आंध्र प्रदेश में डीआरआई ने अल्प्राजोलम की अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश, 47 करोड़ रुपये की ड्रग्स की बरामदगी

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आंध्र प्रदेश में डीआरआई ने अल्प्राजोलम की अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश, 47 करोड़ रुपये की ड्रग्स की बरामदगी

सारांश

आंध्र प्रदेश में डीआरआई ने एक बड़ी कार्रवाई में अल्प्राजोलम की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। 237 किलोग्राम ड्रग्स, जिसकी कीमत 47 करोड़ रुपये है, बरामद की गई। जानें इस ऑपरेशन के बारे में और क्या है इसके पीछे का सच।

Key Takeaways

  • डीआरआई ने अल्प्राजोलम की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।
  • 237 किलोग्राम ड्रग्स जब्त की गई, जिसकी कीमत 47 करोड़ रुपये है।
  • खुफिया जानकारी पर आधारित विशेष अभियान "ऑपरेशन व्हाइट हैमर" चलाया गया।
  • डीआरआई ने अब तक आठ अवैध ड्रग निर्माण इकाइयों को ध्वस्त किया है।
  • हैदराबाद पुलिस ने चार ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया।

अमरावती, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश में सिंथेटिक ड्रग्स के अवैध निर्माण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने अल्प्राजोलम बनाने वाली एक गुप्त फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। एजेंसी ने एनटीआर जिले के कोंडापल्ली औद्योगिक विकास क्षेत्र में छापेमारी कर 237 किलोग्राम ड्रग्स जब्त की, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 47 करोड़ रुपये है।

डीआरआई ने इस फैक्ट्री से 3.5 टन रसायन भी बरामद किए हैं और इस मामले में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

11-12 मार्च को खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए विशेष अभियान "ऑपरेशन व्हाइट हैमर" के तहत यह कार्रवाई की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि एक रसायन निर्माण इकाई के नाम पर अल्प्राजोलम का बड़े पैमाने पर अवैध उत्पादन किया जा रहा था।

तलाशी के दौरान 237 किलोग्राम अल्प्राजोलम के अलावा 800 किलोग्राम से अधिक कच्चा माल, 2860 लीटर विभिन्न रसायन और औद्योगिक उपकरण जैसे रिएक्टर, ड्रायर और सेंट्रीफ्यूज भी बरामद किए गए। एजेंसी का कहना है कि यह एक संगठित और बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा अवैध उत्पादन केंद्र था।

डीआरआई के मुताबिक प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन एक अनुभवी केमिस्ट द्वारा किया जा रहा था, जिसके पास रसायन और फार्मा क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव था। उसका एक सहयोगी हैदराबाद में कच्चे माल की व्यवस्था और ड्रग्स की आपूर्ति का कार्य देखता था। आरोपियों ने अल्प्राजोलम के गुप्त उत्पादन के लिए फैक्ट्री परिसर किराए पर लिया हुआ था।

यह ड्रग नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के तहत नियंत्रित साइकोट्रॉपिक पदार्थ है। डीआरआई ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

डीआरआई के अनुसार चालू वित्त वर्ष में खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए अभियानों में अब तक आठ अवैध ड्रग निर्माण इकाइयों को ध्वस्त किया जा चुका है। एजेंसी ने इसे सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बताया है।

इसी बीच, हैदराबाद में शहर पुलिस ने चार ड्रग तस्करों को गिरफ्तार कर 3.2 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। सूचना के आधार पर हैदराबाद पुलिस कमिश्नरेट के टास्क फोर्स (चारमीनार जोन) की टीम ने अट्टापुर, चंद्रयानगुट्टा और मैलार्डेवपल्ली पुलिस थानों के साथ मिलकर अलग-अलग अभियानों में दो अंतरराज्यीय तस्करों और दो स्थानीय पेडलरों को पकड़ा।

पुलिस के अनुसार आरोपी सूखा गांजा ले जाकर उसकी बिक्री कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान 3.2 किलोग्राम सूखा गांजा जब्त किया गया।

Point of View

बल्कि समाज के स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। सरकार की नशा मुक्त भारत अभियान की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

डीआरआई की कार्रवाई का क्या महत्व है?
डीआरआई की कार्रवाई अवैध ड्रग निर्माण पर नकेल कसने और समाज में नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है।
अल्प्राजोलम क्या है?
अल्प्राजोलम एक नियंत्रित साइकोट्रॉपिक पदार्थ है जो आमतौर पर चिंता और नींद की समस्याओं के इलाज के लिए उपयोग होता है।
डीआरआई ने कितने अभियानों में अवैध ड्रग निर्माण इकाइयों को ध्वस्त किया है?
इस वित्त वर्ष में डीआरआई ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर कुल आठ अवैध ड्रग निर्माण इकाइयों को ध्वस्त किया है।
क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
हाँ, इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
हैदराबाद में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
हैदराबाद पुलिस ने चार ड्रग तस्करों को गिरफ्तार कर 3.2 किलोग्राम गांजा बरामद किया है।
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