9 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन: हिमकोटी के पास मलबा गिरा, बैटरी कार सेवा अस्थायी बंद, यात्रा जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन: हिमकोटी के पास मलबा गिरा, बैटरी कार सेवा अस्थायी बंद, यात्रा जारी

सारांश

माता वैष्णो देवी के नए मार्ग पर 8 जुलाई की शाम हिमकोटी के पास भारी बारिश से भूस्खलन हुआ। बैटरी कार सेवा अस्थायी रूप से बंद की गई, लेकिन सैकड़ों श्रद्धालु पुराने मार्ग से यात्रा करते रहे। श्राइन बोर्ड ने तत्काल मलबा हटाने का काम शुरू किया।

मुख्य बातें

8 जुलाई की शाम माता वैष्णो देवी के नए मार्ग पर हिमकोटी के पास भूस्खलन हुआ।
भारी बारिश के कारण रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों पर मलबा गिरा।
बैटरी कार सेवा अस्थायी रूप से बंद; पुराने मार्ग से यात्रा निर्बाध जारी रही।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने तत्काल कर्मचारी और मशीनें मौके पर भेजीं।
मंदिर कटरा से लगभग 13 किलोमीटर दूर, समुद्र तल से 5,200 फीट की ऊँचाई पर स्थित है।

माता वैष्णो देवी भवन जाने वाले नए मार्ग पर बुधवार, 8 जुलाई की शाम हिमकोटी के निकट भूस्खलन हुआ, जिसके कारण बैटरी कार सेवा अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी। अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धालुओं की यात्रा पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और सैकड़ों भक्त पुराने मार्ग से आवाजाही करते रहे।

भूस्खलन का कारण और स्थान

रियासी जिले के कटरा स्थित त्रिकुटा पहाड़ियों पर हुई भारी बारिश को इस भूस्खलन का कारण बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मलबा नए मार्ग पर हिमकोटी के पास आ गिरा, जिससे उस रास्ते पर आवाजाही बाधित हो गई। यह ऐसे समय में हुआ जब मानसून की बारिश के चलते जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएँ बढ़ जाती हैं।

श्राइन बोर्ड की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने तत्काल कर्मचारियों और मशीनों को मौके पर भेजा। मलबा हटाने का काम तेज़ी से शुरू किया गया ताकि बैटरी कार सेवा जल्द से जल्द बहाल की जा सके। श्राइन बोर्ड ने यात्रियों से अपील की कि वे पुराने मार्ग का उपयोग करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

यात्रियों पर असर

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बैटरी कार सेवा भले ही अस्थायी रूप से बंद रही, परंतु पुराने मार्ग से पैदल यात्रा निर्बाध जारी रही। सैकड़ों श्रद्धालु बिना किसी रुकावट के भवन तक पहुँचते रहे। कटरा से भवन तक की लगभग 13 किलोमीटर की यात्रा पैदल और हेलीकॉप्टर सेवा के ज़रिये भी जारी रही।

वैष्णो देवी तीर्थ का महत्व

समुद्र तल से लगभग 5,200 फीट की ऊँचाई पर त्रिकुटा पहाड़ियों में स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर हिंदुओं के सर्वाधिक पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। देवी यहाँ तीन पिंडियों — महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती — के रूप में विराजमान हैं। माता वैष्णो देवी को वैष्णवी, त्रिकुटा और शेरावाली के नाम से भी जाना जाता है और उन्हें शक्ति का स्वरूप माना जाता है।

आगे की स्थिति

अधिकारियों के मुताबिक, मलबा हटाने का काम जारी है और बैटरी कार सेवा की बहाली की प्रक्रिया चल रही है। मानसून के मौसम में त्रिकुटा पहाड़ियों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए श्राइन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन सतर्क हैं। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले मार्ग की ताज़ा जानकारी अवश्य लें।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी दीर्घकालिक ढाँचागत समाधान की गति धीमी रही है। श्राइन बोर्ड की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या नए मार्ग का निर्माण और रखरखाव पहाड़ी इलाकों की मौसमी चुनौतियों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई से आगे बढ़कर पूर्वानुमानित आपदा प्रबंधन की ज़रूरत है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माता वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन कहाँ और कब हुआ?
यह भूस्खलन 8 जुलाई की शाम नए मार्ग पर हिमकोटी के पास हुआ। रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों में भारी बारिश के चलते मलबा मार्ग पर आ गिरा।
क्या भूस्खलन से वैष्णो देवी यात्रा बंद हो गई?
नहीं, यात्रा बंद नहीं हुई। बैटरी कार सेवा अस्थायी रूप से रोकी गई, लेकिन सैकड़ों श्रद्धालु पुराने मार्ग से भवन तक आवाजाही करते रहे।
श्राइन बोर्ड ने भूस्खलन के बाद क्या कदम उठाए?
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल कर्मचारी और मशीनें मौके पर भेजीं। मलबा हटाने का काम तेज़ी से शुरू किया गया ताकि बैटरी कार सेवा जल्द बहाल हो सके।
माता वैष्णो देवी मंदिर कहाँ स्थित है और कैसे पहुँचें?
मंदिर जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों में समुद्र तल से लगभग 5,200 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। कटरा से लगभग 13 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है; हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध है।
मानसून में वैष्णो देवी यात्रा पर जाते समय क्या सावधानी बरतें?
मानसून के दौरान त्रिकुटा पहाड़ियों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि यात्रा से पहले श्राइन बोर्ड या स्थानीय प्रशासन से मार्ग की ताज़ा स्थिति की जानकारी लें और भारी बारिश के दौरान यात्रा से बचें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 9 महीने पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले