दार्जिलिंग में ईसीआई की मतदाता जागरूकता वॉकाथॉन, लोगों ने उत्साह से भाग लिया
सारांश
Key Takeaways
- जागरूकता वॉकाथॉन का आयोजन दार्जिलिंग में किया गया।
- युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साह से भाग लिया।
- मतदान का महत्व समझाने के लिए लोकप्रिय किरदार शामिल हुए।
- दार्जिलिंग की प्राकृतिक सुंदरता और चुनावी उत्सव का संगम।
- निर्वाचन आयोग का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना है।
कोलकाता, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आज सुबह लोकतंत्र का उत्सव एक विशेष तरीके से मनाया गया। भारत निर्वाचन आयोग के एसवीईईपी (स्वीप) कार्यक्रम के अंतर्गत यहाँ एक जागरूकता वॉकाथॉन का आयोजन हुआ, जिसमें युवाओं और बुजुर्गों ने जोश से भाग लिया।
निर्वाचन आयोग के एसवीईईपी 'एक्स' हैंडल पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, "धुंध भरी सुबह में चौक बाजार (चौरास्ता) पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत मतदाता शपथ के साथ हुई, जिसके उपरांत उत्साह से भरी वॉकाथॉन निकाली गई। विशेष बात यह रही कि इस वॉकाथॉन का नेतृत्व वरिष्ठ नागरिकों ने किया, जबकि युवाओं ने भी पूरे उत्साह के साथ इसमें भाग लिया।"
इस कार्यक्रम में लोगों को जागरूक करने के लिए लोकप्रिय कार्टून किरदार 'छोटा भीम' और 'चुटकी' भी शामिल हुए, जिन्होंने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। इस दौरान दार्जिलिंग की पहाड़ियों में शांतिपूर्ण और उत्सव जैसे चुनाव का संदेश गूंजता रहा। लोगों से अपील की गई कि मतदान करना उनका अधिकार ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है।
गौरतलब है कि दार्जिलिंग को 'क्वीन ऑफ द हिल्स' के नाम से जाना जाता है। पूर्वी हिमालय में लगभग 2,045 मीटर की ऊँचाई पर बसा यह नगर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, प्रसिद्ध दार्जिलिंग चाय, और कंचनजंगा पर्वत के अद्भुत दृश्यों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहाँ का टाइगर हिल सूर्योदय के अद्भुत दृश्यों के लिए जाना जाता है, जहाँ से माउंट एवरेस्ट और कंचनजंगा का दृश्य देखा जा सकता है। इसके अतिरिक्त, हैप्पी वैली टी एस्टेट जैसे चाय बागान भी यहाँ की पहचान हैं।
पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। इसके बाद 4 मई को मतगणना की जाएगी।
ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से निर्वाचन आयोग का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करना और लोकतंत्र को मजबूत बनाना है।