आंध्र प्रदेश में आतंकवादी गतिविधियों के संदेह में तीन युवक गिरफ्तार

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आंध्र प्रदेश में आतंकवादी गतिविधियों के संदेह में तीन युवक गिरफ्तार

सारांश

आंध्र प्रदेश पुलिस ने विजयवाड़ा से तीन युवकों को आतंकवादी समूहों से जुड़े संदिग्ध संबंधों के कारण गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये युवक आईएसआईएस और अन्य संगठनों की कट्टरपंथी गतिविधियों में संलग्न थे।

Key Takeaways

  • आंध्र प्रदेश पुलिस ने आतंकवादी गतिविधियों के संदिग्ध संबंधों में तीन युवकों को गिरफ्तार किया।
  • इन युवकों पर आईएसआईएस और एक्यूआईएस से संबंध होने का संदेह है।
  • गिरफ्तारी के समय उनके पास आपत्तिजनक सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण थे।
  • ये युवक सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का प्रयास कर रहे थे।
  • पुलिस ने इन पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

विजयवाड़ा, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश पुलिस ने मंगलवार को विजयवाड़ा से तीन युवकों को आतंकवादी संगठनों के साथ उनके संदिग्ध संबंधों के चलते गिरफ्तार किया।

काउंटर-इंटेलिजेंस सेल ने मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ (23), मोहम्मद दानिश (27) और मिर्जा सोहेल बेग (23) को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने के आरोप में गिरफ्तार किया। तीनों पर आईएसआईएस और एक्यूआईएस से संबंध होने का संदेह है और उन्होंने कथित तौर पर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए 'अल मलिक इस्लामिक यूथ' नामक संगठन की स्थापना की थी। उन्होंने राष्ट्रीय झंडे की जगह आईएसआईएस का झंडा लगाने का प्रचार करने वाला कंटेंट फैलाने का प्रयास किया था।

सीआई सेल ने युवाओं को विंचिपेटा क्षेत्र में उनके निवास के निकट से गिरफ्तार किया और तलाशी ली। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की। बाद में तीनों को चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जिसने उन्हें 6 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद उन्हें विजयवाड़ा सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया।

सुनवाई के दौरान, जज ने आरोपियों से पूछा कि क्या उन्होंने कोई वकील नियुक्त किया है। जब आरोपियों ने कहा कि वे वकील नहीं कर सकते, तो जज ने उनसे लिखकर देने को कहा। आरोपियों के खिलाफ विजयवाड़ा टू टाउन पुलिस स्टेशन में अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (यूएपीए) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ये सभी कथित तौर पर पाकिस्तान में अपने हैंडलर्स के संपर्क में थे और सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। आरोपी कथित तौर पर इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के जरिए युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित करने और कट्टरपंथी बनाने का प्रयास कर रहे थे।

काउंटर-इंटेलिजेंस सेल ने ऑनलाइन कट्टरपंथी कंटेंट की लगातार निगरानी के बाद यह ऑपरेशन किया कि आरोपी आतंकवादियों की भर्ती करने और अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान से वित्तीय सहायता प्राप्त कर रहे थे। उन्होंने न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों के 10 युवाओं का एक समूह भी बनाया था, क्योंकि उन पर ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देकर एक देशव्यापी नेटवर्क बनाने का संदेह किया जा रहा है।

Point of View

और इस तरह की गिरफ्तारियां यह दर्शाती हैं कि सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं। यह आवश्यक है कि हम सभी सतर्क रहें और ऐसे तत्वों को पहचानें जो हमारे समाज को खतरे में डाल सकते हैं।
NationPress
24/03/2026

Frequently Asked Questions

क्यों गिरफ्तार किए गए ये युवक?
ये युवक आतंकवादी संगठनों के साथ संदिग्ध संबंधों के चलते गिरफ्तार किए गए हैं।
क्या आरोप लगाया गया है?
इन पर सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप है।
इन युवकों को कहाँ रखा गया है?
उन्हें विजयवाड़ा सेंट्रल जेल में भेजा गया है।
क्या इन पर कोई कानूनी कार्रवाई की गई है?
इन पर अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या ये युवक अकेले थे?
नहीं, यह समूह ने अन्य युवाओं को भी कट्टरपंथी बनाने का प्रयास किया था।
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