19 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर शुभंकर सरकार बोले — 'डराने का नया तरीका'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर शुभंकर सरकार बोले — 'डराने का नया तरीका'

सारांश

नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को 2007 के पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने इसे 'डराने का नया तरीका' बताया और चुनाव आयोग की चुप्पी पर सवाल उठाए। भाजपा ने गिरफ्तारी को कानूनी प्रक्रिया बताया।

मुख्य बातें

नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने गिरफ्तारी को 'डराने का नया तरीका' बताते हुए BJP और चुनाव आयोग पर आरोप लगाए।
कांग्रेस नेता सुमन राय चौधरी ने नामांकन की अंतिम तारीख से पहले की गई इस कार्रवाई को 'राजनीतिक प्रतिशोध' कहा।
भाजपा ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और गिरफ्तारी का चुनाव से कोई संबंध नहीं।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की माँग करने और कानूनी कदम उठाने के संकेत दिए हैं।

कांग्रेस के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को 'डराने का नया तरीका' करार दिया है। 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े लगभग दो दशक पुराने हत्या के मामले में हुई इस गिरफ्तारी पर 18 सितंबर 2026 को कोलकाता में प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग (ECI) पर गंभीर आरोप लगाए।

शुभंकर सरकार का सीधा हमला

शुभंकर सरकार ने कहा, 'बंगाल में डराने-धमकाने का एक नया तरीका शुरू हो गया है, लेकिन हमारे नेता राहुल गांधी ने कहा है कि किसी को डराओ मत और डरो भी मत।' उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नंदीग्राम में अपनी कमज़ोर स्थिति से भयभीत होकर विरोधी प्रत्याशी को पुराने मामलों के ज़रिए निशाना बना रही है।

उन्होंने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए कहा, 'मिलन प्रधान इतने दिनों से खुलेआम घूम रहे थे और पुलिस को उनसे कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन जैसे ही वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के उम्मीदवार बने, अचानक उन पर आरोप लगाए जाने लगे।'

चुनाव आयोग पर सवाल

शुभंकर सरकार ने यह भी कहा, 'नंदीग्राम पुलिस स्टेशन यह नहीं कह पा रहा है, चुनाव आयोग भी यह नहीं कह पा रहा है। कानूनी तौर पर चुनाव के समय चुनाव आयोग का अधिकार क्षेत्र होता है। वे इतने लंबे समय से तलाश कर रहे थे, कहने के लिए कुछ नहीं था — उम्मीदवार बनने के बाद ही उन्हें तुरंत गिरफ्तार करना होगा?'

उन्होंने इसे 'एक देश, एक चुनाव और एक राजनीतिक पार्टी' की सोच बताते हुए इसे देशव्यापी तानाशाही का विस्तार करार दिया।

कांग्रेस नेता सुमन राय चौधरी का बयान

कांग्रेस नेता सुमन राय चौधरी ने कहा कि मिलन प्रधान 2007 के नंदीग्राम आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा थे और राजनीतिक आंदोलनों में कभी-कभी मामले व वारंट लंबित रह जाते हैं। उन्होंने आगे कहा, 'नामांकन के आखिरी दिन से ठीक पहले ही यह कदम क्यों उठाया गया? यह राजनीतिक प्रतिशोध है।'

राय चौधरी के अनुसार, 'पश्चिम बंगाल सरकार और सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी को अचानक याद आया कि मिलन प्रधान को गिरफ्तार किया जाना चाहिए, क्योंकि वह INC के उम्मीदवार हैं।'

भाजपा का पक्ष

भाजपा का कहना है कि इस मामले में कानून अपना काम कर रहा है और गिरफ्तारी का चुनाव से कोई संबंध नहीं है। पार्टी ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक बताते हुए खारिज किया है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब नंदीग्राम उपचुनाव की तारीखें नजदीक हैं और राजनीतिक माहौल पहले से ही गरमाया हुआ है। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह चुनाव आयोग से इस मामले में हस्तक्षेप की माँग करेगी। गिरफ्तारी के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की भी संभावना है। नंदीग्राम 2007 के जनआंदोलन का ऐतिहासिक केंद्र रहा है, और यह घटनाक्रम एक बार फिर उस क्षेत्र की राजनीतिक संवेदनशीलता को उजागर करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इतने वर्षों तक निष्क्रिय रहे मामले में अचानक कार्रवाई की न्यायिक समयरेखा क्या है। चुनाव आयोग की इस पर चुप्पी भी चिंताजनक है, क्योंकि चुनावी अवधि में वही सर्वोच्च नियामक होता है। यदि यह गिरफ्तारी वैध भी है, तो इसके समय को लेकर पारदर्शिता का अभाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिलन प्रधान को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े लगभग दो दशक पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी नंदीग्राम उपचुनाव के नामांकन की अंतिम तारीख से ठीक पहले हुई।
शुभंकर सरकार ने इस गिरफ्तारी पर क्या कहा?
कांग्रेस के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने इसे 'डराने का नया तरीका' बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि मिलन प्रधान के INC उम्मीदवार बनने के बाद ही अचानक यह कार्रवाई क्यों की गई, जबकि इससे पहले वे बिना किसी रोकटोक के घूम रहे थे।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस का आरोप है कि चुनावी अवधि में चुनाव आयोग के पास कानूनी अधिकार क्षेत्र होने के बावजूद वह इस मामले में चुप है। शुभंकर सरकार ने कहा कि आयोग को इस गिरफ्तारी के समय पर स्पष्टीकरण देना चाहिए था।
भाजपा ने इन आरोपों पर क्या कहा?
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक बताते हुए खारिज किया और कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। पार्टी के अनुसार, गिरफ्तारी का नंदीग्राम उपचुनाव से कोई संबंध नहीं है।
नंदीग्राम 2007 का आंदोलन क्या था?
2007 का नंदीग्राम आंदोलन पश्चिम बंगाल में तत्कालीन वामपंथी सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति के खिलाफ एक बड़ा जनआंदोलन था, जिसमें कई लोग मारे गए थे। यह आंदोलन राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जाता है और इससे जुड़े कई मामले अभी भी लंबित हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 मिनट पहले
  2. 11 मिनट पहले
  3. 20 मिनट पहले
  4. 1 घंटा पहले
  5. 4 घंटे पहले
  6. कल
  7. 4 महीने पहले
  8. 1 साल पहले