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इजरायल-लेबनान युद्धविराम से भारतीय शेयर बाजार को मिली मजबूती, सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की उछाल

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इजरायल-लेबनान युद्धविराम से भारतीय शेयर बाजार को मिली मजबूती, सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की उछाल

सारांश

भारतीय शेयर बाजारों ने इजरायल-लेबनान युद्धविराम की घोषणा के बाद हल्की तेजी का अनुभव किया। वैश्विक तेल की कीमतों में राहत ने भी बाजार को सहारा दिया। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, जबकि विशेषज्ञ निफ्टी के 24,500 स्तर को महत्वपूर्ण मानते हैं।

मुख्य बातें

इजरायल-लेबनान युद्धविराम से बाजार में तेजी आई।
तेल की कीमतों में कमी ने भी सहारा दिया।
निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की बढ़त देखी गई।
विदेशी निवेशकों ने खरीदारी की है।

मुंबई, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजारों ने शुक्रवार को शुरुआत में स्थिरता दिखाई, लेकिन जल्दी ही हल्की तेजी का अनुभव किया। वैश्विक तेल की कीमतों में कमी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजरायल-लेबनान के बीच युद्धविराम की घोषणा ने बाजार में उत्साह भरा।

बीएसई सेंसेक्स 77,976 पर खुला, जो कि 12 अंक या 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट को दर्शाता है। दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी 30 अंकों, यानी 0.13 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 24,165 पर खुला। कारोबार के दौरान बाजार में हल्की मजबूती बनी रही। सेंसेक्स 30 शेयरों का है और यह 142 अंक यानी 0.18 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 78,130 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 शेयरों का है और यह 28 अंक यानी 0.11 प्रतिशत बढ़कर 24,224 पर कारोबार करता दिखा। एफएमसीजी, एनर्जी और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी ने बाजार को मजबूती प्रदान की।

हालांकि, प्रारंभिक कारोबार में एचडीएफसी लाइफ, विप्रो, हिंदाल्को इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसे शेयरों में गिरावट देखी गई, जिससे बाजार की तेजी सीमित रही।

यदि व्यापक बाजार की बात करें, तो माइक्रो-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। निफ्टी माइक्रोकैप 250 इंडेक्स में करीब 1 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 250 में भी लगभग 1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

विश्लेषकों का मानना है कि इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम से वैश्विक तनाव में कमी आ सकती है, जिससे बाजार को सहारा मिला है। फिर भी, उन्होंने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं और बाजार की ऊँची अस्थिरता को देखते हुए सोच-समझकर निवेश करना बेहतर होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के 24,500 के स्तर को मजबूती से पार करने और उस पर टिके रहने के बाद ही नए निवेश की शुरुआत करना उचित रहेगा, क्योंकि इससे बाजार में स्थायी तेजी का संकेत मिलेगा।

तेल बाजार में भी गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.4 प्रतिशत तक गिरकर 97.99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 2 प्रतिशत गिरकर 92.91 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

वैश्विक बाजारों की स्थिति में, वॉल स्ट्रीट सकारात्मक बंद हुआ। एसएंडपी 500 में 0.26 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके विपरीत, एशियाई बाजारों में कमजोरी देखी गई, जहां निक्केई, कोस्पी और हैंग सेंग में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भारतीय बाजार में 382 करोड़ रुपए की खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने मुनाफावसूली करते हुए 3,400 करोड़ रुपए से अधिक के शेयर बेचे।

संपादकीय दृष्टिकोण

निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। इस स्थिति में सोच-समझकर निवेश करना महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इजरायल-लेबनान युद्धविराम का भारतीय शेयर बाजार पर क्या प्रभाव पड़ा?
इस युद्धविराम की घोषणा ने भारतीय शेयर बाजार में हल्की तेजी का अनुभव कराया, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा।
क्या निवेशकों को अभी भी सतर्क रहना चाहिए?
हाँ, विशेषज्ञों की सलाह है कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए सतर्क रहना बेहतर होगा।
सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी बढ़त देखने को मिली?
सेंसेक्स 142 अंक बढ़कर 78,130 पर और निफ्टी 28 अंक बढ़कर 24,224 पर पहुंचा।
तेल की कीमतों में क्या बदलाव आया है?
ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.4 प्रतिशत गिरकर 97.99 डॉलर प्रति बैरल हो गई है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों का क्या रुख है?
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार में खरीदारी की है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने मुनाफावसूली की।
राष्ट्र प्रेस
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