कटवा में RPF-GRP कर्मियों पर हमला: TMC पार्षद सुबल राजुआर समेत तीन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के कटवा शहर में 16 मई को रेलवे पटरियों के पास सड़क क्रॉसिंग की माँग को लेकर चल रहा विरोध-प्रदर्शन उस वक्त हिंसक हो गया, जब कथित तौर पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के कर्मियों पर हमला किया गया। इस घटना के बाद पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्षद सुबल राजुआर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
मुख्य घटनाक्रम
स्थानीय निवासी रेलवे पटरियों के निकट एक सड़क क्रॉसिंग बनाने की माँग को लेकर एकत्र हुए थे। जाँचकर्ताओं के अनुसार, जैसे-जैसे प्रदर्शन उग्र होता गया, GRP और RPF के जवानों ने भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया। अधिकारियों का आरोप है कि इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया और उन्हें शारीरिक रूप से रोका।
पुलिस ने पुष्टि की कि कटवा नगर पालिका के वार्ड नंबर 19 के पार्षद और TMC नेता सुबल राजुआर तथा दो अन्य व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। घटना के बाद GRP और RPF की संयुक्त टीमों ने अभियान चलाकर गिरफ्तारियाँ कीं।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। इनमें सरकारी कर्मचारियों पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा, गैर-कानूनी जमावड़ा और आपराधिक साजिश से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, लगाई गई धाराओं में से एक गैर-जमानती है।
गौरतलब है कि रेलवे पुलिस अधिकारियों ने विरोध स्थल से प्राप्त वीडियो फुटेज की जाँच शुरू कर दी है ताकि हिंसा में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके। अधिकारियों ने आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया है।
आरोपी पार्षद का पक्ष
गिरफ्तारी के बाद सुबल राजुआर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, 'मैंने किसी पर हमला नहीं किया है। मैं लोगों के लिए वहाँ गया था। एक सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन चल रहा था। मैं भीड़ को शांत करने की कोशिश कर रहा था।'
वहीं, कटवा नगर पालिका के चेयरमैन कमलाकांत चक्रवर्ती ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और स्पष्ट किया कि पार्टी गिरफ्तार पार्षद के साथ खड़ी रहेगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कटवा से नवनिर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक कृष्णा घोष ने TMC पर आक्रामक विरोध की राजनीति को बढ़ावा देने और कानून-व्यवस्था लागू करने के काम में दखल देने का आरोप लगाया। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है।
आगे क्या होगा
पुलिस वीडियो साक्ष्यों के आधार पर अतिरिक्त संदिग्धों की पहचान जारी रखे हुए है। मामले की जाँच जारी है और अदालत में पेशी की तारीख अभी तय होनी है। स्थानीय निवासियों की मूल माँग — रेलवे पटरियों के पास सड़क क्रॉसिंग — अभी भी अनसुलझी बनी हुई है।