18 सितंबर 2026
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नंदीग्राम उपचुनाव: TMC उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लिया, ममता ने BJP पर EVM-AI के आरोप लगाए

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नंदीग्राम उपचुनाव: TMC उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लिया, ममता ने BJP पर EVM-AI के आरोप लगाए

सारांश

नंदीग्राम उपचुनाव में TMC की आधिकारिक उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लेकर पार्टी को बड़ी मुश्किल में डाल दिया — नामांकन की अंतिम तारीख निकल चुकी है, इसलिए TMC अब नया प्रत्याशी नहीं दे सकती। ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए BJP पर AI और EVM से चुनाव प्रभावित करने के आरोप लगाए।

मुख्य बातें

TMC उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने 18 सितंबर 2026 को नंदीग्राम उपचुनाव से नामांकन वापस लिया।
नामांकन की अंतिम तिथि 16 सितंबर बीत चुकी है — TMC अब कोई नया प्रत्याशी नहीं उतार सकती।
उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को निर्धारित; मैदान में BJP , CPI , कांग्रेस और TMC के विद्रोही गुट के उम्मीदवार।
ममता बनर्जी ने BJP पर AI और EVM के ज़रिए चुनावी हेरफेर के आरोप लगाए।
ममता ने कथित तौर पर 4,000 ईवीएम मशीनें जलाने की जाँच न होने पर भी सवाल उठाया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) को नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले बड़ा झटका लगा है — पार्टी की आधिकारिक उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 सितंबर बीत चुकी है, इसलिए पार्टी अब 6 अक्टूबर को होने वाले इस उपचुनाव के लिए कोई नया उम्मीदवार नहीं उतार सकती। इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर चुनाव प्रक्रिया में हेरफेर के गंभीर आरोप लगाए।

नामांकन वापसी की परिस्थितियाँ

संचिता प्रधान डे ने राज्य सचिवालय नबन्ना में एक बैठक के कुछ ही समय बाद अपना नामांकन वापस लिया। उन्हें ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC ने 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम उपचुनाव के लिए आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया था। नामांकन वापसी की वजह को लेकर संचिता प्रधान डे की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

गौरतलब है कि यह नंदीग्राम वही सीट है जो 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और BJP के बीच सीधी टक्कर का केंद्र रही थी। उस चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था, जिससे यह सीट राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है।

बहुकोणीय मुकाबला बरकरार

TMC के आधिकारिक उम्मीदवार के मैदान से हटने के बावजूद नंदीग्राम में चुनावी प्रतिस्पर्धा बहुकोणीय बनी हुई है। TMC के दूसरे धड़े (ऋतब्रत बनर्जी गुट) ने मोहम्मद एतेशामुल हक को प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने शांति गोपाल गिरी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मिलन प्रधान और BJP ने हसिरानी रथ को अपना-अपना उम्मीदवार उतारा है।

यह ऐसे समय में आया है जब नंदीग्राम पहले से ही राजनीतिक ध्रुवीकरण का प्रतीक बन चुका है और इस उपचुनाव को पश्चिम बंगाल की राजनीतिक दिशा का संकेत माना जा रहा है।

ममता बनर्जी के आरोप

कोलकाता में ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए BJP पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर एक प्रक्रिया शुरू की गई है, और बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा तथा पश्चिम बंगाल के पिछले चुनावों में भी इसी तरह की गड़बड़ियाँ हुईं।

ममता बनर्जी ने यह भी सवाल उठाया कि चुनाव के बाद कथित तौर पर 4,000 ईवीएम मशीनें जलाए जाने की जाँच क्यों नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP लोकतंत्र, संविधान और शिक्षा व्यवस्था को कमज़ोर करने का काम कर रही है, और सरकार के खिलाफ बोलने वालों पर कार्रवाई की जाती है तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर उन्हें ब्लॉक किया जाता है।

आगे क्या होगा

नंदीग्राम उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। TMC के बिना आधिकारिक उम्मीदवार के, BJP की स्थिति मज़बूत मानी जा रही है, हालाँकि ऋतब्रत बनर्जी गुट के प्रत्याशी वोटों के विभाजन को प्रभावित कर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस उपचुनाव का नतीजा पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 2021 के बाद से नंदीग्राम में कभी पूरी तरह नहीं भरीं। ममता बनर्जी का EVM और AI पर ध्यान केंद्रित करना एक राजनीतिक रणनीति भी हो सकती है — जब ज़मीन पर कमज़ोरी हो, तो प्रक्रिया को विमर्श का केंद्र बना दो। लेकिन यह रणनीति तभी काम करती है जब आरोपों की जाँच की माँग विश्वसनीय हो; कथित तौर पर 4,000 ईवीएम जलाने जैसे दावे बिना प्रमाण के राजनीतिक शोर बनकर रह जाते हैं। नंदीग्राम के नतीजे 2026 के बंगाल चुनावी समीकरण की पहली परीक्षा होंगे।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंदीग्राम उपचुनाव में TMC उम्मीदवार ने नामांकन क्यों वापस लिया?
TMC की आधिकारिक उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने 18 सितंबर 2026 को अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन वापसी की आधिकारिक वजह अब तक सामने नहीं आई है, लेकिन यह कदम राज्य सचिवालय नबन्ना में एक बैठक के तुरंत बाद उठाया गया।
नामांकन वापसी से TMC को क्या नुकसान होगा?
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 सितंबर बीत चुकी है, इसलिए TMC अब 6 अक्टूबर के उपचुनाव के लिए कोई नया उम्मीदवार नहीं उतार सकती। इससे BJP और अन्य दलों को सीधा फायदा मिल सकता है।
नंदीग्राम उपचुनाव 2026 में कौन-कौन से उम्मीदवार मैदान में हैं?
BJP ने हसिरानी रथ, CPI ने शांति गोपाल गिरी, कांग्रेस ने मिलन प्रधान और TMC के ऋतब्रत बनर्जी गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है। TMC की आधिकारिक उम्मीदवार के हटने के बाद मुकाबला बहुकोणीय है।
ममता बनर्जी ने BJP पर EVM और AI को लेकर क्या आरोप लगाए?
ममता बनर्जी ने दावा किया कि चुनाव से पहले AI का इस्तेमाल कर प्रक्रिया प्रभावित की जा रही है और बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा तथा पश्चिम बंगाल के पिछले चुनावों में भी गड़बड़ियाँ हुईं। उन्होंने कथित तौर पर 4,000 ईवीएम मशीनें जलाए जाने की जाँच न होने पर भी सवाल उठाया।
नंदीग्राम उपचुनाव कब होगा और इसका राजनीतिक महत्व क्या है?
नंदीग्राम उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को होना निर्धारित है। यह सीट 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और BJP के बीच हाई-प्रोफाइल टक्कर का केंद्र रही थी, इसलिए इस उपचुनाव के नतीजे आगामी बंगाल चुनाव के लिए राजनीतिक संकेत देंगे।
राष्ट्र प्रेस
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