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तीन राज्यों से चार कट्टरपंथी युवक गिरफ्तार, आईईडी निर्माण सामग्री बरामद

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तीन राज्यों से चार कट्टरपंथी युवक गिरफ्तार, आईईडी निर्माण सामग्री बरामद

सारांश

स्पेशल सेल की टीम ने तीन राज्यों से चार कट्टरपंथी युवाओं को गिरफ्तार किया है, जो आईईडी निर्माण में शामिल थे। उनकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

मुख्य बातें

चार युवकों की गिरफ्तारी से बढ़ी सुरक्षा चिंताएं।
आईईडी बनाने के सामान की बरामदगी।
सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच।
गजवा-ए-हिंद की विचारधारा का प्रभाव।
पुलिस की गहन जांच जारी है।

नई दिल्ली, १८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एक गुप्त सूचना के आधार पर किए गए विशेष अभियान में स्पेशल सेल की टीम ने तीन विभिन्न राज्यों से चार युवाओं को गिरफ्तार किया है, जो कट्टरपंथी गतिविधियों में संलिप्त थे।

जांच एजेंसियों के अनुसार, ये युवा एक ऐसी विचारधारा से प्रभावित थे जिसके तहत खुरासान क्षेत्र से काले झंडे वाली एक सेना के उद्भव और भारतीय उपमहाद्वीप समेत अन्य क्षेत्रों में खिलाफत की स्थापना का समर्थन किया जाता है। इसी विचारधारा के चलते, वे न केवल खुद को ‘गजवा-ए-हिंद’ के लिए तैयार कर रहे थे, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से दूसरों को भी इसके लिए भड़का रहे थे।

यह कार्रवाई इंस्पेक्टर विनय पाल और मनोज कुमार के नेतृत्व में एनडीआर, स्पेशल सेल की टीम द्वारा की गई, जिसकी निगरानी एसीपी आशीष कुमार कर रहे थे। टीम ने महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, २०२३ की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। तलाशी के दौरान एक आरोपी के पास से आईईडी बनाने के सामान भी मिले हैं और सभी आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं ताकि उनके नेटवर्क और गतिविधियों की जांच की जा सके।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान ठाणे के मोसैब अहमद, मुंबई के मोहम्मद हम्माद, भुवनेश्वर के शेख इमरान और बिहार के कटिहार के मोहम्मद सोहेल के रूप में की गई है। जांच में पाया गया है कि ये सभी एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बने बंद समूहों से जुड़े थे, जहां वे जिहाद के माध्यम से इस्लामिक राज्य की स्थापना की चर्चा करते थे और लोगों को इसके लिए प्रेरित करते थे।

पुलिस के अनुसार, इस समूह के कुछ सदस्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री से रिमोट कंट्रोल के जरिए आईईडी बनाने का प्रयास कर रहे थे। आशंका है कि इसका इस्तेमाल भविष्य में किसी हमले के लिए किया जा सकता था। एक आरोपी सोशल मीडिया पर लोगों को हथियार और विस्फोटक इकट्ठा करने के लिए भड़का रहा था और इसके लिए ऑनलाइन पैसे जुटाने की भी कोशिश कर रहा था। उसने अपने अकाउंट और क्यूआर कोड की जानकारी साझा कर लोगों से आर्थिक मदद मांगी थी। वहीं, एक अन्य आरोपी ने समूह के सदस्यों को हथियारों की ट्रेनिंग देने का वादा किया था और इसके लिए उनसे पैसे भी मांगे थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि एक आरोपी दिसंबर २०२५ में दिल्ली आया था, जहां उसने लाल किला और इंडिया गेट जैसे संवेदनशील स्थलों का दौरा किया। उसने सोशल मीडिया पर लाल किले की एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें किले पर काला झंडा दिखाया गया था, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर लोगों को भड़काने के लिए किया गया।

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है, और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं। अधिकारी कहते हैं कि डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरफ्तार किए गए युवाओं की पहचान क्या है?
गिरफ्तार युवाओं की पहचान मोसैब अहमद, मोहम्मद हम्माद, शेख इमरान और मोहम्मद सोहेल के रूप में हुई है।
क्या कार्रवाई की गई है?
पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है और आईईडी बनाने का सामान बरामद किया है।
ये युवक किस विचारधारा से प्रभावित थे?
ये युवक कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थे, जो जिहाद के माध्यम से इस्लामिक राज्य स्थापित करने की बात करती है।
जांच में क्या सामने आया है?
जांच में यह सामने आया है कि ये युवक एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय थे।
क्या पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी?
हाँ, पुलिस डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी और अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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