ऑनलाइन कट्टरपंथ मामले में NIA का बड़ा कदम: विजयवाड़ा में 9 ISIS समर्थकों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 18 सितंबर 2026 को विजयवाड़ा स्थित विशेष NIA न्यायालय में ऑनलाइन कट्टरपंथ से जुड़े एक गंभीर मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। ये सभी आरोपी आतंकवादी संगठन ISIS के कथित सदस्य और समर्थक हैं, जिन पर इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भारत में खिलाफत स्थापित करने की साजिश रचने का आरोप है।
कौन हैं नौ आरोपी
आरोपपत्र जिन नौ व्यक्तियों के खिलाफ दाखिल किया गया है उनके नाम हैं — मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ, मोहम्मद दानिश, मिर्जा सोहेल बेग, लकी अहमद, जिशान अब्दुल मजीद, मीर आसिफ अली, अब्दुल सलाम, शाहरुख खान और शेख फैजुर रहमान। NIA के अनुसार, ये सभी ISIS की विचारधारा के प्रचार-प्रसार में कथित तौर पर सक्रिय रूप से संलिप्त थे।
मामले का पृष्ठभूमि और दर्ज धाराएँ
यह मामला मूल रूप से 23 मार्च 2026 को विजयवाड़ा द्वितीय टाउन पुलिस स्टेशन, NTR कमिश्नरेट में दर्ज किया गया था। प्रारंभिक FIR में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 113(3), 152, 196(1)(A), 196(2) के साथ धारा 61(2), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66F, तथा गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की धाराएँ 13, 18, 18A, 18B, 38 और 39 शामिल थीं।
NIA द्वारा दाखिल आरोपपत्र में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के साथ धारा 3(5) और 152, तथा UAPA की धाराएँ 13(1), 38 और 39 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
साजिश की प्रकृति और जांच के निष्कर्ष
NIA की जांच में कथित तौर पर यह स्थापित हुआ है कि आरोपियों ने ISIS की गतिविधियों को समर्थन देने के लिए एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा था। उनका कथित उद्देश्य हिंसक जिहाद के माध्यम से भारत में खिलाफत स्थापित करना और देश की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता को खतरे में डालना था।
जांच के अनुसार, आरोपियों ने मुख्य रूप से इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर भोले-भाले युवाओं को हिंसक आतंकवादी गतिविधियों के लिए उकसाया और कट्टरपंथी बनाया। इसके अलावा, वे विस्फोटक बनाने और हथियार प्रशिक्षण की योजना भी बना रहे थे। गौरतलब है कि आरोपियों ने आपस में गुप्त संचार के लिए एक सुरक्षित संचार एप्लिकेशन तक विकसित और परीक्षण किया था।
अब तक की गिरफ्तारियाँ
NIA ने बताया कि इस मामले में अब तक 11 आरोपियों और एक किशोर (जो कानून के साथ संघर्ष कर रहा है) को हिरासत में लिया जा चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय एजेंसियाँ ऑनलाइन माध्यमों से होने वाले कट्टरपंथ पर व्यापक नज़र बनाए हुए हैं।
आगे की जांच जारी
NIA के बयान के अनुसार, शेष आरोपियों और अन्य संदिग्धों के खिलाफ मामले की जांच अभी जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला भारत में ऑनलाइन कट्टरपंथ की बढ़ती चुनौती को उजागर करता है, जहाँ सोशल मीडिया एक प्रमुख भर्ती माध्यम बनता जा रहा है। आने वाले हफ्तों में न्यायालय में सुनवाई के साथ इस मामले में नए खुलासे होने की संभावना है।