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पशुपतिनाथ तीर्थयात्रा स्थगित: राजस्थान सरकार ने 31 अगस्त तक काठमांडू उड़ानें रोकीं

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पशुपतिनाथ तीर्थयात्रा स्थगित: राजस्थान सरकार ने 31 अगस्त तक काठमांडू उड़ानें रोकीं

सारांश

नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पशुपतिनाथ तीर्थयात्रा पाँच दिनों के लिए रोकी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर 31 अगस्त तक काठमांडू की उड़ानें स्थगित।

मुख्य बातें

राजस्थान सरकार ने 27 अगस्त 2026 को पशुपतिनाथ मंदिर की तीर्थयात्रा अस्थायी रूप से स्थगित की।
रोक 27 से 31 अगस्त 2026 तक — पाँच दिनों के लिए काठमांडू हवाई सेवाएँ बंद।
निर्णय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर; देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने घोषणा की।
नेपाल में हाल की प्राकृतिक आपदा से बुनियादी ढाँचा प्रभावित — वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षा जोखिम का हवाला।
हालात सामान्य होने पर देवस्थान विभाग यात्रा कार्यक्रम पुनः निर्धारित करेगा।

राजस्थान सरकार ने 27 अगस्त 2026 को नेपाल में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा और वहाँ के बिगड़े बुनियादी ढाँचे का हवाला देते हुए, मुख्यमंत्री वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू की तीर्थयात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया। 27 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक काठमांडू के लिए हवाई सेवाएँ पूरी तरह रोक दी गई हैं।

मुख्य घटनाक्रम

देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि यह निर्णय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सीधे निर्देश पर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेपाल में त्रासदी के कारण वहाँ के हालात और बुनियादी ढाँचा प्रभावित हुए हैं, जिससे वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा जोखिम उत्पन्न हो सकते थे।

यह रोक पाँच दिनों के लिए लगाई गई है और यह एहतियाती कदम के रूप में उठाया गया है, न कि योजना को स्थायी रूप से बंद करने के इरादे से।

सरकार की प्राथमिकता: वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा

मंत्री कुमावत ने जोर देकर कहा कि बुजुर्ग तीर्थयात्रियों की सेहत, सुरक्षा और आराम राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, 'यह रोक एहतियात के तौर पर लगाई गई है ताकि तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान किसी परेशानी या सुरक्षा के खतरे का सामना न करना पड़े।'

देवस्थान विभाग नेपाल में मौसम, बुनियादी ढाँचे और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नज़र रख रहा है। गौरतलब है कि यह योजना राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को सरकारी खर्चे पर प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा कराती है।

आम जनता पर असर

जो वरिष्ठ नागरिक 27 से 31 अगस्त के बीच पशुपतिनाथ यात्रा पर जाने वाले थे, उनकी यात्रा अब स्थगित हो गई है। सरकार ने उन्हें और उनके परिवारों को आश्वस्त किया है कि यह रोक अस्थायी है। कुमावत ने कहा कि तीर्थयात्रियों को निराश नहीं होना चाहिए — हालात सामान्य होते ही यात्रा कार्यक्रम पुनः निर्धारित किया जाएगा।

यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला जारी है और भारत सरकार सहित विभिन्न राज्य सरकारें नागरिकों को वहाँ यात्रा के प्रति सतर्क कर रही हैं।

क्या होगा आगे

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सेवाएँ फिर से शुरू करने का निर्णय नेपाल में हालात की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक इंतज़ाम किए जाएँगे कि पात्र वरिष्ठ नागरिक पूरी सुरक्षा के साथ तीर्थयात्रा कर सकें। देवस्थान विभाग की ओर से अगली सूचना जारी होने तक यात्रा स्थगित रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या राज्य के पास नेपाल में स्थितियों का आकलन करने के लिए कोई स्वतंत्र तंत्र है या वह केवल सामान्य रिपोर्टों पर निर्भर है। 'मुख्यमंत्री वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना' जैसी सरकारी योजनाओं में बुजुर्ग यात्रियों की जिम्मेदारी राज्य पर होती है, इसलिए एहतियाती रोक समझ में आती है। हालाँकि, सरकार ने 'त्रासदी' का स्वरूप स्पष्ट नहीं किया — पारदर्शिता से तीर्थयात्रियों और उनके परिजनों को बेहतर जानकारी मिलती। यात्रा पुनः शुरू करने के लिए स्पष्ट मानदंड सार्वजनिक करना सरकार की विश्वसनीयता को और मजबूत करेगा।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान सरकार ने पशुपतिनाथ तीर्थयात्रा क्यों रोकी?
नेपाल में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के कारण वहाँ के बुनियादी ढाँचे और हालात प्रभावित हुए हैं, जिससे वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा जोखिम उत्पन्न हो सकता था। इसी एहतियात के तहत राजस्थान सरकार ने यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित की।
पशुपतिनाथ तीर्थयात्रा कब तक स्थगित रहेगी?
27 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक — यानी पाँच दिनों के लिए — काठमांडू की हवाई सेवाएँ रोकी गई हैं। हालात सामान्य होने पर देवस्थान विभाग यात्रा कार्यक्रम पुनः निर्धारित करेगा।
मुख्यमंत्री वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना क्या है?
यह राजस्थान सरकार की एक योजना है जिसके तहत राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को सरकारी खर्चे पर प्रमुख धार्मिक तीर्थस्थलों की यात्रा कराई जाती है। पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू इस योजना के अंतर्गत शामिल प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है।
जिन वरिष्ठ नागरिकों की यात्रा स्थगित हुई, उन्हें क्या करना चाहिए?
देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने आश्वस्त किया है कि यह रोक अस्थायी है और तीर्थयात्रियों को निराश नहीं होना चाहिए। हालात सुरक्षित होते ही यात्रा का कार्यक्रम दोबारा तय किया जाएगा और पात्र वरिष्ठ नागरिकों को सूचित किया जाएगा।
क्या यह रोक स्थायी है?
नहीं, यह रोक पूरी तरह अस्थायी और एहतियाती है। राजस्थान सरकार नेपाल में मौसम, बुनियादी ढाँचे और सुरक्षा स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है और स्थिति सामान्य होते ही तीर्थयात्रा पुनः शुरू की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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