बांद्रा हिंसा: अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस पर पथराव, 16 गिरफ्तार — पहले से रची गई थी साजिश
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में 20 मई 2026 को अतिक्रमण-विरोधी अभियान के दौरान भड़की हिंसा में पुलिस ने अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सुरक्षाकर्मियों पर पथराव करने से पहले एक सुनियोजित साजिश रची गई थी। घटना बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन के निकट गरीब नगर क्षेत्र में हुई, जहाँ अदालत के आदेशों के तहत अवैध निर्माण हटाने का काम चल रहा था।
मुख्य घटनाक्रम
एफआईआर के अनुसार, 20 मई को मुंबई पुलिस, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF), होम गार्ड और अन्य सुरक्षाकर्मियों की संयुक्त टीम अदालती निर्देशों के अनुपालन में गरीब नगर में अवैध संरचनाएँ हटाने पहुँची थी। अभियान के दौरान मौके पर 100 से 150 लोगों की भीड़ एकत्र हो गई और विरोध शुरू हो गया।
अधिकारियों ने कथित तौर पर बार-बार लाउडस्पीकर पर भीड़ को शांत रहने और हटने की अपील की, लेकिन स्थिति बिगड़ती गई। जांच अधिकारियों के अनुसार, भीड़ में से कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू की और अभियान में बाधा डालने की कोशिश की।
पथराव और हिंसा
इसी अफरा-तफरी के दौरान मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और अन्य सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर तथा अन्य वस्तुएँ फेंकी गईं, जिससे इलाके में तनाव चरम पर पहुँच गया। कई पुलिसकर्मी इस हमले में घायल हो गए। बाद में पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए हल्के बल का प्रयोग किया और मौके से कई लोगों को हिरासत में लिया।
आरोप और गिरफ्तारियाँ
पुलिस ने दर्ज एफआईआर में 10 नामजद आरोपियों के अलावा 100 से 150 अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर गैर-कानूनी तरीके से एकत्र होने, दंगा करने, सरकारी कर्मचारियों को कर्तव्य-निर्वहन से रोकने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले से संबंधित विभिन्न धाराएँ लगाई गई हैं। अब तक कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच की स्थिति
पुलिस अधिकारी हिंसा में कथित तौर पर शामिल व्यक्तियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं। यह जांच इस लिहाज से भी अहम है कि प्रारंभिक जांच में पथराव को पूर्व-नियोजित साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है — जो इसे महज सहज विरोध से अलग करती है। इलाके में आगे किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।
आगे क्या
पुलिस का ध्यान अब शेष अज्ञात आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी पर केंद्रित है। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मुंबई में अतिक्रमण-विरोधी अभियानों को लेकर पहले से ही तनाव का माहौल है। अदालती आदेशों के तहत जारी इस अभियान की अगली कार्रवाई पर भी सभी की नजर है।