28 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़: तमिलनाडु ने IAS टीम काठमांडू भेजी, 103 में से 21 कुंभकोणम निवासी सुरक्षित

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नेपाल बाढ़: तमिलनाडु ने IAS टीम काठमांडू भेजी, 103 में से 21 कुंभकोणम निवासी सुरक्षित

सारांश

नेपाल के रसुवा जिले में भीषण बाढ़ ने 175 से अधिक की जान ली और करीब 1,000 लोगों को लापता कर दिया — जिनमें 300 भारतीय भी हैं। तमिलनाडु के 103 नागरिक फंसे हैं; 21 को बचाया जा चुका है। मुख्यमंत्री विजय ने IAS नेतृत्व वाली टीम काठमांडू भेजी है।

मुख्य बातें

जोसेफ विजय ने 27 अगस्त 2026 को गृह आयुक्त आशीष कुमार के नेतृत्व में IAS टीम काठमांडू भेजने का आदेश दिया।
नेपाल के रसुवा जिले में बाढ़ से कम से कम 175 लोगों की मौत; लगभग 1,000 लोग लापता, जिनमें करीब 300 भारतीय शामिल।
तमिलनाडु से 103 नागरिक नेपाल गए थे — इनमें कुंभकोणम के 57 लोगों का समूह भी शामिल।
कुंभकोणम के 57 में से 21 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया; शेष की तलाश जारी।
कोसी और त्रिशुली नदियों में हिमस्खलन से उफान; परिवहन और संचार व्यवस्था बाधित।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 27 अगस्त 2026 को नेपाल में भीषण बाढ़ में फंसे राज्य के नागरिकों के बचाव के लिए गृह आयुक्त आशीष कुमार के नेतृत्व में एक वरिष्ठ IAS प्रतिनिधिमंडल काठमांडू भेजने का आदेश दिया। यह निर्णय चेन्नई में एक आपातकालीन समीक्षा बैठक के बाद लिया गया, जिसमें नेपाल के उत्तरी क्षेत्र में फंसे तमिलनाडु निवासियों की स्थिति का आकलन किया गया।

आपदा का स्वरूप

हिमस्खलन के कारण कोसी और त्रिशुली नदियों में अचानक उफान आया, जिसने नेपाल के उत्तरी सीमावर्ती जिले रसुवा सहित बड़े क्षेत्रों को जलमग्न कर दिया। इस आपदा में अब तक कम से कम 175 लोगों की मौत की खबर है, जबकि लगभग 300 भारतीयों सहित करीब 1,000 लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ ने परिवहन और संचार व्यवस्था को बुरी तरह बाधित कर दिया है, जिससे तीर्थयात्रियों और पर्यटकों का पता लगाना और भी कठिन हो गया है।

तमिलनाडु के फंसे नागरिकों की स्थिति

स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन अरुमुगम ने तमिलनाडु विधानसभा को बताया कि राज्य से कुल 103 लोग नेपाल गए थे। इनमें कुंभकोणम के 57 लोगों का एक समूह भी शामिल था। मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि 'कुंभकोणम के इन 57 लोगों में से 21 को बचा लिया गया है और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचा दिया गया है।' शेष लोगों से संपर्क स्थापित करने के प्रयास जारी हैं।

IAS प्रतिनिधिमंडल की भूमिका

गृह आयुक्त आशीष कुमार के नेतृत्व में यह दल नई दिल्ली से काठमांडू के लिए रवाना होगा। प्रतिनिधिमंडल का कार्य लापता या फंसे हुए लोगों के बारे में सत्यापित जानकारी एकत्र करना, उनकी आवश्यकताओं की पहचान करना और नेपाल सरकार तथा भारतीय राजनयिक अधिकारियों के साथ मिलकर बचाव कार्यों का समन्वय करना है। अधिकारियों से यह भी अपेक्षा है कि वे प्रभावित परिवारों को नियमित अपडेट प्रदान करते रहें।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री विजय ने गुरुवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक की अध्यक्षता की और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि फंसे हुए यात्रियों को हर संभव सहायता दी जाए और बचाए गए निवासियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए। यह ऐसे समय में आया है जब क्षतिग्रस्त सड़कों और बाधित संचार नेटवर्क के बीच बचाव दल दुर्गम पहाड़ी इलाकों में काम कर रहे हैं।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएँ आम हैं, लेकिन इस बार की तबाही का पैमाना असाधारण बताया जा रहा है। बचाव दल क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे के बीच अभियान जारी रखे हुए हैं। IAS प्रतिनिधिमंडल के काठमांडू पहुँचने के बाद बचाव कार्यों में तेज़ी आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जब बाढ़ आई तब राज्य की पूर्व-चेतावनी प्रणाली कहाँ थी — नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान यात्रा के जोखिम सर्वविदित हैं। करीब 300 भारतीयों के लापता होने की खबर यह भी दर्शाती है कि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के पंजीकरण की केंद्रीकृत व्यवस्था कितनी कमज़ोर है। जब तक राज्य और केंद्र सरकारें उच्च-जोखिम वाले अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर यात्रियों की रियल-टाइम ट्रैकिंग नहीं अपनाएँगी, ऐसी आपदाओं में प्रतिक्रिया हमेशा देर से और अधूरी रहेगी।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल में तमिलनाडु के कितने लोग फंसे हैं?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार तमिलनाडु से कुल 103 लोग नेपाल गए थे, जिनमें कुंभकोणम के 57 लोगों का समूह शामिल है। इनमें से 21 को बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जा चुका है और शेष की तलाश जारी है।
तमिलनाडु सरकार ने बचाव के लिए क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गृह आयुक्त आशीष कुमार के नेतृत्व में एक IAS प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली से काठमांडू भेजा है। यह दल नेपाल सरकार और भारतीय राजनयिक अधिकारियों के साथ समन्वय कर बचाव कार्यों को गति देगा।
नेपाल में बाढ़ कैसे आई और कितना नुकसान हुआ?
हिमस्खलन के कारण कोसी और त्रिशुली नदियों में अचानक उफान आया, जिसने रसुवा जिले सहित बड़े क्षेत्रों को जलमग्न कर दिया। अब तक कम से कम 175 लोगों की मौत हुई है और करीब 1,000 लोग लापता हैं, जिनमें लगभग 300 भारतीय शामिल हैं।
IAS प्रतिनिधिमंडल नेपाल में क्या काम करेगा?
प्रतिनिधिमंडल लापता और फंसे हुए तमिलनाडु निवासियों की सत्यापित जानकारी एकत्र करेगा, उनकी ज़रूरतों का आकलन करेगा और नेपाल सरकार के साथ मिलकर बचाव अभियान का समन्वय करेगा। साथ ही प्रभावित परिवारों को नियमित अपडेट देना भी इसकी ज़िम्मेदारी होगी।
कुंभकोणम के तीर्थयात्रियों की ताज़ा स्थिति क्या है?
कुंभकोणम से गए 57 लोगों के समूह में से 21 को बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचा दिया गया है। शेष लोगों से संपर्क स्थापित करने और उनके ठिकाने का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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