19 सितंबर 2026
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नशा मुक्त पंजाब यात्रा: राघव चड्ढा और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पठानकोट से की शुरुआत, 'आप' सरकार पर हमला

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नशा मुक्त पंजाब यात्रा: राघव चड्ढा और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पठानकोट से की शुरुआत, 'आप' सरकार पर हमला

सारांश

राघव चड्ढा ने अब BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ पठानकोट में 'नशा मुक्त पंजाब' यात्रा शुरू की — और AAP की साढ़े चार साल की सरकार पर नशे की बाढ़ लाने का आरोप मढ़ दिया। यह अभियान राजनीतिक संरेखण और जनसमस्या — दोनों की कहानी एक साथ कह रहा है।

मुख्य बातें

राघव चड्ढा और BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 18 सितंबर 2026 को पठानकोट से 'नशा मुक्त पंजाब' यात्रा शुरू की।
चड्ढा ने आरोप लगाया कि AAP सरकार नशा खत्म करने के वादे पर साढ़े चार वर्षों में पूरी तरह विफल रही।
उनके अनुसार, 'चिट्टा' जैसे नशीले पदार्थों की आपूर्ति बढ़ी है और राज्य में नशे की होम डिलीवरी तक हो रही है।
चड्ढा ने इस यात्रा को जन-आंदोलन करार दिया और पीड़ित परिवारों से सीधे मुलाकात की।
यात्रा के पंजाब के अन्य ज़िलों में भी जारी रहने के संकेत दिए गए हैं।

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने 18 सितंबर 2026 को पठानकोट से 'नशा मुक्त पंजाब' यात्रा की शुरुआत की, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी उनके साथ रहे। इस यात्रा के ज़रिए चड्ढा ने पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर सीधा हमला बोला।

यात्रा का उद्देश्य और शुरुआत

चड्ढा ने इस पहल को एक व्यापक जन-आंदोलन करार दिया। उन्होंने कहा कि यात्रा का मकसद नशे से पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद करना और उनकी पीड़ा को राजनीतिक मंच पर उठाना है। पठानकोट में उन्होंने उन परिवारों से मुलाकात की जो नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव से जूझ रहे हैं।

चड्ढा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'नशीले पदार्थ सिर्फ जिंदगी ही बर्बाद नहीं करते, बल्कि पूरे परिवार को तबाह कर देते हैं।' उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों की कहानियाँ इस संकट की गहराई की दर्दनाक याद दिलाती हैं।

'आप' सरकार पर आरोप

चड्ढा ने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने पंजाब से नशीले पदार्थों को खत्म करने का वादा किया था, लेकिन साढ़े चार वर्षों में समस्या और विकराल हो गई है। उनके अनुसार, खासकर 'चिट्टा' जैसे नशीले पदार्थों की आपूर्ति में भारी वृद्धि हुई है और यह गलियों तक पहुँच गई है।

उन्होंने दावा किया कि राज्य में ओवरडोज़ के मामले बढ़े हैं और अब बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की होम डिलीवरी तक हो रही है। चड्ढा ने कहा, 'पंजाब के युवाओं से नौकरी, मौके और बेहतर भविष्य का वादा किया गया था — साढ़े चार साल बाद भी परिवारों को ही इसकी सबसे भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।'

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि राघव चड्ढा AAP के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं, लेकिन पार्टी से उनकी दूरी और अब BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ मंच साझा करना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह यात्रा ऐसे समय में शुरू हुई है जब पंजाब में नशे की समस्या वर्षों से विपक्षी दलों के लिए प्रमुख चुनावी मुद्दा रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर नशा-तस्करी को लेकर कई राज्यों में कार्रवाइयाँ तेज़ हुई हैं और सर्वोच्च न्यायालय भी संबंधित मामलों की सुनवाई कर रहा है।

आगे की दिशा

चड्ढा ने संकेत दिया कि यह यात्रा पठानकोट से आगे भी जारी रहेगी और पंजाब के अन्य ज़िलों में भी नशे से प्रभावित परिवारों से संवाद किया जाएगा। यह देखना होगा कि क्या यह अभियान किसी ठोस राजनीतिक या सामाजिक बदलाव की नींव रखता है, या विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र एक राजनीतिक रणनीति के रूप में ही सीमित रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक पुनर्संरेखण का संकेत है — जो AAP के लिए असहज करने वाला है। पंजाब में नशे की समस्या वास्तविक और गंभीर है, लेकिन इस यात्रा में कोई ठोस नीतिगत प्रस्ताव नहीं दिखता — केवल आरोप हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि नशा पंजाब में पिछली सभी सरकारों के कार्यकाल में भी बड़ा मुद्दा रहा है, सिर्फ AAP के नहीं। असली जवाबदेही तभी बनेगी जब यात्राएँ, नारों से आगे बढ़कर, सत्यापन-योग्य समाधान की माँग करें।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'नशा मुक्त पंजाब' यात्रा क्या है?
यह राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा द्वारा शुरू की गई एक जन-अभियान यात्रा है, जिसकी शुरुआत 18 सितंबर 2026 को पठानकोट से हुई। इसमें BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल हुए और यात्रा का उद्देश्य पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या पर ध्यान दिलाना है।
राघव चड्ढा ने AAP सरकार पर क्या आरोप लगाए?
चड्ढा ने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने पंजाब से नशा खत्म करने का वादा किया था, लेकिन साढ़े चार वर्षों में 'चिट्टा' जैसे नशीले पदार्थों की आपूर्ति बढ़ी है, ओवरडोज़ के मामले बढ़े हैं और राज्य में नशे की होम डिलीवरी तक हो रही है।
राघव चड्ढा और नितिन नवीन का यह साझा मंच राजनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
राघव चड्ढा AAP के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ उनका मंच साझा करना राजनीतिक हलकों में उनके संभावित दल-परिवर्तन या नए गठजोड़ की अटकलों को हवा देता है।
पंजाब में नशे की समस्या कितनी गंभीर है?
पंजाब में नशे, विशेषकर 'चिट्टा' (हेरोइन आधारित पदार्थ), की समस्या वर्षों से गंभीर बनी हुई है और यह हर सरकार के लिए चुनावी मुद्दा रहा है। चड्ढा के अनुसार, वर्तमान में ओवरडोज़ के मामले और नशे की होम डिलीवरी जैसी घटनाएँ बढ़ी हैं।
यह यात्रा आगे कहाँ-कहाँ जाएगी?
चड्ढा ने संकेत दिया है कि 'नशा मुक्त पंजाब' यात्रा पठानकोट के बाद पंजाब के अन्य ज़िलों में भी जारी रहेगी, हालाँकि अभी तक कोई विस्तृत कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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