बांद्रा पथराव: मुजकैर हसफाक आलम गिरफ्तार, कोर्ट ने पुलिस कस्टडी में भेजा
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के बांद्रा गरीब नगर इलाके में 20 मई को अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस टीम पर हुए पथराव मामले में निर्मल नगर पुलिस स्टेशन ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुजकैर हसफाक आलम के रूप में हुई है, जिसे कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।
घटनाक्रम: क्या हुआ था 20 मई को
एफआईआर के अनुसार, यह घटना बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन के निकट गरीब नगर में गैर-कानूनी निर्माणों को हटाने के एक अभियान के दौरान हुई। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेशों और तय撤除 शेड्यूल के तहत की जा रही थी। अभियान में मुंबई पुलिस, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF), होम गार्ड और अन्य सुरक्षाकर्मी तैनात थे।
अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान मौके पर लगभग 100 से 150 लोगों की भीड़ जमा हो गई और विरोध शुरू हो गया। पुलिस ने कथित तौर पर बार-बार अनाउंसमेंट कर लोगों से शांतिपूर्वक हटने का आग्रह किया, लेकिन एफआईआर के मुताबिक भीड़ ने अभियान में बाधा डालने की कोशिश की।
पथराव और हिंसा का विवरण
एफआईआर में दावा किया गया है कि भीड़ में से कुछ लोगों ने नारेबाज़ी शुरू कर दी और अशांति फैलाने का प्रयास किया। इसके बाद मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर पत्थर व अन्य वस्तुएँ फेंकी गईं, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और कई लोगों को हिरासत में लिया। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
जाँच और आरोप
पुलिस की प्राथमिक जाँच में कथित तौर पर खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने साजिश के तहत पुलिस टीम पर पथराव किया। एफआईआर में 10 नामज़द आरोपियों के अलावा 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर गैर-कानूनी तरीके से एकत्र होने, दंगा करने, सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी से रोकने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले से संबंधित धाराएँ लगाई गई हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारी हिंसा में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जाँच कर रहे हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गरीब नगर इलाके में सुरक्षा बल बढ़ा दिए गए हैं। आगे और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।