संयुक्त राष्ट्र प्रमुख गुटेरेस ने इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष में युद्धविराम की अपील की
सारांश
Key Takeaways
- युद्धविराम की अपील से लेबनान की स्थिरता बढ़ सकती है।
- संघर्ष ने आर्थिक संकट को जन्म दिया है।
- लेबनान में विस्थापन की संख्या बढ़ रही है।
- अंतरराष्ट्रीय समर्थन की आवश्यकता है।
- संघर्ष से मानवाधिकारों का हनन हो रहा है।
बेरूत, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शुक्रवार को हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच युद्धविराम की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने लेबनान की संप्रभुता और स्थिरता को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
गुटेरेस ने बेरूत में लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ आउन से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि वह यहां लेबनान के लोगों के एक मित्र के रूप में आये हैं और सभी से एकता की बात की।
गुटेरेस ने कहा, "दुर्भाग्यवश, लेबनान को इस युद्ध में घसीटा गया है, जिसे लोग नहीं चाहते थे।" उन्होंने उम्मीद जताई कि अगली बार जब वह यहां आएंगे, तो लेबनान में शांति होगी, जहां राज्य के पास बल प्रयोग का अधिकार होगा और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का पूरा सम्मान किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा, "यह अब सशस्त्र समूहों का समय नहीं है। यह मजबूत राज्यों का समय है।"
राष्ट्रपति आउन ने कहा कि इस संघर्ष के कारण आठ लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। उन्होंने उनकी स्थिति को संभालने की आवश्यकता पर बल दिया और संयुक्त राष्ट्र के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
आउन ने इजरायल के हमलों को रोकने की माँग की और इस कठिन समय में अंतरराष्ट्रीय समर्थन बढ़ने की उम्मीद जताई।
इस बीच, लेबनान के एक आर्थिक अधिकारी ने बताया कि देश की व्यापारिक उत्पादन गतिविधि में ५० प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि गैर-जरूरी सामानों की बिक्री ६०-८० प्रतिशत तक घट गई है।
बेरूत और माउंट लेबनान चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मोहम्मद शुकेयर ने कहा कि औद्योगिक और कृषि उत्पादन में क्रमशः लगभग ५० प्रतिशत और ४० प्रतिशत की गिरावट आई है। इसका कारण देशभर में उत्पादन इकाइयों का बंद होना और खाड़ी देशों को निर्यात में रुकावट है।
पर्यटन क्षेत्र में होटल की बुकिंग केवल १०-१५ प्रतिशत रह गई है, जबकि रेस्तरां का व्यवसाय लगभग ९० प्रतिशत तक घट गया है। ट्रैवल एजेंसियों ने भी कारोबार में ८० प्रतिशत गिरावट की सूचना दी है।
शुकेयर ने चेतावनी दी है कि यदि यह युद्ध लंबा चलता है, तो सैकड़ों व्यवसाय बंद हो सकते हैं और हजारों लोगों की नौकरियां जा सकती हैं, जिससे देश का आर्थिक और सामाजिक संकट और गहरा हो जाएगा।
२८ फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया है। हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के इलाकों पर रॉकेट दागे, जबकि इजरायल ने दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में उन ठिकानों पर हमला किया, जिन्हें वह हिजबुल्लाह के ठिकाने मानता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, मध्य पूर्व के इस संघर्ष की शुरुआत से अब तक लेबनान में ६३४ लोगों की मौत हुई है और १,५८६ लोग घायल हुए हैं।