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नेपाल बाढ़: आंध्र प्रदेश के 7 लोग लापता, 34 सुरक्षित; CM नायडू ने दिए निकासी के निर्देश

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नेपाल बाढ़: आंध्र प्रदेश के 7 लोग लापता, 34 सुरक्षित; CM नायडू ने दिए निकासी के निर्देश

सारांश

नेपाल की बाढ़ में आंध्र प्रदेश के 7 निवासी लापता हैं — इनमें ईशा फाउंडेशन की मानसरोवर यात्रा पर गए 3 तीर्थयात्री भी शामिल हैं। 34 लोग सुरक्षित हैं। CM नायडू ने नई दिल्ली में नियंत्रण कक्ष स्थापित कर वैकल्पिक मार्गों से निकासी के निर्देश दिए हैं।

मुख्य बातें

नेपाल बाढ़ में आंध्र प्रदेश के 7 निवासी लापता, जिनमें ईशा फाउंडेशन की मानसरोवर यात्रा के 3 तीर्थयात्री शामिल।
34 लोग सुरक्षित — तिरुपति के 28 तीर्थयात्री काठमांडू में और कुरनूल-अडोनी के 4 लोग तिब्बत में।
नई दिल्ली स्थित एपी भवन में नियंत्रण कक्ष स्थापित; RTGS के जरिए संपर्क।
CM चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार और भारतीय दूतावासों से समन्वय के निर्देश दिए।
वैकल्पिक मार्गों से सुरक्षित निकासी और परिवारों को तत्काल सूचना देने के आदेश जारी।

बाढ़ प्रभावित नेपाल में आंध्र प्रदेश के सात निवासी अभी तक लापता हैं, जबकि 34 अन्य लोग सुरक्षित बताए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, लापता व्यक्ति चित्तूर, विजयवाड़ा, काकीनाडा और गुंटूर जिलों से हैं और उनके मोबाइल फोन फिलहाल बंद हैं। 27 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की और फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने को सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया।

कौन हैं लापता और कहाँ हैं सुरक्षित लोग

लापता सात लोगों में से तीन ईशा फाउंडेशन द्वारा आयोजित मानसरोवर तीर्थयात्रा के अंतर्गत गए थे। शेष लापता व्यक्तियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। दूसरी ओर, कुरनूल-अडोनी क्षेत्र के चार लोग तिब्बत में सुरक्षित हैं, जबकि तिरुपति के 28 तीर्थयात्री काठमांडू में सुरक्षित हैं और रियल-टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) के माध्यम से उनसे संपर्क स्थापित किया जा चुका है।

सरकार की प्रतिक्रिया और नियंत्रण कक्ष

स्थिति की निगरानी के लिए नई दिल्ली स्थित एपी भवन में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। राज्य सरकार केंद्र सरकार तथा काठमांडू और चीन स्थित भारतीय दूतावासों के साथ नियमित समन्वय बनाए हुए है। प्रभावित परिवारों को लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं।

CM नायडू के निर्देश

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लापता लोगों का पता लगाने के लिए सभी संभव माध्यमों का उपयोग किया जाए और परिवारों को सूचना देने में कोई देरी न हो। उन्होंने सड़क और हवाई संपर्क बहाल करने के साथ-साथ जहाँ आवश्यक हो, वैकल्पिक मार्गों से सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। नायडू ने सभी संबंधित विभागों को घनिष्ठ समन्वय में काम करने को कहा।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून की भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गौरतलब है कि हर वर्ष हजारों भारतीय तीर्थयात्री मानसरोवर यात्रा पर जाते हैं और नेपाल इस मार्ग का अहम पड़ाव है। इस घटना ने तीर्थयात्रा के दौरान आपातकालीन संचार व्यवस्था की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित किया है।

क्या होगा आगे

अधिकारियों के अनुसार, लापता व्यक्तियों का पता लगाने की कोशिशें जारी हैं और स्थिति में किसी भी बदलाव की जानकारी परिवारों को तत्काल दी जाएगी। भारतीय राजनयिक मिशनों के साथ समन्वय बनाए रखा जा रहा है और सुरक्षित निकासी के विकल्पों पर काम जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संकट के समय उनके परिजनों तक सूचना पहुँचाने की व्यवस्था अपर्याप्त साबित होती है। राज्य सरकार का त्वरित नियंत्रण कक्ष स्थापित करना सराहनीय है, परंतु असली परीक्षा यह है कि क्या केंद्र और राज्य मिलकर ऐसा स्थायी प्रोटोकॉल बना सकते हैं जो हर मानसून सीजन में इस स्थिति की पुनरावृत्ति रोके।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में आंध्र प्रदेश के कितने लोग लापता हैं?
अधिकारियों के अनुसार, चित्तूर, विजयवाड़ा, काकीनाडा और गुंटूर के कुल 7 निवासी फिलहाल लापता हैं और उनके फोन बंद हैं। इनमें से 3 ईशा फाउंडेशन की मानसरोवर तीर्थयात्रा पर गए थे।
नेपाल में फंसे आंध्र प्रदेश के सुरक्षित लोग कहाँ हैं?
कुल 34 लोग सुरक्षित हैं — तिरुपति के 28 तीर्थयात्री काठमांडू में हैं जिनसे RTGS के जरिए संपर्क हो चुका है, और कुरनूल-अडोनी के 4 लोग तिब्बत में सुरक्षित हैं।
CM चंद्रबाबू नायडू ने नेपाल बाढ़ पर क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री नायडू ने नई दिल्ली के एपी भवन में नियंत्रण कक्ष स्थापित करवाया और अधिकारियों को केंद्र सरकार व भारतीय दूतावासों से समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने वैकल्पिक मार्गों से सुरक्षित निकासी और परिवारों को बिना देरी सूचित करने के आदेश भी दिए।
मानसरोवर यात्रियों से संपर्क कैसे किया जा रहा है?
राज्य सरकार रियल-टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) के माध्यम से तीर्थयात्रियों से संपर्क कर रही है। काठमांडू और चीन स्थित भारतीय दूतावास भी इस प्रयास में सहयोग कर रहे हैं।
नेपाल में फंसे लोगों के परिवारों को जानकारी कैसे मिलेगी?
CM नायडू के निर्देश पर प्रभावित परिवारों को नियमित रूप से अपडेट दिया जा रहा है। नई दिल्ली के एपी भवन में स्थापित नियंत्रण कक्ष इस कार्य का केंद्र है और किसी भी नई जानकारी की सूचना बिना देरी के दी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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