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क्या चंद्रबाबू नायडू ने लोगों को धोखा देने के लिए विकास के आंकड़े गढ़े?

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क्या चंद्रबाबू नायडू ने लोगों को धोखा देने के लिए विकास के आंकड़े गढ़े?

सारांश

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार ने विकास के झूठे आंकड़े प्रस्तुत किए हैं। क्या यह सच है कि राज्य की अर्थव्यवस्था वास्तव में संकट में है?

मुख्य बातें

जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू पर आरोप लगाए हैं।
सरकार ने जीएसडीपी के लिए आंकड़े गढ़े हैं।
भ्रष्टाचार के कारण राजस्व में कमी आई है।
सीएजी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण है।
राज्य की अर्थव्यवस्था के भविष्य पर सवाल उठाए गए हैं।

हैदराबाद, 9 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मंगलवार को यह आरोप लगाया कि सरकार ने लोगों को यह विश्वास दिलाने के लिए आंकड़े गढ़े हैं कि राज्य की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली छमाही के दौरान सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के लिए अग्रिम अनुमान जारी करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि सरकार ने धोखा देने के लिए चंद्रबाबू नायडू के मार्गदर्शन में आंकड़े तैयार किए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार जीएसडीपी के अग्रिम अनुमानों से संबंधित आंकड़े गढ़ सकती है, लेकिन वह भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा लेखा परीक्षित खातों में हेराफेरी नहीं कर सकती। राजकोषीय प्रदर्शन का पता सीएजी द्वारा जारी राज्य लेखा आंकड़ों से लगाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि ये खाते चंद्रबाबू नायडू की सलाह पर तैयार नहीं किए गए हैं, बल्कि ये वास्तव में राज्य सरकार की वास्तविक प्राप्तियों और व्यय का संकलन हैं।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि सीएजी द्वारा जारी इस वित्तीय वर्ष की पहली छमाही के खातों से पता चलता है कि राज्य सरकार के राजस्व में बेहद कम वृद्धि हुई है। यह भी स्पष्ट है कि बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के कारण राज्य सरकार के राजस्व को लूटा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि टीडीपी गठबंधन सरकार लोगों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश कर रही है कि राज्य की अर्थव्यवस्था फल-फूल रही है। मैं चंद्रबाबू नायडू को महान अब्राहम लिंकन के ये शब्द याद दिलाना चाहूंगा कि आप सभी लोगों को कुछ समय के लिए और कुछ लोगों को हमेशा के लिए मूर्ख बना सकते हैं, लेकिन आप सभी लोगों को हर समय मूर्ख नहीं बना सकते।

वाईएसआरसीपी प्रमुख ने चंद्रबाबू नायडू से पूछा कि यदि राज्य की अर्थव्यवस्था वास्तव में फल-फूल रही है, तो सरकार को इस स्तर के वित्तीय तनाव का सामना क्यों करना पड़ रहा है।

जगन मोहन रेड्डी ने पूछा, "यदि 2014-19 के बीच आपकी सरकार में जीएसडीपी की वृद्धि दर इतनी सराहनीय थी, तो फिर राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में राज्य का योगदान 2019-24 के दौरान 4.78 प्रतिशत के आंकड़ों के मुकाबले केवल 4.45 प्रतिशत क्यों है? यदि 2014-19 के टीडीपी शासनकाल में राज्य की अर्थव्यवस्था ने इतना अच्छा प्रदर्शन किया था, तो आपके शासनकाल में प्रति व्यक्ति आय में राज्य की स्थिति में एक पायदान का भी सुधार क्यों नहीं हुआ?"

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि आंकड़ों की गढ़ाई और आर्थिक स्थिति की वास्तविकता के बीच एक गहरी खाई हो सकती है। यह लेखा परीक्षकों द्वारा जांची गई प्रमाणिकता है जो हमें वास्तविक तस्वीर दिखा सकती है। यह आवश्यक है कि हम ऐसे आरोपों को गंभीरता से लें और सही जानकारी के आधार पर ही निष्कर्ष पर पहुँचें।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या जगन मोहन रेड्डी के आरोप सही हैं?
इसका जवाब आंकड़ों और सीएजी की रिपोर्ट से ही मिल सकता है।
चंद्रबाबू नायडू ने किस वर्ष के लिए जीएसडीपी के अनुमान जारी किए?
उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जीएसडीपी के अनुमान जारी किए।
क्या सरकार ने आंकड़ों में हेराफेरी की है?
जगन मोहन रेड्डी का कहना है कि आंकड़े गढ़े गए हैं, लेकिन यह जांच का विषय है।
राष्ट्र प्रेस
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