नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर शुभंकर सरकार बोले — 'डराने का नया तरीका'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को 'डराने का नया तरीका' करार दिया है। 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े लगभग दो दशक पुराने हत्या के मामले में हुई इस गिरफ्तारी पर 18 सितंबर 2026 को कोलकाता में प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग (ECI) पर गंभीर आरोप लगाए।
शुभंकर सरकार का सीधा हमला
शुभंकर सरकार ने कहा, 'बंगाल में डराने-धमकाने का एक नया तरीका शुरू हो गया है, लेकिन हमारे नेता राहुल गांधी ने कहा है कि किसी को डराओ मत और डरो भी मत।' उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नंदीग्राम में अपनी कमज़ोर स्थिति से भयभीत होकर विरोधी प्रत्याशी को पुराने मामलों के ज़रिए निशाना बना रही है।
उन्होंने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए कहा, 'मिलन प्रधान इतने दिनों से खुलेआम घूम रहे थे और पुलिस को उनसे कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन जैसे ही वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के उम्मीदवार बने, अचानक उन पर आरोप लगाए जाने लगे।'
चुनाव आयोग पर सवाल
शुभंकर सरकार ने यह भी कहा, 'नंदीग्राम पुलिस स्टेशन यह नहीं कह पा रहा है, चुनाव आयोग भी यह नहीं कह पा रहा है। कानूनी तौर पर चुनाव के समय चुनाव आयोग का अधिकार क्षेत्र होता है। वे इतने लंबे समय से तलाश कर रहे थे, कहने के लिए कुछ नहीं था — उम्मीदवार बनने के बाद ही उन्हें तुरंत गिरफ्तार करना होगा?'
उन्होंने इसे 'एक देश, एक चुनाव और एक राजनीतिक पार्टी' की सोच बताते हुए इसे देशव्यापी तानाशाही का विस्तार करार दिया।
कांग्रेस नेता सुमन राय चौधरी का बयान
कांग्रेस नेता सुमन राय चौधरी ने कहा कि मिलन प्रधान 2007 के नंदीग्राम आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा थे और राजनीतिक आंदोलनों में कभी-कभी मामले व वारंट लंबित रह जाते हैं। उन्होंने आगे कहा, 'नामांकन के आखिरी दिन से ठीक पहले ही यह कदम क्यों उठाया गया? यह राजनीतिक प्रतिशोध है।'
राय चौधरी के अनुसार, 'पश्चिम बंगाल सरकार और सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी को अचानक याद आया कि मिलन प्रधान को गिरफ्तार किया जाना चाहिए, क्योंकि वह INC के उम्मीदवार हैं।'
भाजपा का पक्ष
भाजपा का कहना है कि इस मामले में कानून अपना काम कर रहा है और गिरफ्तारी का चुनाव से कोई संबंध नहीं है। पार्टी ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक बताते हुए खारिज किया है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब नंदीग्राम उपचुनाव की तारीखें नजदीक हैं और राजनीतिक माहौल पहले से ही गरमाया हुआ है। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह चुनाव आयोग से इस मामले में हस्तक्षेप की माँग करेगी। गिरफ्तारी के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की भी संभावना है। नंदीग्राम 2007 के जनआंदोलन का ऐतिहासिक केंद्र रहा है, और यह घटनाक्रम एक बार फिर उस क्षेत्र की राजनीतिक संवेदनशीलता को उजागर करता है।