नंदीग्राम उपचुनाव: मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर राहुल-खड़गे का BJP पर हमला, ऋतब्रत बोले— हमने ही दर्ज कराई थी शिकायत
सारांश
मुख्य बातें
नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने 18 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय राजनीति में तीखी बहस छेड़ दी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा निशाना साधा। दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने ही प्रधान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और उनके खिलाफ हत्या के तीन मामले लंबित हैं।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
मिलन प्रधान को शुक्रवार को 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े एक पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पहले से लंबित था। यह गिरफ्तारी तब हुई जब पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की थी — और महज कुछ घंटों बाद ही यह कार्रवाई हुई।
गौरतलब है कि इससे पहले तृणमूल कांग्रेस गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नंदीग्राम उपचुनाव से अपना नामांकन वापस ले लिया था, जिसके बाद ममता बनर्जी ने मिलन प्रधान के समर्थन की घोषणा की। इसी पृष्ठभूमि में हुई गिरफ्तारी ने विवाद को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया।
राहुल गांधी और खड़गे की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि BJP को निष्पक्ष चुनाव पर भरोसा नहीं है और वह सत्ता में बने रहने के लिए 'वोट चोरी', 'सरकार चोरी' और 'पार्टी चोरी' का सहारा लेती है। उन्होंने कहा, 'वे चुनाव नहीं लड़ना चाहते, चुनावी मुकाबला ही खत्म कर देना चाहते हैं। कांग्रेस न डरेगी, न झुकेगी। हम लड़ेंगे भी, जीतेंगे भी।'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरफ्तारी को 'वोट चोरी' और 'चुनाव चोरी' की कोशिश करार दिया। खड़गे ने पश्चिम बंगाल के इस घटनाक्रम को 'लोकतंत्र की हत्या' बताया और कहा कि इंडिया गठबंधन एकजुट होकर इसका मुकाबला करेगा।
ऋतब्रत बनर्जी का पलटवार
डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कांग्रेस के आरोपों से असहमति जताई। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने ही मिलन प्रधान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और चुनाव के दौरान लंबित वारंट को अमल में लाना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है।
बनर्जी ने यह भी दावा किया कि प्रधान के खिलाफ हत्या के तीन मामले लंबित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संभवतः पश्चिम बंगाल कांग्रेस नेतृत्व ने राहुल गांधी को मामले की पूरी जानकारी नहीं दी, जिसके कारण इस तरह की प्रतिक्रिया सामने आई।
BJP और पुलिस का रुख
BJP ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी ने कहा कि पुलिस कानून के अनुसार अपना काम कर रही है और इसमें किसी राजनीतिक दबाव की कोई भूमिका नहीं है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए इसे पूर्व नियोजित राजनीतिक कार्रवाई बताया है।
यह ऐसे समय में आया है जब नंदीग्राम पहले से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र रहा है — 2007 के आंदोलन से लेकर 2021 के विधानसभा चुनाव तक यह सीट हमेशा राष्ट्रीय सुर्खियों में रही है।
आगे का कार्यक्रम
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस अपनी उम्मीदवारी को किस रूप में आगे बढ़ाती है और इंडिया गठबंधन के भीतर समन्वय किस दिशा में जाता है।