नेपाल बाढ़: आंध्र प्रदेश के 3 तीर्थयात्री लापता, 4 सुरक्षित लेकिन फंसे; मंत्री लोकेश ने संभाली कमान
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद आंध्र प्रदेश के 7 नागरिक प्रभावित हुए हैं — जिनमें से 3 अभी भी लापता हैं और 4 सुरक्षित लेकिन फंसे हुए हैं। राज्य सरकार के अधिकारियों ने गुरुवार, 27 अगस्त को यह जानकारी दी। सभी प्रभावित व्यक्ति कैलाश मानसरोवर की पवित्र यात्रा पर निकले 156 सदस्यीय दल का हिस्सा थे।
कौन हैं लापता तीर्थयात्री
लापता तीन लोगों में से दो ईशा फाउंडेशन ग्रुप एस3 के सदस्य बताए गए हैं। ससि कुमार को आखिरी बार ग्यिरॉन्ग में देखा गया था, जबकि राज्यलक्ष्मी निम्मगड्डा भी उसी समूह की सदस्य हैं और उनका कोई संपर्क नहीं है। तीसरे लापता व्यक्ति बाला सुब्रमण्यम कुप्पम के निवासी हैं।
सुरक्षित लेकिन फंसे चार नागरिक
भास्कर शास्त्री सहित अडोनी और कुरनूल के तीन अन्य व्यक्तियों के सुरक्षित होने की पुष्टि हो गई है, परंतु वे अभी भी बाढ़-प्रभावित क्षेत्र में फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने और संबंधित दूतावासों से संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई है।
बाढ़ ने तीर्थ-मार्ग को बनाया खतरनाक
आंध्र प्रदेश भवन के अनुसार, कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पारगमन और अनुकूलन स्थल — स्याफ्रुबेसी और तिमुरे — बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सैकड़ों भारतीय तीर्थयात्री इस मार्ग से गुज़र रहे थे।
सरकार की प्रतिक्रिया और समन्वय
राज्य सरकार में मंत्री नारा लोकेश व्यक्तिगत रूप से बचाव प्रयासों का नेतृत्व और समन्वय कर रहे हैं। आंध्र प्रदेश भवन, नई दिल्ली लगातार भारतीय दूतावास, चीनी दूतावास, नेपाली दूतावास, ग्यिरॉन्ग आव्रजन केंद्र, ईशा फाउंडेशन, आरटीजीएस सेंटर और विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ समन्वय कर रहा है।
परिजन यहाँ करें संपर्क
लापता व्यक्तियों के परिवार नेपाल पर्यटन पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 1144 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश भवन आपातकालीन नियंत्रण कक्ष से 011-23384016, 011-23387089 या व्हाट्सएप नंबर 9059824101 पर भी संपर्क किया जा सकता है। परिजनों से अनुरोध है कि वे व्यक्ति के अंतिम ज्ञात स्थान और यात्रा विवरण की जानकारी साझा करें।