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वैष्णो देवी यात्रा 19 जुलाई से स्थगित, भारी बारिश और भूस्खलन बने कारण

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वैष्णो देवी यात्रा 19 जुलाई से स्थगित, भारी बारिश और भूस्खलन बने कारण

सारांश

अमरनाथ के बाद अब वैष्णो देवी यात्रा भी रुकी — जम्मू-कश्मीर में मानसून का कहर जारी है। भारी बारिश और भूस्खलन के बीच श्राइन बोर्ड ने 19 जुलाई से यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित की। 8 जुलाई को भी मार्ग प्रभावित हुआ था, तब यात्रा जारी रही थी।

मुख्य बातें

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने 19 जुलाई से यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की।
जम्मू-कश्मीर में लगातार भारी बारिश और खराब मौसम की चेतावनी स्थगन का कारण।
हिमकोटी के पास नए मार्ग पर भूस्खलन; बैटरी कार सेवा भी अस्थायी रूप से निलंबित।
8 जुलाई को भी मार्ग भूस्खलन से प्रभावित हुआ था, लेकिन उस समय यात्रा जारी रही थी।
मंदिर त्रिकुटा पर्वत पर 5,200 फीट की ऊँचाई पर; कटरा से 13 किमी की पैदल यात्रा।

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने शनिवार, 18 जुलाई को घोषणा की कि जम्मू-कश्मीर में लगातार भारी बारिश और खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए वैष्णो देवी यात्रा को 19 जुलाई से अस्थायी रूप से स्थगित किया जा रहा है। यह निर्णय तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन द्वारा लिया गया है। इससे पहले अमरनाथ यात्रा भी इसी मौसम की मार से प्रभावित हो चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

रियासी जिले के कटरा कस्बे में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मार्ग पर भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएँ सामने आई हैं। नए मार्ग पर हिमकोटी के पास भूस्खलन दर्ज किया गया, जिसके बाद बैटरी कार सेवा को भी अस्थायी रूप से निलंबित करना पड़ा। श्राइन बोर्ड ने तत्काल मलबा हटाने के लिए कर्मचारियों और मशीनों को तैनात किया।

पूर्व में भी हुई थी बाधा

गौरतलब है कि 8 जुलाई को भी माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग भूस्खलन से प्रभावित हुआ था, हालाँकि उस समय यात्रा अप्रभावित रही थी और सैकड़ों तीर्थयात्री अपनी यात्रा जारी रखने में सफल रहे थे। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे जम्मू-कश्मीर में मानसून का प्रकोप जारी है और कई मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई है।

तीर्थस्थल का महत्व

माता वैष्णो देवी मंदिर जम्मू-कश्मीर की त्रिकुटा पर्वत श्रृंखला में 5,200 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। कटरा बेस कैंप से मंदिर तक पहुँचने के लिए 13 किलोमीटर की पैदल यात्रा या हेलीकॉप्टर सेवा का उपयोग किया जाता है। माता वैष्णो देवी — जिन्हें वैष्णवी, त्रिकुटा और शेरावली के नाम से भी जाना जाता है — हिंदू धर्म में शक्ति का प्रतीक मानी जाती हैं और मंदिर में वे स्वयंभू तीन पिंडियों — महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती — के रूप में विराजमान हैं।

आम जनता पर असर

यात्रा स्थगन से लाखों श्रद्धालु प्रभावित हो सकते हैं जो विशेष रूप से सावन माह में दर्शन की योजना बनाकर आते हैं। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले श्राइन बोर्ड की आधिकारिक जानकारी अवश्य देखें।

क्या होगा आगे

मौसम सुधरने और मार्ग सुरक्षित होने के बाद यात्रा पुनः शुरू किए जाने की संभावना है। श्राइन बोर्ड मार्ग की स्थिति पर निरंतर नज़र रखे हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हर बार मलबा हटाने की प्रतिक्रियात्मक रणनीति से आगे बढ़कर मार्ग-सुदृढ़ीकरण की स्थायी योजना ज़रूरी है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैष्णो देवी यात्रा क्यों स्थगित की गई है?
जम्मू-कश्मीर में लगातार भारी बारिश और भूस्खलन के कारण श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने 19 जुलाई से यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
वैष्णो देवी यात्रा कब फिर से शुरू होगी?
श्राइन बोर्ड ने यात्रा पुनः शुरू होने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है। मौसम सुधरने और मार्ग सुरक्षित होने के बाद यात्रा फिर से शुरू की जाएगी; बोर्ड समय-समय पर अपडेट जारी करेगा।
क्या वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन पहले भी हुआ था?
हाँ, 8 जुलाई को भी माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग भूस्खलन से प्रभावित हुआ था। उस समय बैटरी कार सेवा निलंबित हुई थी, लेकिन यात्रा जारी रही थी और सैकड़ों तीर्थयात्री दर्शन करते रहे थे।
वैष्णो देवी मंदिर कहाँ स्थित है और कैसे पहुँचें?
वैष्णो देवी मंदिर जम्मू-कश्मीर की त्रिकुटा पर्वत श्रृंखला में 5,200 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। कटरा बेस कैंप से मंदिर तक 13 किलोमीटर की पैदल यात्रा या हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध है।
अमरनाथ यात्रा भी प्रभावित हुई है क्या?
हाँ, वैष्णो देवी से पहले अमरनाथ यात्रा भी इसी मौसम की वजह से प्रभावित हो चुकी है। जम्मू-कश्मीर में मानसून के कारण दोनों प्रमुख तीर्थयात्राएँ बाधित हुई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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