क्या कटरा में भूस्खलन से एलजी मनोज सिन्हा ने घायल व्यक्तियों से मुलाकात की?

सारांश
Key Takeaways
- भूस्खलन से 30 लोगों की मृत्यु हुई है।
- जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश हो रही है।
- उपराज्यपाल ने घायल श्रद्धालुओं से मुलाकात की।
- सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सेवाओं का आश्वासन दिया गया है।
- भविष्य में बेहतर उपायों की आवश्यकता है।
श्रीनगर, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण माता वैष्णो देवी रूट पर मंगलवार को भूस्खलन हो गया। अर्धकुंवारी के पास पहाड़ी से गिरे पत्थरों और मलबे ने रूट को प्रभावित कर दिया है। इस हादसे में अब तक 30 लोगों की जान जा चुकी है। फिलहाल, भूस्खलन और बारिश के चलते माता वैष्णो देवी की यात्रा को रोक दिया गया है।
एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसेन शाहेदी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि इस घटना में 30 लोगों की मौत और 15 लोग घायल हुए हैं।
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कटरा स्थित एसएमवीडी नारायणा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में भूस्खलन में घायल श्रद्धालुओं से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से सर्वश्रेष्ठ उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, "मैं आपातकालीन प्रतिक्रियाकर्ताओं और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके प्रयासों से कई लोगों की जान बचाई जा सकी।"
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर 2014 में आई बाढ़ की तस्वीरें साझा करते हुए पूछा, "2014 की बाढ़ से हमने क्या सीखा?"
उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, "पिछले 11 वर्षों में क्या सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं?" ये सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब चुनी हुई सरकार को तलाशने होंगे।
व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने अपने आधिकारिक अकाउंट पर जानकारी दी कि जम्मू में आई बाढ़ के कारण 26 अगस्त को बच्चों सहित लगभग 100 नागरिकों को नगरोटा के कंडोली माता मंदिर में शरण लेनी पड़ी। व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जवानों ने तत्काल कार्रवाई की और जरूरतमंदों को खाने, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा प्रदान की।