नागपुर के 110 नागरिक काठमांडू में सुरक्षित, CM फडणवीस ने दिलाया वापसी का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने 27 अगस्त 2026 को पुष्टि की कि नागपुर जिले के 110 नागरिक, जो 'श्री स्वामी महाराज' समूह के साथ नेपाल की धार्मिक और पर्यटन यात्रा पर गए थे, काठमांडू में पूरी तरह सुरक्षित हैं। 26 अगस्त को नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बावजूद इस समूह पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा।
मुख्य घटनाक्रम
ज्यादातर बुजुर्गों से बना यह समूह 22 अगस्त को काठमांडू पहुँचा था। बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बाद नागपुर जिला प्रशासन ने तत्काल इस समूह से संपर्क साधा और पुष्टि की कि सभी काठमांडू में माहेश्वरी समाज की सुविधा में सुरक्षित ठहरे हुए हैं।
समूह के सदस्य प्रेम नगर, इतवारी के अंकुश लुडेकर और मानेवाड़ा के आशुतोष चौधरी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। नागपुर में उनके परिजनों ने भी पुष्टि की है कि समूह के सभी सदस्य ठीक हैं।
वापसी की योजना
नेपाल के अधिकारियों ने इस समूह की वापसी के लिए वैकल्पिक बस परिवहन की व्यवस्था की। 27 अगस्त को यह समूह काठमांडू से जनकपुर के लिए रवाना हुआ, जहाँ उनके 28 अगस्त की सुबह पहुँचने की योजना है। जनकपुर से भारत में प्रवेश कर वे पटना जाएंगे और दानापुर रेलवे स्टेशन से 28 अगस्त को ट्रेन द्वारा नागपुर वापस लौटेंगे।
मुख्यमंत्री और सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने फंसे हुए नागरिकों से सीधे फोन पर बात की और उन्हें सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि फडणवीस के फोन कॉल के बाद नेपाल के सांसद संदीप राणा ने काठमांडू से जनकपुर तक यात्रा के लिए चार मिनी-बस का इंतजाम किया।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि महाराष्ट्र के अन्य नागरिक — विशेषकर सतारा, महाबलेश्वर और पुणे क्षेत्रों के लोग — अभी भी नेपाल में फंसे हुए हैं। अधिकारी उन्हें भी सुरक्षित वापस लाने के प्रयास में जुटे हैं।
शिवसेना की भूमिका
नेपाल में मौजूद शिवसेना के कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी महाराष्ट्र के फंसे नागरिकों तक पहुँचने और उन्हें सहायता पहुँचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह स्थानीय राजनीतिक नेटवर्क का उपयोग आपदा राहत में करने का एक उल्लेखनीय उदाहरण है।
आम जनता पर असर
नेपाल में 26 अगस्त की बाढ़ ने कई भारतीय पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को प्रभावित किया है। महाराष्ट्र सरकार की त्वरित कार्रवाई और नेपाल प्रशासन के सहयोग से नागपुर के इस समूह की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सकी। यह घटना यह भी रेखांकित करती है कि विदेश यात्राओं में आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल कितने आवश्यक हैं।