विप्रो का चौथी तिमाही में मुनाफा 1.89%25 गिरा, बायबैक की घोषणा की 15,000 करोड़ रुपए का
सारांश
Key Takeaways
- विप्रो का समेकित शुद्ध मुनाफा 1.89%25 घटा।
- तिमाही आधार पर मुनाफे में 12.27%25 की वृद्धि।
- कंपनी ने 15,000 करोड़ रुपए के बायबैक की घोषणा की।
- आगामी राजस्व का अनुमान 2,597 से 2,651 मिलियन डॉलर।
- एआई में निवेश पर जोर।
मुंबई, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत की प्रमुख आईटी कंपनी विप्रो ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (क्यू4) के नतीजे सार्वजनिक किए हैं। इस अवधि में, कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा (नेट प्रॉफिट) सालाना आधार पर 1.89 प्रतिशत घटकर 3,501.8 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2025 की इसी तिमाही में यह 3,569.6 करोड़ रुपए था।
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि तिमाही आधार पर, मुनाफे में 12.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
प्रति शेयर आय (ईपीएस) 3.34 रुपए (0.041 डॉलर) रही, जो तिमाही आधार पर 12.1 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन सालाना आधार पर 2.1 प्रतिशत घट गई।
राजस्व (रेवेन्यू) की बात करें तो मार्च तिमाही में, यह सालाना आधार पर 7.69 प्रतिशत बढ़कर 24,236.3 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले 22,504.2 करोड़ रुपए था।
तिमाही आधार पर, राजस्व में 2.88 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
भविष्य के अनुमान के बारे में, विप्रो ने कहा कि जून 2026 की तिमाही में उसके आईटी सर्विसेज सेगमेंट का राजस्व 2,597 मिलियन डॉलर से 2,651 मिलियन डॉलर के बीच रहने की उम्मीद है।
यह स्थिर मुद्रा के आधार पर -2.0 प्रतिशत से 0 प्रतिशत के बीच की ग्रोथ गाइडेंस को दर्शाता है।
कंपनी के बोर्ड ने 60 करोड़ पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयरों के बायबैक को भी मंजूरी दी है, जो कुल इक्विटी पूंजी का 5.7 प्रतिशत है। यह बायबैक अधिकतम 15,000 करोड़ रुपए तक का होगा और प्रति शेयर मूल्य 250 रुपए निर्धारित की गई है, जो शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
कंपनी के सीईओ और प्रबंध निदेशक श्रीनि पालिया ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में हो रही तेज प्रगति ग्राहकों की प्राथमिकताओं को बदल रही है और नए अवसर पैदा कर रही है।
उन्होंने कहा, "एआई-फर्स्ट दुनिया में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए हम 'एआई नेटिव बिजनेस एंड प्लेटफॉर्म्स' यूनिट के जरिए सर्विस-एज-ए-सॉफ्टवेयर मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं।"
वहीं, कंपनी की सीएफओ अपर्णा अय्यर ने कहा कि कंपनी ने ग्राहकों, क्षमताओं और टैलेंट में लगातार निवेश किया है, साथ ही मार्जिन को स्थिर बनाए रखा है।
उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी ने साल के दौरान अपने कैश का बड़ा हिस्सा डिविडेंड के रूप में शेयरधारकों को लौटाया है।