वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन: हिमकोटी के पास मलबा गिरा, बैटरी कार सेवा अस्थायी बंद, यात्रा जारी
सारांश
मुख्य बातें
माता वैष्णो देवी भवन जाने वाले नए मार्ग पर बुधवार, 8 जुलाई की शाम हिमकोटी के निकट भूस्खलन हुआ, जिसके कारण बैटरी कार सेवा अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी। अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धालुओं की यात्रा पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और सैकड़ों भक्त पुराने मार्ग से आवाजाही करते रहे।
भूस्खलन का कारण और स्थान
रियासी जिले के कटरा स्थित त्रिकुटा पहाड़ियों पर हुई भारी बारिश को इस भूस्खलन का कारण बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मलबा नए मार्ग पर हिमकोटी के पास आ गिरा, जिससे उस रास्ते पर आवाजाही बाधित हो गई। यह ऐसे समय में हुआ जब मानसून की बारिश के चलते जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएँ बढ़ जाती हैं।
श्राइन बोर्ड की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने तत्काल कर्मचारियों और मशीनों को मौके पर भेजा। मलबा हटाने का काम तेज़ी से शुरू किया गया ताकि बैटरी कार सेवा जल्द से जल्द बहाल की जा सके। श्राइन बोर्ड ने यात्रियों से अपील की कि वे पुराने मार्ग का उपयोग करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
यात्रियों पर असर
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बैटरी कार सेवा भले ही अस्थायी रूप से बंद रही, परंतु पुराने मार्ग से पैदल यात्रा निर्बाध जारी रही। सैकड़ों श्रद्धालु बिना किसी रुकावट के भवन तक पहुँचते रहे। कटरा से भवन तक की लगभग 13 किलोमीटर की यात्रा पैदल और हेलीकॉप्टर सेवा के ज़रिये भी जारी रही।
वैष्णो देवी तीर्थ का महत्व
समुद्र तल से लगभग 5,200 फीट की ऊँचाई पर त्रिकुटा पहाड़ियों में स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर हिंदुओं के सर्वाधिक पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। देवी यहाँ तीन पिंडियों — महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती — के रूप में विराजमान हैं। माता वैष्णो देवी को वैष्णवी, त्रिकुटा और शेरावाली के नाम से भी जाना जाता है और उन्हें शक्ति का स्वरूप माना जाता है।
आगे की स्थिति
अधिकारियों के मुताबिक, मलबा हटाने का काम जारी है और बैटरी कार सेवा की बहाली की प्रक्रिया चल रही है। मानसून के मौसम में त्रिकुटा पहाड़ियों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए श्राइन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन सतर्क हैं। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले मार्ग की ताज़ा जानकारी अवश्य लें।