क्या झारखंड के पाकुड़ में ट्रेन डिरेल करने की साजिश का खुलासा हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- पाकुड़ में ट्रेन डिरेल करने की साजिश का खुलासा हुआ।
- तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
- असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है।
- चालक की सतर्कता से बड़ा हादसा टला।
- आरपीएफ की जांच जारी है।
पाकुड़, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पाकुड़ जिले में रामपुरहाट-गुमानी रेलखंड पर ट्रेन को डिरेल करने की एक बड़ी साजिश का मामला सामने आया है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी ने इस मामले में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरपीएफ की जानकारी के अनुसार, 10 जनवरी की रात लगभग 10 से 10.30 बजे के बीच हावड़ा डिवीजन के कोटालपोखर–तिलभीट्टा स्टेशन के बीच पिलर संख्या 156/4 के पास डाउन लाइन पर लगभग पांच फीट लंबा लोहे का टुकड़ा रखा गया था।
इसी दौरान एक मालगाड़ी का इंजन उस लोहे के टुकड़े से टकरा गया, जिससे आधा दर्जन से अधिक कंक्रीट स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, चालक की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की जानकारी तुरंत रेलवे प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी ने अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
इस जांच के दौरान पाकुड़ सदर प्रखंड के रानीपुर गांव निवासी यार मोहम्मद शेख, संग्रामपुर गांव के राहुल शेख और कुमारपुर गांव के नाजमी शेख को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में तीनों ने इस घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। आरपीएफ निरीक्षक ने बताया कि तीनों को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी।
इस घटना को लेकर सीनियर सेक्शन इंजीनियर उज्जवल कुमार की लिखित शिकायत पर जीआरपी ने कांड संख्या 01/2026 दर्ज की है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यदि असामाजिक तत्व अपनी साजिश में सफल हो जाते तो न केवल रेलवे को भारी नुकसान होता, बल्कि जानमाल की भी गंभीर क्षति हो सकती थी। फिलहाल, ट्रैक की मरम्मत कर परिचालन सामान्य कर दिया गया है।
आरपीएफ ने कहा कि मामले की जांच जारी है और यदि इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। ट्रैक पर लोहे का टुकड़ा रखने के पीछे का उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। रिमांड के दौरान आरोपियों से विस्तार से पूछताछ कर साजिश के मकसद और संभावित नेटवर्क का पता लगाया जाएगा।