NPCI और HSBC इंडिया की साझेदारी: विदेश में UPI भुगतान पर मिलेगा रियल-टाइम फॉरेक्स रेट
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 1 जुलाई 2026 को HSBC इंडिया के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की, जिसके तहत क्रॉस-बॉर्डर UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) लेनदेन के लिए रियल-टाइम विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) सेटलमेंट की सुविधा उपलब्ध होगी। यह कदम विदेश यात्रा करने वाले भारतीय उपभोक्ताओं के लिए डिजिटल भुगतान को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में उठाया गया है।
साझेदारी में क्या है खास
HSBC इंडिया डायरेक्ट API इंटीग्रेशन के माध्यम से रियल-टाइम फॉरेक्स दरें उपलब्ध कराएगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि विदेश में खरीदारी करते समय ग्राहक भुगतान के क्षण ही यह जान सकेंगे कि उन्हें भारतीय रुपये (INR) में कितनी राशि चुकानी होगी। यह व्यवस्था चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगी और HSBC के वैश्विक भुगतान नेटवर्क पर आधारित होगी।
गौरतलब है कि अब तक क्रॉस-बॉर्डर UPI भुगतान में विनिमय दर की जानकारी अक्सर देरी से मिलती थी, जिससे उपभोक्ताओं को अंतिम राशि का पूर्वानुमान लगाना कठिन होता था। यह नई API-आधारित व्यवस्था उस अनिश्चितता को समाप्त करती है।
विदेशी व्यापारियों और भारतीय ग्राहकों पर असर
इस साझेदारी के तहत विदेशों में मौजूद व्यापारी और वित्तीय संस्थान अपनी स्थानीय मुद्रा में भुगतान प्राप्त कर सकेंगे, जबकि भारतीय उपभोक्ताओं को सटीक विनिमय दर का लाभ मिलेगा। इससे क्रॉस-बॉर्डर भुगतान प्रणाली की दक्षता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेंगी।
NPCI के प्रवक्ता के अनुसार, यह साझेदारी सीमा-पार भुगतान के लिए प्रभावी विदेशी मुद्रा रूपांतरण और रियल-टाइम सेटलमेंट उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता दिलाने में मदद मिलेगी।
UPI की अंतरराष्ट्रीय पहुँच अब तक
वर्तमान में भारतीय UPI सेवा सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नेपाल, भूटान, मॉरीशस, फ्रांस, श्रीलंका, कतर और कंबोडिया — कुल 9 देशों में उपलब्ध है। इन देशों में भारतीय उपभोक्ता अपने घरेलू बैंक खाते से सीधे रुपये में QR कोड स्कैन कर भुगतान कर सकते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार और NPCI वैश्विक स्तर पर UPI की स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। NPCI, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के मार्गदर्शन में कार्य करता है और UPI, RuPay, IMPS, NACH, NETC, AePS तथा eRUPI जैसी प्रमुख डिजिटल भुगतान सेवाओं का संचालन करता है।
आगे की दिशा
यह साझेदारी भारत के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम को वैश्विक वित्तीय नेटवर्क से जोड़ने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। विशेषज्ञों के अनुसार, रियल-टाइम फॉरेक्स सेटलमेंट की सुविधा न केवल यात्रियों के लिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार करने वाले छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए भी लाभकारी साबित हो सकती है। आने वाले समय में UPI के वैश्विक विस्तार की गति और तेज होने की उम्मीद है।