बांद्रा हिंसा: अतिक्रमण हटाओ अभियान में पुलिस पर पथराव, 16 आरोपी गिरफ्तार — पहले से रची गई थी साजिश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बांद्रा हिंसा: अतिक्रमण हटाओ अभियान में पुलिस पर पथराव, 16 आरोपी गिरफ्तार — पहले से रची गई थी साजिश

सारांश

मुंबई के बांद्रा ईस्ट में न्यायालय के आदेश पर चल रहे अतिक्रमण-विरोधी अभियान को रोकने के लिए 100-150 लोगों की भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। जाँच में सुनियोजित साजिश का खुलासा, अब तक 16 गिरफ्तार, सीसीटीवी से और आरोपियों की तलाश जारी।

मुख्य बातें

20 मई 2025 को बांद्रा ईस्ट के गरीब नगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव हुआ।
जाँच में सामने आया कि हमला सुनियोजित साजिश के तहत किया गया था।
अब तक 16 आरोपी गिरफ्तार ; एफआईआर में 10 नामजद और 100-150 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज।
ऑपरेशन में मुंबई पुलिस , RPF और होम गार्ड तैनात थे; कई पुलिसकर्मी घायल ।
आरोपियों पर दंगा, सरकारी कार्य में बाधा और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान की धाराएँ लगाई गई हैं।
सीसीटीवी फुटेज की जाँच जारी; इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई।

मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में 20 मई 2025 को अतिक्रमण-विरोधी अभियान के दौरान पुलिस दल पर पथराव की घटना में अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि यह हमला सुनियोजित था — अधिकारियों पर पत्थर फेंकने से पहले एक बड़ी साजिश रची गई थी।

मुख्य घटनाक्रम

प्राथमिकी (एफआईआर) के अनुसार, घटना बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन के निकट गरीब नगर इलाके में उस समय हुई जब अधिकारी न्यायालय के आदेश और निर्धारित कार्यक्रम के तहत अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई कर रहे थे। ऑपरेशन में मुंबई पुलिस, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF), होम गार्ड और अन्य सुरक्षा कर्मी तैनात थे।

जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, मौके पर 100 से 150 लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर बार-बार लाउडस्पीकर पर भीड़ को शांतिपूर्वक हटने के लिए कहा, लेकिन स्थिति बिगड़ती गई। एफआईआर में दावा किया गया है कि भीड़ में से कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू की और जानबूझकर अफरा-तफरी फैलाकर तोड़फोड़ का काम रोकने की कोशिश की।

पुलिस पर हमला और घायल कर्मी

इसी अफरा-तफरी के बीच मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर पत्थर तथा अन्य वस्तुएँ फेंकी गईं, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। विशेष रूप से ऑपरेशन में लगे सुरक्षाकर्मियों को चोटें आईं। स्थिति नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा और कई लोगों को हिरासत में लिया गया।

एफआईआर और आरोप

पुलिस ने एफआईआर में 10 नामजद आरोपियों के साथ-साथ 100-150 अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। नामजद आरोपियों पर गैर-कानूनी तरीके से एकत्र होने, दंगा करने, सरकारी कर्मचारियों को कर्तव्य पालन से रोकने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले से संबंधित धाराएँ लगाई गई हैं। अब तक कुल 16 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

जाँच और सुरक्षा व्यवस्था

पुलिस अधिकारी हिंसा में कथित तौर पर शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जाँच कर रहे हैं। भविष्य में कानून-व्यवस्था की किसी भी समस्या से बचने के लिए इलाके में सुरक्षा बल बढ़ा दिए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई में अतिक्रमण-विरोधी अभियानों को लेकर तनाव पहले से बना हुआ है।

आगे क्या होगा

जाँच अभी जारी है और अज्ञात आरोपियों की पहचान के बाद और गिरफ्तारियाँ संभव हैं। गौरतलब है कि न्यायालय के आदेश पर की जा रही इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय प्रशासन और निवासियों के बीच पहले से तनाव की स्थिति थी। अधिकारियों के अनुसार, साजिश के पहलुओं की गहन जाँच की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या प्रशासन ने ऑपरेशन से पहले पर्याप्त सामुदायिक संवाद किया था। मुंबई में ऐसे अभियानों का इतिहास बताता है कि बिना पूर्व सूचना और पुनर्वास योजना के की गई कार्रवाइयाँ अक्सर हिंसा को आमंत्रण देती हैं। जाँच एजेंसियों को साजिश के तार के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रिया की खामियों पर भी ध्यान देना होगा।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांद्रा ईस्ट हिंसा मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एफआईआर में 10 लोग नामजद हैं और 100-150 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी मामला दर्ज है।
बांद्रा गरीब नगर में हिंसा क्यों हुई?
20 मई 2025 को बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन के पास गरीब नगर में न्यायालय के आदेश पर अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई के दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। जाँच में सामने आया है कि यह हमला पूर्व नियोजित था।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपियों पर गैर-कानूनी तरीके से एकत्र होने, दंगा करने, सरकारी कर्मचारियों को कर्तव्य पालन से रोकने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले से संबंधित धाराएँ लगाई गई हैं।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
हाँ, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपियों की पहचान कर रही है और आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
घटना के बाद बांद्रा ईस्ट में सुरक्षा की क्या स्थिति है?
इलाके में सुरक्षा बल बढ़ा दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस तैनात की गई है और स्थिति अभी नियंत्रण में है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 33 मिनट पहले
  2. 34 मिनट पहले
  3. 1 घंटा पहले
  4. 3 घंटे पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 3 दिन पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 3 सप्ताह पहले