीकरण में निभाएगा अहम भूमिका
सारांश
मुख्य बातें
भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) एक और देश में दस्तक देने की राह पर है। न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने 10 जुलाई 2026 को ऑकलैंड में कहा कि उनका देश भारत की क्यूआर-आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI का स्वागत करने के लिए तैयार है, और यह प्रणाली न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब UPI पहले से ही दुनिया के रियल-टाइम डिजिटल भुगतान लेनदेन का लगभग 49 प्रतिशत हिस्सा संभाल रहा है।
मैक्ले का बयान: खुली अर्थव्यवस्था, खुले दरवाजे
मैक्ले ने कहा, "UPI निश्चित रूप से न्यूजीलैंड आ सकता है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आज बेहद महत्वपूर्ण है। हम अपनी अर्थव्यवस्था का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। हम दुनिया के लिए पूरी तरह खुले हैं और भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) इस प्रक्रिया को आसान और अधिक भरोसेमंद बनाता है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यूजीलैंड एक खुली अर्थव्यवस्था है और वहाँ आने वाली हर तकनीक को देश के नियमों के अनुरूप होना होता है, लेकिन UPI के लिए यह कोई बड़ी चुनौती नहीं होगी।
UPI का वैश्विक विस्तार: कहाँ तक पहुँचा
वर्तमान में UPI करीब नौ देशों में व्यापारी भुगतान और सीमा-पार धन हस्तांतरण के लिए उपलब्ध है। गौरतलब है कि पिछले महीने के अंत में ग्रीस में भी UPI सेवा शुरू की गई थी, जिसके ज़रिए ग्राहक तेज़, सुरक्षित और कम लागत में अंतरराष्ट्रीय धन हस्तांतरण कर सकते हैं। न्यूजीलैंड में इसके विस्तार से भारतीय प्रवासियों और व्यापारियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
भारत-न्यूजीलैंड व्यापार: तेज़ी से बढ़ती साझेदारी
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 2019-20 में कुल व्यापार लगभग 90 करोड़ डॉलर था, जो 2024-25 में बढ़कर 1.3 अरब डॉलर तक पहुँच गया। इसी अवधि में भारत का निर्यात 37.9 करोड़ डॉलर से बढ़कर 71.1 करोड़ डॉलर हो गया, जबकि न्यूजीलैंड से भारत का आयात 52.2 करोड़ डॉलर से बढ़कर 58.7 करोड़ डॉलर रहा। 27 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षरित FTA के तहत भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले 100 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क समाप्त कर दिया गया है, जबकि न्यूजीलैंड से भारत आने वाले 95 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क या तो पूरी तरह खत्म किया गया है या उसमें बड़ी कटौती की गई है।
कनेक्टिविटी और सप्लाई चेन पर ज़ोर
अमेरिका-ईरान तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन पर मंडरा रहे खतरे के बीच मैक्ले ने कहा कि दोनों देश आपसी संपर्क को और मज़बूत करने पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई शिपिंग सेवाएँ शुरू होंगी और समुद्री व्यापार मार्गों को और सुदृढ़ किया जाएगा। मैक्ले ने कहा, "सप्लाई चेन में चुनौतियाँ हमेशा रहती हैं, लेकिन भारत और न्यूजीलैंड ने आपसी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है।"
हवाई संपर्क और निवेश की नई उड़ान
मैक्ले ने यह भी बताया कि एयर न्यूजीलैंड भारत में अपने तीन नए कार्यालय खोलेगी। इसके अलावा, एयर इंडिया और एयर न्यूजीलैंड ने दोनों देशों के बीच उड़ानों में सहयोग के लिए न्यूजीलैंड के वाणिज्यिक नियामक से अनुमति माँगी है। उन्होंने कहा, "जब दुनिया के अन्य हिस्सों में अनिश्चितता बढ़ रही है, ऐसे समय में भारत और न्यूजीलैंड के बीच FTA दोनों देशों को एक-दूसरे पर अधिक भरोसा करते हुए सहयोग बढ़ाने का अवसर देता है।" आने वाले समय में दोनों देशों के बीच बिज़नेस-टू-बिज़नेस (B2B) सहयोग और निवेश में और तेज़ी देखने को मिलेगी।