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श्री मचैल माता यात्रा 2026 स्थगित: किश्तवाड़ में खराब मौसम, 27 जुलाई तक गुलाबगढ़ रूट बंद

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श्री मचैल माता यात्रा 2026 स्थगित: किश्तवाड़ में खराब मौसम, 27 जुलाई तक गुलाबगढ़ रूट बंद

सारांश

खराब मौसम, भूस्खलन और फिसलन भरी सड़कों के चलते किश्तवाड़ प्रशासन ने श्री मचैल माता यात्रा 2026 पर 27 जुलाई तक रोक लगा दी है। 25 जुलाई को शुरू होने वाली इस वार्षिक यात्रा के लिए अब श्रद्धालुओं को आधिकारिक अनुमति का इंतजार करना होगा।

मुख्य बातें

श्री मचैल माता यात्रा 2026 पर 25 जुलाई से 27 जुलाई तक अस्थायी रोक लगाई गई है।
किश्तवाड़-पाडर-गुलाबगढ़ रूट पर आम जनता और श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह बंद।
भूस्खलन, फिसलन भरी सड़कें और लगातार पत्थर गिरना — किश्तवाड़ जिले में खराब मौसम मुख्य कारण।
25 जुलाई के पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान केवल तय पुजारी और अधिकृत प्रतिनिधि ही करेंगे।
यात्रा पुनः आरंभ की तारीख की जानकारी अलग आधिकारिक एडवाइजरी से दी जाएगी।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में श्री मचैल माता यात्रा 2026 पर 27 जुलाई तक अस्थायी रोक लगा दी गई है। किश्तवाड़ के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय ने 24 जुलाई को जारी आदेश में स्पष्ट किया कि किश्तवाड़-पाडर-गुलाबगढ़ रूट पर 25 जुलाई से 27 जुलाई तक श्रद्धालुओं, यात्रियों और आम जनता की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। यह निर्णय जिले में लगातार बिगड़ते मौसम और मार्ग पर बढ़ते खतरों को देखते हुए लिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

वार्षिक श्री मचैल माता यात्रा आधिकारिक तौर पर 25 जुलाई 2026 को शुरू होने वाली थी। यात्रा की शुरुआत से ठीक पहले जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), किश्तवाड़ के एसएसपी और ट्रैफिक अधिकारियों के साथ व्यापक समीक्षा बैठक के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया। आदेश में कहा गया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह रोक अनिवार्य है।

रास्ते क्यों हैं खतरनाक

किश्तवाड़ जिले में लगातार खराब मौसम के चलते किश्तवाड़-पाडर रोड के अहम हिस्सों पर सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं। भूस्खलन की घटनाएँ जारी हैं और रास्ते पर लगातार पत्थर गिर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में मानसून के कारण पहले से ही जोखिम बढ़ा हुआ है।

धार्मिक अनुष्ठान पर क्या असर

आदेश के अनुसार, 25 जुलाई को यात्रा की शुरुआत से जुड़े पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान केवल तय पुजारियों और अधिकृत प्रतिनिधियों द्वारा ही स्थापित परंपरा के अनुसार संपन्न किए जाएंगे। आम श्रद्धालुओं की भागीदारी इस दौरान पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

प्रशासन की सलाह

किश्तवाड़ के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय ने अपने आदेश में कहा, 'श्रद्धालुओं और आम जनता को सख्ती से सलाह दी जाती है कि वे इन तारीखों के दौरान गुलाबगढ़ की ओर कोई यात्रा न करें और अपनी सुरक्षित जगहों पर ही रहें।' प्रशासन ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों, सेवा देने वालों और प्रशासनिक कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

आगे क्या होगा

प्रशासन के अनुसार, आम श्रद्धालुओं के लिए यात्रा तभी फिर से शुरू होगी जब मौसम अनुकूल हो जाएगा और सड़क मार्ग सुरक्षित हो जाएगा। यात्रा पुनः आरंभ करने की सटीक तारीख और समय की जानकारी एक अलग आधिकारिक एडवाइजरी या आदेश के जरिए दी जाएगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक घोषणाओं पर नज़र रखें और बिना पुष्टि के यात्रा न करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाता है कि क्या यात्रा मार्ग की मौसम-पूर्व निगरानी और सड़क सुदृढ़ीकरण पर्याप्त थी। हर साल मानसून के दौरान पहाड़ी यात्रा मार्गों पर यही स्थिति दोहराई जाती है, फिर भी दीर्घकालिक अवसंरचना सुधार की रफ्तार सुस्त बनी हुई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, परंतु बार-बार की अंतिम-क्षण रोक से तीर्थयात्रियों की योजनाएँ और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों प्रभावित होती हैं। जब तक यात्रा मार्गों पर स्थायी मौसम-निगरानी तंत्र और आपातकालीन निकासी व्यवस्था नहीं बनती, यह चक्र हर मानसून में दोहराता रहेगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्री मचैल माता यात्रा 2026 क्यों स्थगित की गई है?
किश्तवाड़ जिले में लगातार खराब मौसम के कारण किश्तवाड़-पाडर-गुलाबगढ़ रूट पर भूस्खलन, फिसलन भरी सड़कें और पत्थर गिरने की घटनाएँ हो रही हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने 25 से 27 जुलाई तक यात्रा पर रोक लगाई है।
गुलाबगढ़ रूट कब तक बंद रहेगा?
किश्तवाड़ के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के आदेश के अनुसार किश्तवाड़-पाडर-गुलाबगढ़ रूट 25 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक बंद रहेगा। मौसम सुधरने और सड़क सुरक्षित होने पर अलग एडवाइजरी जारी की जाएगी।
25 जुलाई के धार्मिक अनुष्ठान होंगे या नहीं?
हाँ, 25 जुलाई को यात्रा की शुरुआत से जुड़े पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान होंगे, लेकिन केवल तय पुजारी और अधिकृत प्रतिनिधि ही इन्हें संपन्न करेंगे। आम श्रद्धालुओं को इस दौरान यात्रा की अनुमति नहीं होगी।
श्री मचैल माता यात्रा दोबारा कब शुरू होगी?
यात्रा पुनः आरंभ की कोई निश्चित तारीख अभी तय नहीं की गई है। प्रशासन ने कहा है कि मौसम अनुकूल होने और सड़क मार्ग सुरक्षित होने के बाद एक अलग आधिकारिक एडवाइजरी जारी की जाएगी।
श्रद्धालुओं को प्रशासन की क्या सलाह है?
किश्तवाड़ के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय ने श्रद्धालुओं और आम जनता को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे 25 से 27 जुलाई के बीच गुलाबगढ़ की ओर कोई यात्रा न करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। यात्रा की आधिकारिक सूचना का इंतजार करें।
राष्ट्र प्रेस
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