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नेपाल बाढ़: आंध्र प्रदेश के 3 तीर्थयात्री लापता, 4 सुरक्षित लेकिन फंसे; मंत्री लोकेश ने संभाली कमान

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नेपाल बाढ़: आंध्र प्रदेश के 3 तीर्थयात्री लापता, 4 सुरक्षित लेकिन फंसे; मंत्री लोकेश ने संभाली कमान

सारांश

कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकले आंध्र प्रदेश के 7 नागरिक नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में फंस गए हैं — 3 लापता, 4 सुरक्षित लेकिन अटके हुए। मंत्री नारा लोकेश ने खुद बचाव की कमान थामी है और आंध्र प्रदेश भवन कई दूतावासों से समन्वय कर रहा है।

मुख्य बातें

नेपाल बाढ़ में आंध्र प्रदेश के 7 नागरिक प्रभावित — 3 लापता , 4 सुरक्षित लेकिन फंसे ।
लापता लोगों में ससि कुमार और राज्यलक्ष्मी निम्मगड्डा ( ईशा फाउंडेशन ग्रुप एस3 ) तथा कुप्पम के बाला सुब्रमण्यम शामिल।
भास्कर शास्त्री सहित अडोनी व कुरनूल के तीन अन्य व्यक्ति सुरक्षित, परंतु फंसे हुए।
सभी प्रभावित 156 सदस्यीय कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री दल का हिस्सा थे।
मंत्री नारा लोकेश व्यक्तिगत रूप से बचाव प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिजन नेपाल पर्यटन पुलिस हेल्पलाइन 1144 या आंध्र प्रदेश भवन: 011-23384016 से संपर्क करें।

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद आंध्र प्रदेश के 7 नागरिक प्रभावित हुए हैं — जिनमें से 3 अभी भी लापता हैं और 4 सुरक्षित लेकिन फंसे हुए हैं। राज्य सरकार के अधिकारियों ने गुरुवार, 27 अगस्त को यह जानकारी दी। सभी प्रभावित व्यक्ति कैलाश मानसरोवर की पवित्र यात्रा पर निकले 156 सदस्यीय दल का हिस्सा थे।

कौन हैं लापता तीर्थयात्री

लापता तीन लोगों में से दो ईशा फाउंडेशन ग्रुप एस3 के सदस्य बताए गए हैं। ससि कुमार को आखिरी बार ग्यिरॉन्ग में देखा गया था, जबकि राज्यलक्ष्मी निम्मगड्डा भी उसी समूह की सदस्य हैं और उनका कोई संपर्क नहीं है। तीसरे लापता व्यक्ति बाला सुब्रमण्यम कुप्पम के निवासी हैं।

सुरक्षित लेकिन फंसे चार नागरिक

भास्कर शास्त्री सहित अडोनी और कुरनूल के तीन अन्य व्यक्तियों के सुरक्षित होने की पुष्टि हो गई है, परंतु वे अभी भी बाढ़-प्रभावित क्षेत्र में फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने और संबंधित दूतावासों से संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई है।

बाढ़ ने तीर्थ-मार्ग को बनाया खतरनाक

आंध्र प्रदेश भवन के अनुसार, कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पारगमन और अनुकूलन स्थल — स्याफ्रुबेसी और तिमुरे — बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सैकड़ों भारतीय तीर्थयात्री इस मार्ग से गुज़र रहे थे।

सरकार की प्रतिक्रिया और समन्वय

राज्य सरकार में मंत्री नारा लोकेश व्यक्तिगत रूप से बचाव प्रयासों का नेतृत्व और समन्वय कर रहे हैं। आंध्र प्रदेश भवन, नई दिल्ली लगातार भारतीय दूतावास, चीनी दूतावास, नेपाली दूतावास, ग्यिरॉन्ग आव्रजन केंद्र, ईशा फाउंडेशन, आरटीजीएस सेंटर और विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ समन्वय कर रहा है।

परिजन यहाँ करें संपर्क

लापता व्यक्तियों के परिवार नेपाल पर्यटन पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 1144 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश भवन आपातकालीन नियंत्रण कक्ष से 011-23384016, 011-23387089 या व्हाट्सएप नंबर 9059824101 पर भी संपर्क किया जा सकता है। परिजनों से अनुरोध है कि वे व्यक्ति के अंतिम ज्ञात स्थान और यात्रा विवरण की जानकारी साझा करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह घटना उन हज़ारों भारतीय तीर्थयात्रियों की भेद्यता को उजागर करती है जो हर वर्ष इस मार्ग से गुज़रते हैं। गौरतलब है कि स्याफ्रुबेसी और तिमुरे जैसे महत्वपूर्ण पारगमन बिंदुओं पर आपदा-प्रबंधन की तैयारी का सवाल बार-बार उठता है, लेकिन व्यापक नीतिगत समाधान अभी भी अधूरे हैं। राज्य सरकार की सक्रियता सराहनीय है, परंतु केंद्र और संबंधित देशों के बीच वास्तविक समय में समन्वय का ढाँचा कितना मज़बूत है — यही असली परीक्षा है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में आंध्र प्रदेश के कौन-से नागरिक लापता हैं?
लापता तीन लोगों में ईशा फाउंडेशन ग्रुप एस3 के सदस्य ससि कुमार (अंतिम बार ग्यिरॉन्ग में देखे गए) और राज्यलक्ष्मी निम्मगड्डा, तथा कुप्पम के बाला सुब्रमण्यम शामिल हैं। तीनों कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री दल के हिस्से थे।
आंध्र प्रदेश के फंसे तीर्थयात्रियों के परिजन कहाँ संपर्क करें?
परिजन नेपाल पर्यटन पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 1144 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश भवन आपातकालीन नियंत्रण कक्ष के नंबर 011-23384016 या 011-23387089, तथा व्हाट्सएप नंबर 9059824101 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर नेपाल बाढ़ का क्या असर हुआ है?
आंध्र प्रदेश भवन के अनुसार, तीर्थयात्रियों के लिए महत्वपूर्ण पारगमन और अनुकूलन स्थल स्याफ्रुबेसी और तिमुरे बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया है और संपर्क टूट गया है।
आंध्र प्रदेश सरकार बचाव के लिए क्या कदम उठा रही है?
मंत्री नारा लोकेश व्यक्तिगत रूप से बचाव प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं। आंध्र प्रदेश भवन भारतीय दूतावास, चीनी दूतावास, नेपाली दूतावास, ग्यिरॉन्ग आव्रजन केंद्र, ईशा फाउंडेशन और विदेश मंत्रालय के साथ लगातार समन्वय कर रहा है।
नेपाल बाढ़ में फंसे आंध्र प्रदेश के कुल कितने लोग हैं?
कुल 7 आंध्र प्रदेश के नागरिक प्रभावित हैं — 3 लापता और 4 सुरक्षित लेकिन अभी भी फंसे हुए। ये सभी 156 सदस्यीय कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री दल का हिस्सा थे।
राष्ट्र प्रेस
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