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कैमक स्ट्रीट पर TMC के अभिषेक बनर्जी के दफ्तर का बिलबोर्ड हटाने पहुंचे KMC अधिकारी, तीखी बहस

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कैमक स्ट्रीट पर TMC के अभिषेक बनर्जी के दफ्तर का बिलबोर्ड हटाने पहुंचे KMC अधिकारी, तीखी बहस

सारांश

कोलकाता के कैमक स्ट्रीट पर TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के दफ्तर का बिलबोर्ड हटाने पहुंचे KMC अधिकारियों और पुलिस से तीखी बहस हुई। अभिषेक ने दस्तावेज़ अमान्य बताया, BJP पर निशाना साधा और कलकत्ता उच्च न्यायालय जाने की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

27 अगस्त 2026 को KMC अधिकारी और कोलकाता पुलिस कैमक स्ट्रीट पर अभिषेक बनर्जी के TMC कार्यालय का बिलबोर्ड हटाने पहुंचे।
अभिषेक बनर्जी ने KMC का आदेश-दस्तावेज़ अमान्य बताया — कहा कि उसमें बिलबोर्ड की तस्वीर नहीं थी।
TMC नेताओं ने आरोप लगाया कि आसपास के अन्य बिलबोर्ड को छोड़कर केवल उनके कार्यालय को चयनात्मक रूप से निशाना बनाया गया।
अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती देने की घोषणा की।
KMC और पुलिस ने TMC नेताओं पर सरकारी कर्मचारियों को कर्तव्य पालन से रोकने का आरोप लगाया।

कोलकाता के कैमक स्ट्रीट पर 27 अगस्त 2026 को दोपहर उस वक्त तनाव का माहौल बन गया, जब कोलकाता नगर निगम (KMC) के अधिकारी कोलकाता पुलिस के साथ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय का बिलबोर्ड हटाने पहुंचे। सूचना मिलते ही अभिषेक बनर्जी राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ'ब्रायन और अन्य TMC नेताओं के साथ मौके पर आ गए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

मुख्य घटनाक्रम

KMC अधिकारियों ने दावा किया कि बिलबोर्ड गैर-कानूनी तरीके से लगाया गया था। हालाँकि, अभिषेक बनर्जी ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत आदेश का दस्तावेज़ अमान्य था, क्योंकि उसमें बिलबोर्ड की तस्वीर शामिल नहीं थी। इसके बाद KMC अधिकारियों का एक दल संशोधित आदेश-प्रति लेने के लिए निगम कार्यालय वापस लौट गया।

अभिषेक बनर्जी की प्रतिक्रिया

मीडिया से बात करते हुए अभिषेक बनर्जी ने राज्य सरकार, KMC और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'तृणमूल कांग्रेस को जबरन खत्म करने की कोशिश की जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) इतनी डरी हुई क्यों है? पहले, प्रशासन ने TMC को लोकतांत्रिक तरीके से बैठकें और जुलूस आयोजित करने की अनुमति नहीं दी। सत्ताधारी पार्टी और प्रशासन नेताओं पर हमले कर रहे हैं, पार्टी कार्यालयों को नष्ट कर रहे हैं और बिलबोर्ड तोड़ रहे हैं। वे किस बात से डरते हैं? मैं सुवेंदु अधिकारी से कहना चाहता हूं कि TMC का चुनाव चिह्न घास का फूल है — घास को जितना काटा जाएगा, वह उतनी ही अधिक बढ़ेगी।'

चयनित निशाना बनाने का आरोप

अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने विशेष रूप से कैमक स्ट्रीट पर उनके पार्टी कार्यालय के बिलबोर्ड को ही निशाना बनाया, जबकि उसी इलाके में अन्य दफ्तरों और दुकानों के कई बिलबोर्ड को हाथ तक नहीं लगाया गया। यह कथित चयनात्मक कार्रवाई राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है।

न्यायालय जाने की चेतावनी

अभिषेक बनर्जी ने स्पष्ट किया कि TMC इस कदम के विरुद्ध कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएगी। उन्होंने कहा, 'कोई भी भारतीय संविधान से ऊपर नहीं है।' दूसरी तरफ, KMC अधिकारियों और पुलिस ने अभिषेक बनर्जी और उनके सहयोगियों पर सरकारी कर्मचारियों को उनके कर्तव्यों का पालन करने से रोकने का आरोप लगाया है। यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर आगे बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब विपक्षी दलों के बैनर और होर्डिंग हटाए गए। असली सवाल यह है कि KMC की यह कार्रवाई वैधानिक नियमों के तहत थी या राजनीतिक दबाव में — और अगर कलकत्ता उच्च न्यायालय इस मामले की सुनवाई करता है, तो फैसला नगर निकायों की स्वायत्तता और राजनीतिक स्वतंत्रता दोनों पर मिसाल कायम कर सकता है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैमक स्ट्रीट पर अभिषेक बनर्जी के दफ्तर का बिलबोर्ड क्यों हटाया जा रहा था?
KMC अधिकारियों का दावा था कि बिलबोर्ड गैर-कानूनी तरीके से लगाया गया था। हालाँकि, अभिषेक बनर्जी ने अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत आदेश-दस्तावेज़ को अमान्य बताया, क्योंकि उसमें बिलबोर्ड की तस्वीर शामिल नहीं थी।
अभिषेक बनर्जी ने इस मामले पर क्या कहा?
अभिषेक बनर्जी ने BJP और राज्य प्रशासन पर TMC को जबरन खत्म करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे इस कदम के विरुद्ध कलकत्ता उच्च न्यायालय जाएंगे और 'कोई भी भारतीय संविधान से ऊपर नहीं है।'
TMC ने चयनात्मक कार्रवाई का आरोप क्यों लगाया?
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि कैमक स्ट्रीट पर अन्य दफ्तरों और दुकानों के कई बिलबोर्ड को छुआ तक नहीं गया, केवल उनके पार्टी कार्यालय का बिलबोर्ड निशाना बनाया गया। यह कथित चयनात्मकता ही विवाद की मुख्य वजह बनी।
KMC और पुलिस ने TMC नेताओं पर क्या आरोप लगाए?
KMC अधिकारियों और कोलकाता पुलिस ने अभिषेक बनर्जी और उनके सहयोगियों पर सरकारी कर्मचारियों को उनके कर्तव्यों का पालन करने से रोकने का आरोप लगाया। यह आरोप कानूनी रूप से गंभीर हो सकता है।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
TMC ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में इस कार्रवाई को चुनौती देने की घोषणा की है। KMC अधिकारी संशोधित आदेश-प्रति लेकर वापस लौटे, इसलिए बिलबोर्ड हटाने की कार्रवाई फिलहाल अधूरी रही।
राष्ट्र प्रेस
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