नंदीग्राम उपचुनाव: TMC उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लिया, ममता ने BJP पर EVM-AI के आरोप लगाए
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) को नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले बड़ा झटका लगा है — पार्टी की आधिकारिक उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 सितंबर बीत चुकी है, इसलिए पार्टी अब 6 अक्टूबर को होने वाले इस उपचुनाव के लिए कोई नया उम्मीदवार नहीं उतार सकती। इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर चुनाव प्रक्रिया में हेरफेर के गंभीर आरोप लगाए।
नामांकन वापसी की परिस्थितियाँ
संचिता प्रधान डे ने राज्य सचिवालय नबन्ना में एक बैठक के कुछ ही समय बाद अपना नामांकन वापस लिया। उन्हें ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC ने 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम उपचुनाव के लिए आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया था। नामांकन वापसी की वजह को लेकर संचिता प्रधान डे की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि यह नंदीग्राम वही सीट है जो 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और BJP के बीच सीधी टक्कर का केंद्र रही थी। उस चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था, जिससे यह सीट राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है।
बहुकोणीय मुकाबला बरकरार
TMC के आधिकारिक उम्मीदवार के मैदान से हटने के बावजूद नंदीग्राम में चुनावी प्रतिस्पर्धा बहुकोणीय बनी हुई है। TMC के दूसरे धड़े (ऋतब्रत बनर्जी गुट) ने मोहम्मद एतेशामुल हक को प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने शांति गोपाल गिरी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मिलन प्रधान और BJP ने हसिरानी रथ को अपना-अपना उम्मीदवार उतारा है।
यह ऐसे समय में आया है जब नंदीग्राम पहले से ही राजनीतिक ध्रुवीकरण का प्रतीक बन चुका है और इस उपचुनाव को पश्चिम बंगाल की राजनीतिक दिशा का संकेत माना जा रहा है।
ममता बनर्जी के आरोप
कोलकाता में ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए BJP पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर एक प्रक्रिया शुरू की गई है, और बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा तथा पश्चिम बंगाल के पिछले चुनावों में भी इसी तरह की गड़बड़ियाँ हुईं।
ममता बनर्जी ने यह भी सवाल उठाया कि चुनाव के बाद कथित तौर पर 4,000 ईवीएम मशीनें जलाए जाने की जाँच क्यों नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP लोकतंत्र, संविधान और शिक्षा व्यवस्था को कमज़ोर करने का काम कर रही है, और सरकार के खिलाफ बोलने वालों पर कार्रवाई की जाती है तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर उन्हें ब्लॉक किया जाता है।
आगे क्या होगा
नंदीग्राम उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। TMC के बिना आधिकारिक उम्मीदवार के, BJP की स्थिति मज़बूत मानी जा रही है, हालाँकि ऋतब्रत बनर्जी गुट के प्रत्याशी वोटों के विभाजन को प्रभावित कर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस उपचुनाव का नतीजा पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देगा।