आंध्र प्रदेश में अवैध अल्प्राजोलम उत्पादन का भंडाफोड़: 237 किलो ड्रग्स के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- डीआरआई ने आंध्र प्रदेश में एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।
- 237 किलो अल्प्राजोलम जब्त किया गया।
- इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 47 करोड़ रुपए है।
- दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
- यह कार्रवाई नशा मुक्त भारत अभियान का हिस्सा है।
अमरावती, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले में अवैध सिंथेटिक ड्रग्स के निर्माण के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक गुप्त फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस विशेष अभियान, जिसका नाम ऑपरेशन व्हाइट हैमर रखा गया, के दौरान अधिकारियों ने 237 किलो अल्प्राजोलम जब्त किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 47 करोड़ रुपए है।
इस कार्रवाई को 11 और 12 मार्च 2026 को आंध्र प्रदेश के कोंडापल्ली इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एरिया, जिला एनटीआर में अंजाम दिया गया। खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए इस सुनियोजित ऑपरेशन में अधिकारियों ने एक औद्योगिक इकाई का पर्दाफाश किया जो केमिकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की आड़ में प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक ड्रग अल्प्राजोलम का अवैध उत्पादन कर रही थी।
डीआरआई की टीम द्वारा परिसर की तलाशी में 237 किलो अल्प्राजोलम के अलावा 800 किलोग्राम से अधिक प्रमुख कच्चा माल, 2860 लीटर विभिन्न प्रकार के रसायन और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले औद्योगिक उपकरण बरामद किए गए। जब्त किए गए उपकरणों में रिएक्टर, ड्रायर और सेंट्रीफ्यूज जैसी मशीनें शामिल हैं।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इस अवैध कारोबार का संचालन एक अनुभवी केमिस्ट द्वारा किया जा रहा था, जिसे रासायनिक और फार्मास्युटिकल क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उसने अपने सहयोगी के साथ मिलकर यह नेटवर्क स्थापित किया था। आरोपी का सहयोगी हैदराबाद में कच्चे माल की व्यवस्था करने और तैयार ड्रग्स के वितरण का कार्य संभालता था। दोनों आरोपियों ने अवैध तरीके से अल्प्राजोलम बनाने के लिए फैक्ट्री परिसर को किराए पर लिया था। डीआरआई ने इस मामले में दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
अधिकारियों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के दौरान खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए अभियानों में DRI अब तक आठ गुप्त ड्रग निर्माण इकाइयों को ध्वस्त कर चुका है। यह कार्रवाई केंद्र सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समाज को मादक पदार्थों और साइकोट्रोपिक ड्रग्स के खतरे से सुरक्षित रखना है। डीआरआई ने स्पष्ट किया है कि देश में ड्रग्स के अवैध निर्माण और तस्करी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।