28 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजस्थान में स्वाइन फ्लू के 146 मामले, अगस्त में सबसे ज़्यादा; स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजस्थान में स्वाइन फ्लू के 146 मामले, अगस्त में सबसे ज़्यादा; स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

सारांश

राजस्थान में स्वाइन फ्लू की रफ्तार अगस्त में अचानक तेज़ हुई — सात महीनों में 91 मामलों के बाद सिर्फ अगस्त में 55 नए केस। ICMR के अनुसार वायरस का कोई नया स्ट्रेन नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने राज्यव्यापी अलर्ट जारी कर दिया है।

मुख्य बातें

राजस्थान में जनवरी–अगस्त 2026 के बीच स्वाइन फ्लू ( एच1एन1 ) के कुल 146 पॉजिटिव मामले दर्ज।
अकेले अगस्त 2026 में 55 मामले — किसी एक महीने में सर्वाधिक।
ICMR के अनुसार वायरस का कोई नया या अधिक खतरनाक स्ट्रेन नहीं मिला है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसर ने सभी चिकित्सा संस्थानों को स्क्रीनिंग और उपचार के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।
विभाग ने सेल्फ-मेडिकेशन से बचने और गंभीर लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से मिलने की सलाह दी।

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 27 अगस्त 2026 को स्वाइन फ्लू (इन्फ्लूएंजा एच1एन1) को लेकर राज्यव्यापी अलर्ट जारी किया है। जनवरी 2026 से अब तक राजस्थान में 146 पॉजिटिव मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें अकेले अगस्त में 55 मामले सामने आए — यह किसी एक महीने का सर्वाधिक आँकड़ा है। यह अलर्ट ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों, विशेषकर दिल्ली में, एच1एन1 संक्रमण के मामलों में तेज़ी देखी जा रही है।

मासिक आँकड़े: अगस्त में उछाल

प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने मासिक आँकड़े साझा करते हुए बताया कि जनवरी में 2, फरवरी में 3, मार्च में 20, अप्रैल में 22, मई में 25, जून में 14, जुलाई में 5 और अगस्त 2026 में अब तक 55 मामले दर्ज किए गए हैं। अगस्त का यह आँकड़ा पिछले सात महीनों की तुलना में सबसे अधिक है, जो संक्रमण की रफ्तार में वृद्धि का संकेत देता है।

राठौड़ ने स्पष्ट किया कि एच1एन1 वायरस का कोई नया या अधिक खतरनाक स्ट्रेन नहीं मिला है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि फिलहाल जो वायरस फैल रहा है, वह पहले से ज्ञात स्ट्रेन ही है।

सरकार की तैयारी और निर्देश

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसर ने बताया कि सरकार ने सभी चिकित्सा संस्थानों को मरीजों की स्क्रीनिंग, उपचार और रेफरल के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। विभाग पूरे राज्य में स्वाइन फ्लू और मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों पर सक्रिय निगरानी रख रहा है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।

किन्हें है ज़्यादा खतरा

स्वाइन फ्लू एक श्वसन संक्रमण है, जिसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खाँसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान शामिल हैं। अधिकांश मरीज़ समुचित देखभाल और चिकित्सकीय परामर्श से ठीक हो जाते हैं। हालाँकि, छोटे बच्चों, बुज़ुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों में जटिलताओं का जोखिम अधिक रहता है।

आम जनता के लिए सलाह

विभाग ने लोगों से अपील की है कि खाँसते या छींकते समय मुँह और नाक को रूमाल, टिश्यू या कोहनी से ढकें और साबुन-पानी से बार-बार हाथ धोएँ या हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें। बुखार, खाँसी या गले में खराश होने पर भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें और ज़रूरत पड़ने पर मास्क पहनें। पर्याप्त आराम और तरल पदार्थों का सेवन भी आवश्यक बताया गया है।

राठौड़ ने स्वयं दवा लेने (सेल्फ-मेडिकेशन) के विरुद्ध सख्त चेतावनी दी और कहा कि डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाएँ न लें। सांस लेने में कठिनाई, लगातार तेज़ बुखार, अत्यधिक कमज़ोरी या ऑक्सीजन स्तर में गिरावट जैसे गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है। विभाग ने जनता से अफवाहों से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राहत देता है, परंतु राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली की वास्तविक क्षमता — विशेषकर ग्रामीण ज़िलों में — पर ध्यान देना ज़रूरी है। जब तक ज़िलेवार आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए जाते, यह स्पष्ट नहीं होगा कि संक्रमण का बोझ कहाँ सबसे अधिक है और संसाधन कहाँ केंद्रित किए जाने चाहिए।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में स्वाइन फ्लू के कितने मामले सामने आए हैं?
जनवरी से अगस्त 2026 के बीच राजस्थान में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के कुल 146 पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें अकेले अगस्त 2026 में 55 मामले आए, जो किसी एक महीने में सर्वाधिक हैं।
क्या राजस्थान में एच1एन1 का कोई नया या खतरनाक स्ट्रेन मिला है?
नहीं। प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने ICMR की जानकारी का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल जो वायरस फैल रहा है, वह पहले से ज्ञात स्ट्रेन ही है — कोई नया या अधिक खतरनाक वैरिएंट नहीं पाया गया है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण क्या हैं और किन्हें सबसे ज़्यादा खतरा है?
स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षणों में बुखार, खाँसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान शामिल हैं। छोटे बच्चों, बुज़ुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों में जटिलताओं का जोखिम अधिक रहता है।
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए क्या करें?
खाँसते-छींकते समय मुँह और नाक ढकें, बार-बार हाथ धोएँ, भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें और ज़रूरत पड़ने पर मास्क पहनें। डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाएँ न लें। सांस लेने में तकलीफ या ऑक्सीजन स्तर गिरने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
राजस्थान सरकार ने स्वाइन फ्लू को लेकर क्या कदम उठाए हैं?
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसर ने सभी चिकित्सा संस्थानों को स्क्रीनिंग, उपचार और रेफरल के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। विभाग पूरे राज्य में मामलों पर सक्रिय निगरानी रख रहा है और जनता से सतर्क रहने तथा अफवाहों से बचने की अपील की गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. कल
  3. कल
  4. 2 दिन पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 3 दिन पहले
  7. 3 दिन पहले
  8. 2 सप्ताह पहले