इजरायल-लेबनान युद्धविराम का अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने स्वागत किया

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इजरायल-लेबनान युद्धविराम का अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने स्वागत किया

सारांश

इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों का युद्धविराम लागू हुआ है। यह संघर्ष पिछले एक महीने से जारी था, जिसमें 2000 से अधिक लोग मारे गए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस कदम का स्वागत किया है और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

Key Takeaways

  • इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों का युद्धविराम लागू हुआ।
  • इस संघर्ष में 2,000 से अधिक लोग मारे गए।
  • अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस कदम का स्वागत किया है।
  • संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से इसे पूरी तरह से पालन करने की अपील की है।
  • यह संघर्ष 2 मार्च को फिर से भड़क गया था।

बेरूत, १७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अंततः राहत की एक महत्वपूर्ण सूचना आई है। शुक्रवार को दोनों देशों के बीच १० दिनों का युद्धविराम प्रभावी हो गया। इस सीजफायर की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही की थी। इसका प्रमुख उद्देश्य पिछले एक महीने से जारी हिंसक संघर्ष को समाप्त करना है, जिसमें २,००० से अधिक लोगों की जानें जा चुकी हैं।

जैसे ही युद्धविराम लागू हुआ, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसका स्वागत किया और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि हम उन सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं जो 'ब्लू लाइन' के दोनों ओर हिंसा और पीड़ा को समाप्त करने में सहायक हों। उन्होंने संबंधित पक्षों से इस युद्धविराम का पूरी तरह पालन करने की अपील भी की।

गुटेरेस ने एक्स पोस्ट में लिखा, “मैं इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष-विराम की घोषणा का स्वागत करता हूं और इसे संभव बनाने में अमेरिका की भूमिका की सराहना करता हूं। मुझे उम्मीद है कि इससे इस संघर्ष के दीर्घकालिक समाधान की दिशा में बातचीत का रास्ता खुलेगा और इस क्षेत्र में स्थायी एवं व्यापक शांति की दिशा में चल रहे प्रयासों में मदद मिलेगी। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे संघर्ष-विराम का पूरी तरह सम्मान करें और हर समय अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करें।”

वहीं, अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल-गीत ने इस समझौते को लेबनान के लोगों की पीड़ा कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने सभी पक्षों से तात्कालिक पालन करने और स्थायी शांति के लिए गंभीर बातचीत शुरू करने का आग्रह किया।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने भी इस युद्धविराम का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम समझौते का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युद्ध को रोकना है।

मिस्र ने इसे क्षेत्रीय तनाव कम करने और इजरायली हमलों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे इस युद्धविराम को स्थायी बनाने, मानवीय सहायता पहुंचाने और विस्थापित लोगों की घर वापसी सुनिश्चित करने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

संयुक्त अरब अमीरात और कतर ने भी इस पहल का समर्थन किया और उम्मीद जताई कि यह क्षेत्र में स्थिरता और स्थायी शांति की दिशा में एक मजबूत आधार बनेगा।

ज्ञात हो कि नवंबर २०२४ से लागू पिछला युद्धविराम भी पूरी तरह सफल नहीं रहा था और लगभग रोजाना हमले जारी रहे। यह संघर्ष २ मार्च को फिर भड़क गया, जब हिजबुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेट दागे, जिसके जवाब में लेबनान में भारी हवाई हमले किए गए।

Point of View

NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

युद्धविराम कब लागू हुआ?
युद्धविराम शुक्रवार को लागू हुआ।
इस संघर्ष में कितने लोग मारे गए?
इस संघर्ष में 2000 से अधिक लोग मारे गए।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस युद्धविराम का स्वागत किया और शांति बनाए रखने की अपील की।
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