18 सितंबर 2026
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दिशा सालियान केस: ₹500 करोड़ के मानहानि दावे पर NCP-SP प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने उठाए तीखे सवाल

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दिशा सालियान केस: ₹500 करोड़ के मानहानि दावे पर NCP-SP प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने उठाए तीखे सवाल

सारांश

NCP-SP प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने दिशा सालियान के पिता के ₹500 करोड़ के मानहानि दावे पर भावनात्मक सवाल उठाए, गणेश महोत्सव में जरांगे पाटिल के आंदोलन स्थगन का स्वागत किया, और UPI-MDR पर केंद्र सरकार को 'व्यापारियों की सरकार' करार दिया।

मुख्य बातें

NCP-SP प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 18 सितंबर 2026 को दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान के ₹500 करोड़ के मानहानि दावे पर सार्वजनिक सवाल उठाए।
सिद्दीकी ने पूछा कि क्या 'सत्ता पक्ष के साथ मिलकर बेटी के जाने के बाद ₹500 करोड़ कमाने की कोई योजना है।' उन्होंने मनोज जरांगे पाटिल के गणेश महोत्सव के दौरान आंदोलन स्थगित करने के फैसले का स्वागत किया; 26 सितंबर के बाद आंदोलन की तारीख तय होगी।
सिद्दीकी ने UPI पर MDR लगाने की संभावना को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला, उसे 'व्यापारियों की सरकार' कहा।
सिद्दीकी ने आशंका जताई कि दिशा सालियान मामले को आदित्य ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) को बदनाम करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) यानी NCP-SP के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 18 सितंबर 2026 को मुंबई में दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान द्वारा दायर ₹500 करोड़ के मानहानि मामले पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या किसी बेटी की मृत्यु का दुख इतनी बड़ी रकम में 'खरीदा' जा सकता है।

गणेश महोत्सव के दौरान आंदोलन स्थगित करने का स्वागत

सिद्दीकी ने सबसे पहले मनोज जरांगे पाटिल के उस निर्णय की सराहना की, जिसमें उन्होंने गणेश महोत्सव के दौरान अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र में गणेश उत्सव का बहुत महत्व है। पूरी मुंबई में दस दिन भीड़ उमड़ती है। पूरी मुंबई के लोग बड़े भावुक रहते हैं।' सिद्दीकी ने इसे लाखों-करोड़ों मुंबईवासियों के लिए 'राहत की सांस' बताया और कहा कि 26 सितंबर के बाद जरांगे पाटिल तय करेंगे कि आंदोलन कब फिर से शुरू होगा।

दिशा सालियान मामले पर तीखी प्रतिक्रिया

सिद्दीकी ने कहा कि दिशा सालियान के पिता और परिवार न्याय की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इस मामले में 'शायद कोई साजिश है।' उन्होंने यह भी कहा कि आशंकाएं रही हैं कि इस मामले को आदित्य ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) को बदनाम करने के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने सतीश सालियान के ₹500 करोड़ के मानहानि दावे पर सीधे सवाल उठाते हुए कहा, 'मुझे ये बात अच्छी नहीं लगी कि क्या एक बेटी के जाने का गम ₹500 करोड़ में खरीदा जा सकता है?' उन्होंने यह भी पूछा कि 'क्या सत्ता पक्ष के साथ मिलकर और अदालतों का सहारा लेकर बेटी के जाने के बाद ₹500 करोड़ कमाने की कोई योजना तो नहीं है?'

सिद्दीकी ने स्वयं दो बेटियों का पिता होने का हवाला देते हुए कहा, 'बड़ा दुख होता है कि कोई बेटी उसके पिता से बिछड़ जाए, लेकिन उससे बड़ा दुख यह है कि उस बेटी के लिए कोई मुआवजा मांगा जाए।'

यूपीआई पर MDR को लेकर केंद्र सरकार पर हमला

सिद्दीकी ने यूपीआई (UPI) पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की संभावना को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 'केंद्र सरकार लोगों की जेब खाली करवाना चाहती है। पहले सरकार लोगों को इसके गुण बताती है, कहती है कि आप इससे पेमेंट करें और इस पर कोई चार्ज नहीं होगा और जब लोग इसके आदी हो जाते हैं, तो सरकार टैक्स लगा देती है।'

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने बच्चों की शिक्षा सामग्री, खाने-पीने, होटलों और पर्यटन पर पहले ही टैक्स लगा दिया है। सिद्दीकी ने सरकार को 'व्यापारियों की सरकार' बताते हुए कहा कि यह 'जनता और किसानों की सरकार नहीं है।'

राजनीतिक संदर्भ और आगे की दिशा

गौरतलब है कि दिशा सालियान की मृत्यु का मामला महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से विवादास्पद रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच तनातनी चल रही है और मराठा आरक्षण आंदोलन की पृष्ठभूमि में राज्य की राजनीति पहले से ही गर्म है। सिद्दीकी के बयान से यह मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

UPI-MDR के जरिए आम जनता की भावनाओं से जुड़ने की कोशिश, और जरांगे पाटिल आंदोलन पर सहानुभूतिपूर्ण रुख। हालांकि ₹500 करोड़ के मानहानि दावे पर उनका सवाल भावनात्मक रूप से प्रभावशाली है, लेकिन यह न्यायिक प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाना भी है, जो एक विपक्षी नेता के लिए कानूनी तौर पर नाजुक जमीन है। मुख्यधारा की कवरेज इस बयान को महज़ विपक्षी आरोप के रूप में देख रही है, जबकि असल मुद्दा यह है कि इस मामले में न्याय की माँग और राजनीतिक लाभ की रेखा कहाँ खिंचती है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नसीम सिद्दीकी ने दिशा सालियान के ₹500 करोड़ के मानहानि केस पर क्या कहा?
NCP-SP प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने सवाल उठाया कि क्या एक बेटी के जाने का गम ₹500 करोड़ में खरीदा जा सकता है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि सत्ता पक्ष के साथ मिलकर इस मुकदमे के जरिए ₹500 करोड़ कमाने की कोई योजना हो सकती है।
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने ₹500 करोड़ का मानहानि केस किसके खिलाफ दायर किया है?
स्रोत के अनुसार सतीश सालियान ने ₹500 करोड़ का मानहानि मामला दायर किया है। सिद्दीकी ने इस मामले को आदित्य ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) को बदनाम करने की कोशिश से जोड़ा, हालांकि मामले का पूरा ब्यौरा स्रोत में स्पष्ट नहीं किया गया है।
मनोज जरांगे पाटिल ने गणेश महोत्सव के दौरान आंदोलन क्यों स्थगित किया?
सिद्दीकी के बयान के अनुसार जरांगे पाटिल ने गणेश महोत्सव की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए आंदोलन स्थगित किया। 26 सितंबर के बाद वे तय करेंगे कि आंदोलन कब फिर से शुरू होगा।
NCP-SP का UPI पर MDR को लेकर केंद्र सरकार पर क्या आरोप है?
सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पहले UPI को मुफ्त बताकर लोगों को आदी बनाती है और फिर टैक्स लगाती है। उन्होंने इसे जनता की जेब खाली करने की नीति बताते हुए सरकार को 'व्यापारियों की सरकार' कहा।
दिशा सालियान केस महाराष्ट्र की राजनीति में क्यों अहम है?
दिशा सालियान की मृत्यु का मामला लंबे समय से महाराष्ट्र की राजनीति में विवादास्पद रहा है और इसे आदित्य ठाकरे व शिवसेना (यूबीटी) से जोड़ा जाता रहा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इस मामले का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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