क्या मणिपुर में सुरक्षा बलों ने दो सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया?

Click to start listening
क्या मणिपुर में सुरक्षा बलों ने दो सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया?

सारांश

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां की हैं। ये गिरफ्तारियां राज्य में उग्रवाद की समस्या से निपटने के लिए की गई हैं, जहां विभिन्न उग्रवादी समूह सक्रिय हैं। जानें इस ऑपरेशन के बारे में और क्या हो सकता है आगे।

Key Takeaways

  • सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों को गिरफ्तार किया।
  • गिरफ्तारियों से फंडिंग पर असर पड़ेगा।
  • राज्य में उग्रवाद का खतरा बढ़ा है।
  • हथियार और गोला-बारूद जब्त किए गए।
  • सुरक्षा अभियान जारी है।

इंफाल, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर में सुरक्षा बलों ने राज्य में सक्रिय उग्रवादी संगठनों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को जारी रखते हुए दो अलग-अलग ऑपरेशन में दो प्रमुख उग्रवादियों को गिरफ्तार किया।

ये गिरफ्तारियां रविवार को की गईं, जिनमें रिवॉल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (आरपीएफ) और प्रोग्रेसिव लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का एक सक्रिय सदस्य और कांग्लेईपक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) का एक कैडर शामिल है। दोनों मामलों में हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किए गए हैं।

पहले ऑपरेशन में, सिंगजामेई पुलिस स्टेशन (पीएस) क्षेत्र, इंफाल पश्चिम जिले में सुरक्षा बलों ने जबरन वसूली करने वाले आरपीएफ/पीएलए के सक्रिय सदस्य लैशराम कुल्लाबी मेइतेई (35) उर्फ रोनेल को उसके घर से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई। गिरफ्तारी के समय उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए, जिन्हें आगे की जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।

लैशराम कुल्लाबी मेइतेई पर उग्रवादी संगठनों के लिए जबरन वसूली, धमकी देने और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। सुरक्षा बलों का मानना है कि वह संगठन के लिए आर्थिक संसाधन जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। उसकी गिरफ्तारी से इन संगठनों की फंडिंग चेन पर गहरा असर पड़ने की संभावना है।

दूसरे ऑपरेशन में, इंफाल ईस्ट जिले के इरिबंग पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत कोंगबा खुनौ इलाके में सुरक्षा बलों ने केसीपी (ताइबंगानबा) के एक सक्रिय कैडर टेन्सुबम बैंगकिम सिंह (25) उर्फ चक-थेकपा उर्फ मंगंग पुंशीबा को गिरफ्तार किया। यह युवक बिष्णुपुर जिले के नाम्बोल लेइटोनजम माखा लेइकाई का निवासी है।

गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक 9 एमएम पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। हथियारों की बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि वह संगठन की सशस्त्र गतिविधियों में सक्रिय था। सुरक्षा बलों ने कहा कि ये हथियार संभवतः उग्रवादी हमलों या जबरन वसूली के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।

बता दें कि ये दोनों गिरफ्तारियां मणिपुर में जारी उग्रवाद विरोधी अभियान का हिस्सा हैं। राज्य में विभिन्न उग्रवादी समूहों द्वारा जबरन वसूली, हत्या और हिंसक गतिविधियां अभी भी चुनौती बनी हुई हैं। सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ महीनों में कई ऐसे ऑपरेशन किए हैं, जिनमें हथियार, गोला-बारूद और उग्रवादी सदस्य गिरफ्तार हुए हैं।

Point of View

इन गिरफ्तारियों से सुरक्षा स्थिति में सुधार की उम्मीद है। इस तरह के ऑपरेशन न केवल उग्रवादियों की गतिविधियों को रोकने में मदद करेंगे, बल्कि इससे समाज में कानून और व्यवस्था को भी बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

मणिपुर में गिरफ्तार उग्रवादी कौन हैं?
गिरफ्तार उग्रवादियों में आरपीएफ/पीएलए के सदस्य लैशराम कुल्लाबी मेइतेई और केसीपी के सदस्य टेन्सुबम बैंगकिम सिंह शामिल हैं।
इन गिरफ्तारियों का क्या असर होगा?
ये गिरफ्तारियां उग्रवादी संगठनों की फंडिंग चेन को प्रभावित कर सकती हैं और उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों के प्रयासों को मजबूत करेंगी।
सुरक्षा बलों ने कितने ऑपरेशन किए हैं?
पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों ने कई ऑपरेशन किए हैं, जिनमें उग्रवादी सदस्य और हथियार गिरफ्तार हुए हैं।
क्या मणिपुर में उग्रवाद की समस्या बढ़ रही है?
हाँ, राज्य में विभिन्न उग्रवादी समूहों द्वारा जबरन वसूली, हत्या और हिंसक गतिविधियां एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
गिरफ्तारियों के समय क्या सामान बरामद हुआ?
गिरफ्तारियों के समय हथियार, गोला-बारूद और मोबाइल फोन बरामद किए गए।
Nation Press